Union Budget 2026: चर्चाओं का बाजार गर्म, किसी ने बताया अवसर, तो कोई निराश

खबर सार :-
केंद्रीय बजट से बुंदेलखंड को मिलने वाली सौगात पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो चुका है। किसी ने इस बजट को अवसरों का बजट बताया तो कोई इससे निराश नजर आया है। बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकभसा में बजट पेश किया था। जिसमें बुलंदेखंड को भी सौगात मिली थी।

Union Budget 2026: चर्चाओं का बाजार गर्म, किसी ने बताया अवसर, तो कोई निराश
खबर विस्तार : -

झांसीः केंद्रीय बजट आने के बाद शहर में इस बजट के बारे में चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं, जहां विपक्ष इसको छलावा बता रहा है वहीं सत्ता पक्ष इसे अवसरों का बजट बता रहा है। इस बजट के बारे में झांसी ललितपुर के सांसद अनुराग शर्मा ने कहा कि बजट से बुंदेलखंड के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने बुंदेलखंड के लिए नए IIT क्रिएटर लैब की स्थापना के प्रस्ताव को क्षेत्र के इतिहास का सबसे बड़ा शैक्षणिक सुधार बताया।

किसानों और युवाओं पर फोकस

 इस लैब के आने से न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे बल्कि हमारे डिफेंस कॉरिडोर और औद्योगिक कलस्टारो  के लिए कुशल प्रतिभा भी तैयार होगी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक कुमार का इस बजट  के बारे में कहना है कि यह बजट मृदा कृषि किसान और बाजार को बढ़ाने वाला है। बजट में किसान की आय बढ़ाने मिट्टी परीक्षण बागवानी पशुपालन आदि पर विशेष जोर दिया गया है। 

इस बजट के बारे में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के शोधार्थी का कहना है कि इस बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने से झांसी ओरछा चंदेरी और खजुराहो जैसे स्थल पहले से ही विदेशी पर्यटकों की पसंद रहे हैं उम्मीद करते हैं कि इनकी संख्या और भी बढ़ेगी। प्रमुख रूप से IIT की उठी मांग पूरी होने की उम्मीद यहां की जनता लगाये हुई थी लेकिन बजट में IIT क्रिएटर लैब स्थापित करने की बात कही गई है जिससे इस क्षेत्र को नए अवसर भी पैदा होंगे। 

CA वर्ग ने कहा- बजट से मिलेगी राहत

शहर के बुद्धिजीवी वर्ग का कहना है की बुनियादी ढांचे औद्योगिक विकास सिंचाई सड़क संपर्क और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से मिलेगा। वहीं CA लॉबी का कहना है कि आयकर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है लेकिन आम टैक्स पेयर को रिटर्न फाइलिंग और अनुपालन से जुड़ी अहम राहत दी गई है। झांसी टैक्स बार एसोसिएशन का कहना है कि 2 करोड़ के ऊपर टर्नओवर वाले आयकर दाता को ऑडिट करना होता था यदि वह समय पर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए तो पेनल्टी के स्थान पर अब लेट फीस ली जाएगी यह भी एक राहत भरा कदम है। वही महानगर की महिला वर्ग गृहणी शिक्षिका, छात्राओं  का कहना है की महंगाई की वजह से किचन का बजट गड़बड़ा जाता है ऐसे में इस बार के बजट में यह उम्मीद थी कि किचन के बजट को कम करने के लिए फैसले लिए जाएंगे लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। 

सपा व बसपा ने जताई निराशा

वहीं विपक्ष के समाजवादी पार्टी बहुजन समाज पार्टी कांग्रेस नेता समाजवादी पार्टी छात्र सभा के प्रतिनिधियों का कहना है की बजट में कमर तोड़ महंगाई व बेरोजगारी से निजात पाने के लिए कुछ भी नहीं किया गया है। किसान की बिगड़ती आर्थिक स्थिति गरीबों को रोटी कपड़ा मकान की समस्या छात्र-छात्राओं की शिक्षा व रोजगार को लेकर बजट में कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा है। बहुजन समाज पार्टी का कहना है कि यह बजट पूर्ण रूप से पूंजी पतियों के लिए तैयार किया गया है इसमें मध्यम वर्ग का कोई ध्यान नहीं रखा गया है। कांग्रेस नेता का कहना है कि आर्थिक सुधारो के लिए स्पष्ट रोड मैप नहीं है इस बजट में आम आदमी का ना तो जिक्र है और ना ही कोई फिक्र है। इस प्रकार से इस बजट में देखा जाए तो महानगर में मिली जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही है। सत्ता पक्ष जहां इसे अवसरों का बजट बता रहा है वहीं विपक्ष ने इस बजट को लेकर अपनी निराशा जताई है।

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