जल निकासी न होने से धान की फसल डूबी

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश के जिला बहराइच में बहराइच-गोंडा राजमार्ग पर पयागपुर बस स्टॉप से गल्ला मंडी तक पानी की निकासी व्यवस्था खराब है। इस कारण से क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों बीघे धान की फसल पानी में डूब गई है।
जल निकासी न होने से धान की फसल डूबी

खबर विस्तार : -

बहराइच। उत्तर प्रदेश के जिला बहराइच में बहराइच-गोंडा राजमार्ग पर पयागपुर बस स्टॉप से गल्ला मंडी तक पानी की निकासी व्यवस्था खराब है। इस कारण से क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों बीघे धान की फसल पानी में डूब गई है। जानकारी के अनुसार, प्रत्येक गांव की पानी की निकासी के लिए लोक निर्माण विभाग की तरफ से पहल की गई थी। यहां बहराइच गोंडा-मार्ग पर लाखों रुपए खर्च किए गए थे। पुलों का निर्माण कराया गया था, लेकिन दुकानदारों ने सरकारी पुलों को पाट दिया और सामने दुकानें बना लीं है। ऐसे में पानी की निकासी पूरी तरह से बंद हो गयी है। यह समस्या इस समय बढ गई है, क्योंकि जिले में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के चलते बहराइच जिला प्रशासन ने अगले दो दिनों के लिए स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गयी है। इस दौरान जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे। 

लाखों रुपये का नुकसान

किसानों ने बताया है कि इस वर्ष महंगे बीज और खाद के अलावा मजदूरी तथा अन्य कृषि लागत वहन कर धान की रोपाई की गई थी। यह सब बर्बाद हो रहा है। जल निकासी न होने के कारण खेतों में लगातार पानी भरा रहता है। इससे फसल के खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। यदि जल्द पानी की निकासी नहीं कराई गई तो किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है। इन किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। जो लोग परेशानियों का सामना कर रहे हैं, उनमें शिवकुमार सिंह, टेकचंद, टहलू बाबादीन दुबे, रामराज सैनी, श्याम सुंदर श्रीवास्तव, धर्मराज सैनी, मेवा माली, पोद्दार माली, श्रीराम डाकिया बुधराम बारी आदि हैं।

जल निकासी मार्गों को खुलवाने की मांग 

यह पहली बार नहीं हो रहा है। बारिश में सैेकडों बीघे पानी में डूब जाते हैं। इसके बाद भी स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत जलनिकासी वाले मार्ग बंद होने से है। अब अधिकारी इनको खुलवाने का भरोसा दे रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से तत्काल बंद पड़े जल निकासी मार्गों को खुलवाने की मांग की है। हालांकि प्रशासन ने उनकी दिक्कत दूर करने का आष्वासन दिया है। किसानों ने कहा यदि उनकी परेशानी दूर नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।

 

 

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