765 केवी हाईटेंशन लाइन से एक करोड़ का तार चोरी, अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार

खबर सार :-

बनेड़ा पुलिस ने 765 केवी ब्यावर-मंदसौर ट्रांसमिशन लाइन से करीब एक करोड़ रुपए का तार चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया। सात आरोपी गिरफ्तार, स्कॉर्पियो और बोलेरो पिकअप जब्त।
हाईटेंशन लाइन से एक करोड़ का तार चोरी, गिरोह का पर्दाफाश

खबर विस्तार : -

शाहपुरा: ब्यावर से मंदसौर जा रही 765 केवी हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइन को निशाना बनाकर करीब एक करोड़ रुपए कीमत का तार चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का बनेड़ा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो और महिंद्रा बोलेरो पिकअप भी जब्त की गई हैं।

पुलिस के अनुसार गिरोह ने बनेड़ा थाना क्षेत्र के रक्षी, मेघरास और सावास इलाके में ट्रांसमिशन लाइन को निशाना बनाया था। आरोपियों ने करीब 2080 मीटर तार चोरी किया। वारदात के दौरान ट्रांसमिशन लाइन को भी नुकसान पहुंचा।

टावर नंबर 76/9 और 76/10 के बीच काटा तार

मामला 24 अगस्त 2024 को सामने आया था। राजलक्ष्मी पावर ट्रांसमिशन लाइन के सहायक प्रबंधक श्रीकांत प्रसाद श्रीवास्तव ने बनेड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक टावर नंबर 76/9 और 76/10 के बीच चोरों ने हाईटेंशन लाइन का तार काट दिया था। चोरों ने करीब 5204.2080 मीटर तार काटने का प्रयास किया, जिसमें से लगभग 2080 मीटर तार चोरी कर लिया गया। तार काटने के दौरान हाईड्रोजन फिटिंग को भी नुकसान पहुंचा और लाइन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।

पहले करते थे रेकी, फिर रात में वारदात

पुलिस जांच में गिरोह के वारदात करने का तरीका सामने आया। पुलिस के अनुसार आरोपी पहले ट्रांसमिशन लाइन और आसपास के इलाके की रेकी करते थे। इसके बाद रात में टावर पर चढ़कर तार काटते थे। तार काटने के बाद उसे फंदे और अन्य साधनों की मदद से नीचे उतारा जाता था। गिरोह के कुछ सदस्य आसपास निगरानी रखते थे, जबकि अन्य तार काटने और उसे वाहनों में लोड करने का काम करते थे। चोरी किया गया तार वाहनों में भरकर मौके से ले जाया जाता था और बाद में उसे बेचने की व्यवस्था की जाती थी।

मोबाइल नंबरों और तकनीकी साक्ष्यों से मिली सुराग

पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ तकनीकी अनुसंधान शुरू किया। संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई गई और पूर्व में चोरी, लूट, डकैती सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल संदिग्धों के बारे में भी जानकारी एकत्र की गई। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस जांच आगे बढ़ी और टीम सात आरोपियों तक पहुंची।

स्कॉर्पियो और बोलेरो पिकअप जब्त

पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो और महिंद्रा बोलेरो पिकअप जब्त की है। पुलिस के अनुसार इन वाहनों का इस्तेमाल चोरी किए गए तार को मौके से ले जाने में किया गया था। अब यह भी जांच की जा रही है कि इन वाहनों का इस्तेमाल गिरोह ने अन्य वारदातों में किया था या नहीं। पुलिस ने मामले में ओमप्रकाश काजला जाट (33), निवासी टिकरिया, थाना थोई, सीकर; राकेश पुत्र शंकरलाल रोलेण जाट (24), निवासी लाम्बा की ढाणी, कांट; संदीप लाम्बा (24), निवासी लाम्बा की ढाणी, कांट; नितिन सैन (23), निवासी कांट; राकेश कुमार स्वामी (27), निवासी भावदाड़ी, थाना थोई; महीपाल जाट (32), निवासी कांट और मनोज कुमार यादव (26), निवासी कांट को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार कुछ आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी चोरी सहित विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज रहे हैं। पुलिस उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच करने के साथ गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में अनुसंधान जारी है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर चोरी के तार की बरामदगी और गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों के संबंध में आगे कार्रवाई की जा रही है।

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