PM Modi ने जवानों के साथ मनाई दिवाली, बोले- अब दिमागी नक्सलियों से लड़ना होगा

खबर सार :-

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि पूरा देश रोशनी से जगमगा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्षों की तरह, इस बार भी वे सैनिकों के साथ दिवाली मनाएंगे।
PM Modi ने बस्तर में जवानों के साथ मनाई दिवाली

खबर विस्तार : -

Diwali 2026: देश भर में दीपावली का त्योहर हर्षोउल्लास के साथ मनाया जा रहा है।  इस शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी है। साथ ही पीएम मोदी ने इस साल छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ दिवाली का पर्व मनाया। रविवार को उन्होंने सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्हें देश का परिवार बताया और उनके बलिदान, समर्पण तथा सेवा भाव को नमन किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं और देश के भीतर सुरक्षा करने वाले बहादुर सैनिक उनके अपने परिवार का हिस्सा हैं। यह दिवाली कई मायनों में खास है, क्योंकि देश ने नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों तक चले संघर्ष में जीत हासिल की है।

बस्तर में PM मोदी ने जवानों के साथ मनाई दिवाली

पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरा देश, और दुनिया भर में रह रहे करोड़ों भारतीय, रोशनी का त्योहार 'दिवाली' मना रहे हैं। इस त्योहार पर लोग अपने परिवारों के साथ खुशियां बांटने के लिए दूर-दूर से अपने घर लौटते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने भी सैनिकों के बीच दिवाली मनाने का फैसला इसलिए लिया, क्योंकि देश की सुरक्षा में तैनात सभी लोग उनके परिवार का ही हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसे करगिल से लेकर लेपचा तक, और तटीय इलाके के सर क्रीक से लेकर समुद्र में तैनात आईएनएस विक्रांत तक इन बहादुर सैनिकों के साथ बिताई गई हर दिवाली उनके लिए एक यादगार अनुभव रही है। इस साल उन्हें बस्तर के जंगलों में सैनिकों के साथ यह त्योहार मनाने का अवसर मिला।

पीएम ने कहा- दिमागी नक्सलियों से लड़ना होगा

बस्तर में आए बदलावों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि कभी यही इलाका नक्सलवाद के आतंक से जूझ रहा था। लेकिन, सैनिकों के बलिदान, दृढ़ता और समर्पण की बदौलत अब वह आतंक खत्म हो चुका है, जिससे विकास के एक नए युग का रास्ता खुला है। इसे एक असाधारण उपलब्धि बताते हुए उन्होंने इसका श्रेय करोड़ों बहादुर सैनिकों और सुरक्षाकर्मियों को दिया। उन्होंने कहा कि वह देश के 140 करोड़ नागरिकों की ओर से आभार व्यक्त करने और सुरक्षा बलों के बलिदानों का सम्मान करने के लिए यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि दिवाली 2026 विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ देश की लंबी लड़ाई में मिली निर्णायक जीत के बाद की पहली दिवाली है। यह पहली ऐसी दिवाली है जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है, और करोड़ों नागरिक उस डर से आज़ाद हो गए हैं जो कभी उन पर थोपा गया था।

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प्रधानमंत्री ने देश की आंतरिक सुरक्षा में तैनात सभी सुरक्षा बलों के योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि देश उन सभी सैनिकों का ऋणी है जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने विशेष रूप से CRPF, कोबरा (CoBRA), BSF, ITBP, SSB, IRB और राज्य पुलिस बलों के जवानों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री मोदी ने 'बस्तर फाइटर्स' जैसी विशेष इकाइयों के कमांडो और महिला सुरक्षाकर्मियों के साहस और सेवा-भाव की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन जवानों ने देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अनगिनत बलिदान दिए हैं और असाधारण समर्पण दिखाया है। देश उनकी सेवा को हमेशा याद रखेगा।

नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में आई चुनौतियों का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संघर्ष बिल्कुल भी आसान नहीं था। एक समय ऐसा था जब लगभग 20 राज्यों के 230 से अधिक जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे। इन इलाकों में हालात इतने खराब थे कि शाम होते ही जनजीवन पूरी तरह ठप हो जाता था। उन्होंने बताया कि नक्सलियों ने लोगों से उनका वोट देने का अधिकार भी छीन लिया था। डर और हिंसा के माहौल में सामान्य जीवन जीना असंभव हो गया था। ऐसे कठिन हालात में, सुरक्षा बलों ने लगातार संघर्ष किया; अपने साहस और बलिदान के दम पर उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

देश के नागरिक एक सुरक्षित माहौल में मना रहे त्योहार

सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाते हुए, प्रधानमंत्री ने उनके परिवारों के योगदान को भी याद किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के बलिदान केवल उनके अपने नहीं हैं। इस जिम्मेदारी और समर्पण में उनके परिवार भी बराबर के भागीदार हैं। इन्हीं जवानों की बदौलत देश के नागरिक एक सुरक्षित माहौल में त्योहार मना पा रहे हैं।

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