सैनिक छात्रों ने वेतन की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में लगाई गुहार, बताई समस्या

खबर सार :-
'आपदा सैनिक' के रूप में सेवा दे रहे छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रामपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे। अपनी इस यात्रा के दौरान, छात्रों ने राज्य के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री से अपील करते हुए, अपने बकाया वेतन के भुगतान की गुहार लगाई।

सैनिक छात्रों ने वेतन की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में लगाई गुहार, बताई समस्या
खबर विस्तार : -

रामपुरः उत्तर प्रदेश के रामपुर में आपदा सैनिक के रूप में कार्य कर रहे छात्रों ने अपने बकाया वेतन की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। ये छात्र लंबे समय से विभिन्न आपात स्थितियों जैसे बाढ़, दुर्घटनाएं और अन्य संकट में सक्रिय रूप से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें नियमित वेतन नहीं मिलने के कारण गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन के समक्ष रखी समस्याएं

कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए छात्रों ने प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं और एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि वे सरकार की योजनाओं में पूरी निष्ठा के साथ सहयोग करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उनके कार्य का उचित पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है। छात्रों का कहना है कि वे न केवल अपनी पढ़ाई के साथ इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं, बल्कि समाज की सेवा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, फिर भी उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की कि उनकी स्थिति पर ध्यान दिया जाए और जल्द से जल्द उनके बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि लगातार अनदेखी से उनके मनोबल पर भी असर पड़ रहा है और आर्थिक संकट के चलते उनकी पढ़ाई और पारिवारिक जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही हैं।

आंदोलन की चेतावनी

छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित विभागों तक उनकी मांगों को पहुंचाकर उचित कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला न केवल छात्रों की आर्थिक स्थिति से जुड़ा है, बल्कि उन युवाओं के मनोबल और भविष्य से भी संबंधित है, जो आपदा के समय समाज की सेवा के लिए आगे आते हैं।

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