यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई, दो चालक और परिचालक गिरफ्तार, हादसे में 9 की मौत

खबर सार :-

यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत के मामले में जेवर पुलिस ने दो चालकों और एक परिचालक को गिरफ्तार किया है। हादसे की जांच जारी है।
यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड, दो चालक और परिचालक गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे पर 23 सितंबर की देर रात बस में आग लगने से हुए दर्दनाक हादसे के मामले में जेवर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने हादसे के बाद मौके से फरार हुए बस के दो चालकों और एक परिचालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, इस भीषण दुर्घटना में नौ लोगों की मौत हुई थी। मामले में थाना जेवर में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही थी।

पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों को 24 सितंबर को साबौता अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन निवासी कनपटियापुर, थाना रसूलाबाद, कानपुर देहात, योगेश दीक्षित निवासी पिनदारथु, थाना सिकंदरा, कानपुर देहात और रोहित कुमार निवासी अकबरपुर, कानपुर देहात के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पवन और योगेश बस में चालक की भूमिका में थे, जबकि रोहित कुमार परिचालक था।

दिल्ली से महोबा जा रही थी बस

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 23 सितंबर को वे बस लेकर नई दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जिले की ओर जा रहे थे। इसी दौरान यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में अचानक आग लग गई। आग लगने के बाद बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस के अनुसार, आग लगने के बाद तीनों आरोपी बस को छोड़कर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और अन्य संबंधित टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। बस में आग तेजी से फैलने के कारण कई यात्रियों को बाहर निकलने का पर्याप्त मौका नहीं मिल सका। इस हादसे में नौ लोगों की मौत की सूचना सामने आई थी। वहीं, कई यात्रियों को बचाकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद पुलिस ने हादसे के कारणों और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच शुरू कर दी।

राज कल्पना ट्रैवल्स कर रही थी बस का संचालन

पुलिस की जांच में सामने आया है कि बस का संचालन मध्य प्रदेश की राज कल्पना ट्रैवल्स द्वारा किया जा रहा था, जबकि बस का पंजीकरण बिहार राज्य का था। पुलिस अब बस के संचालन, उसके दस्तावेजों और यात्रा से संबंधित विभिन्न पहलुओं की भी जांच कर रही है। हादसे के बाद बस की स्थिति और उसमें मौजूद सुरक्षा उपकरणों को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आग किस वजह से लगी और हादसे के समय बस में सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

जेवर पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 281, 125बी, 105 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमों को लगाया गया था। जांच के दौरान मिली जानकारी और पुलिस की कार्रवाई के आधार पर तीनों आरोपियों को 24 सितंबर को साबौता अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपियों से हादसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ कर रही है।

हादसे के कारणों की जांच जारी

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बस में आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी। इसके अलावा वाहन की तकनीकी स्थिति, बस में मौजूद सुरक्षा व्यवस्था, आग लगने के बाद चालक और परिचालक की भूमिका तथा यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए उठाए गए कदमों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यात्रा के रूट, बस के संचालन और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, हादसे से जुड़े सभी तथ्यों को विवेचना में शामिल किया जा रहा है।

फिलहाल दो चालकों और परिचालक की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। हादसे की पूरी परिस्थितियों और आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

यह भी पढ़ेंः-ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड में 9 यात्री जिंदा जले, PM मोदी और सीएम योगी ने जताया दुख, मुआवजे का किया ऐलान

अन्य प्रमुख खबरें