भागलपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से छह बच्चों की मौत, करमा पर्व को लेकर पानी में गए थे बच्चे

खबर सार :-

भागलपुर के सुल्तानगंज के नारायणपुर गांव में बाढ़ के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से छह बच्चों की मौत हो गई। मृतकों में चार लड़के और दो लड़कियां शामिल हैं।
भागलपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से छह बच्चों की मौत

खबर विस्तार : -

भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में छह बच्चों की डूबने से मौत हो गई। घटना सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव में हुई। मृतकों में चार लड़के और दो लड़कियां शामिल हैं। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में मातम का माहौल है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी बच्चों के शव बरामद किए।

बाढ़ के पानी में स्नान करने गए थे बच्चे

जानकारी के मुताबिक, करमा पर्व को लेकर बच्चे पानी में गए थे। सभी बच्चे सड़क किनारे बने एक गड्ढे में जमा बाढ़ के पानी में स्नान करने के लिए पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि बच्चों को गड्ढे की वास्तविक गहराई का अंदाजा नहीं था। स्नान करने के दौरान बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों को जब बच्चों के डूबने की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल उन्हें बचाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बच्चों की तलाश की और घटना की सूचना सुल्तानगंज थाना पुलिस को दी। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया।

पुलिस ने बरामद किए सभी छह शव

सुल्तानगंज थाना पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से गड्ढे में बच्चों की तलाश की। काफी प्रयास के बाद सभी छह बच्चों के शव बरामद कर लिए गए। पुलिस ने शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए भेज दिया है। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से भी जानकारी ली। पुलिस के अनुसार, मृतकों में पांच बच्चे सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 27 के रहने वाले थे, जबकि एक बच्चा सबौर थाना क्षेत्र का निवासी था। हादसे की खबर जैसे ही बच्चों के परिवारों तक पहुंची, घरों में कोहराम मच गया। परिजन घटनास्थल और अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। बच्चों की मौत से परिवारों में गहरा शोक है।

गड्ढे की गहराई का नहीं था अंदाजा

सुल्तानगंज के थाना प्रभारी धनंजय कुमार ने बताया कि सड़क किनारे बने एक गड्ढे में बाढ़ का पानी जमा था। बच्चे उसी पानी में स्नान करने के लिए गए थे। पानी की गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण बच्चे गहरे हिस्से में चले गए और डूब गए। पुलिस ने सभी शव बरामद कर लिए हैं और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के दौरान कई सड़क किनारे के गड्ढे और निचले इलाके पानी से भर जाते हैं। ऐसे स्थानों की वास्तविक गहराई का पता नहीं चल पाता, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में बढ़ा खतरा

भागलपुर समेत बिहार के कई इलाकों में इन दिनों बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ के पानी के कारण सड़क किनारे बने गड्ढों, खेतों, तालाबों और अन्य निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई जगहों पर सामान्य रास्ते और जलभराव वाले स्थानों के बीच अंतर करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे हालात में बच्चों को जलजमाव वाले स्थानों से दूर रखना बेहद जरूरी है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से लगातार अपील की जाती रही है कि वे बाढ़ के पानी में जाने से बचें और बच्चों को ऐसे स्थानों पर अकेले न जाने दें। विशेष रूप से सड़क किनारे बने गड्ढों और अनजान जलस्रोतों में स्नान करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।

नारायणपुर गांव में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। छह बच्चों की एक साथ मौत से गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीण इस हादसे से सदमे में हैं। पुलिस की ओर से मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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