कुशीनगर में Makhana Revolution की शुरुआत: किसान Vijay Sharma की पहल बनी मिसाल, तालाबों से बढ़ेगी किसानों की आय

खबर सार :-
छितौनी गांव के किसान विजय शर्मा ने मखाना की खेती के माध्यम से यह साबित कर दिया है कि नई सोच और आधुनिक तकनीक किसानों की आय में बड़ा बदलाव ला सकती है। उद्यान विभाग की सहायता और सरकारी योजनाओं के सहयोग से यह खेती कुशीनगर में कृषि विविधीकरण का नया मॉडल बन सकती है। आने वाले समय में मखाना उत्पादन क्षेत्र के किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि का मजबूत माध्यम बन सकता है।
कुशीनगर में Makhana Revolution की शुरुआत: किसान Vijay Sharma की पहल बनी मिसाल, तालाबों से बढ़ेगी किसानों की आय
खबर विस्तार : -

Kushinagar Makhana Farming: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के खड्डा तहसील क्षेत्र स्थित छितौनी गांव में एक किसान की नई सोच अब पूरे जिले के लिए प्रेरणा का केंद्र बनती जा रही है। गांव के प्रगतिशील किसान विजय शर्मा ने लगभग तीन हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले तालाबों में मखाना की खेती कर कृषि क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है। पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहने के बजाय उन्होंने जल संसाधनों का उपयोग करते हुए मखाना उत्पादन का सफल प्रयोग किया, जिससे क्षेत्र के किसानों के सामने आय बढ़ाने का नया विकल्प खुल गया है।

मखाना की खेती लंबे समय से बिहार और पूर्वी भारत के कुछ इलाकों तक सीमित मानी जाती रही है, लेकिन अब कुशीनगर में इसकी सफल खेती यह संकेत दे रही है कि उत्तर प्रदेश के जलभराव वाले क्षेत्रों में भी इस फसल की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। विजय शर्मा की इस पहल ने न केवल स्थानीय किसानों का ध्यान आकर्षित किया है, बल्कि कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारियों को भी प्रभावित किया है।

उद्यान विभाग ने किया स्थलीय निरीक्षण

किसान की सफलता की जानकारी मिलने पर जिला उद्यान अधिकारी कृष्ण कुमार चौधरी स्वयं छितौनी गांव पहुंचे और मखाना की खेती का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने तालाबों में तैयार हो रही फसल की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता और खेती की तकनीकों का बारीकी से अध्ययन किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारी ने पाया कि फसल की स्थिति संतोषजनक है और उत्पादन की संभावनाएं भी बेहतर दिखाई दे रही हैं। उन्होंने किसान द्वारा अपनाई गई तकनीकों की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।

Kushinagar Makhana Farming-Cash Crop Farming

मखाना खेती से बढ़ सकती है किसानों की आमदनी

निरीक्षण के बाद किसानों को संबोधित करते हुए जिला उद्यान अधिकारी ने कहा कि मखाना एक लाभकारी नकदी फसल है, जिसकी देश और विदेश दोनों बाजारों में लगातार मांग बनी रहती है। स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ होने के कारण इसकी खपत तेजी से बढ़ रही है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि यदि वैज्ञानिक तरीके और आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए तो मखाना की खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली फसल बन सकती है। विशेष रूप से ऐसे क्षेत्र जहां तालाब, पोखर या जलभराव वाले भूभाग उपलब्ध हैं, वहां किसान अतिरिक्त आय का मजबूत स्रोत विकसित कर सकते हैं।

विभाग देगा तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण

कृष्ण कुमार चौधरी ने किसानों को आश्वस्त किया कि उद्यान विभाग मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहयोग उपलब्ध कराएगा। विभाग किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों, बीज चयन, फसल प्रबंधन और विपणन संबंधी जानकारी प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसानों को इस खेती से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। किसानों को खेती की संपूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा ताकि वे उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ बेहतर गुणवत्ता भी सुनिश्चित कर सकें।

Makhana Farming-Makhana Development Scheme

मखाना विकास योजना के तहत आकर्षक अनुदान

जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि सरकार द्वारा संचालित मखाना विकास योजना किसानों के लिए काफी लाभदायक साबित हो रही है। इस योजना के तहत तालाब में मखाना खेती करने पर 71,600 रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा खेत में मखाना उत्पादन के लिए 52,800 रुपये की सहायता उपलब्ध है। नया तालाब निर्माण कराने पर किसानों को 2.80 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। वहीं मखाना प्रसंस्करण यूनिट स्थापित करने के लिए कुल लागत का 35 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा। योजना का उद्देश्य किसानों को उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण तक आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे इस फसल से अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।

अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बनी सफलता

विजय शर्मा की सफलता ने आसपास के गांवों के किसानों में भी उत्साह पैदा किया है। कई किसान अब मखाना खेती को आय बढ़ाने के बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं। किसानों का मानना है कि यदि विभागीय सहयोग, प्रशिक्षण और बाजार तक बेहतर पहुंच मिलती रही तो यह खेती क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है। कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि मखाना जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देकर कृषि विविधीकरण को मजबूत किया जा सकता है। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ जल संसाधनों का बेहतर उपयोग भी संभव होगा।

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