रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी से मरीजों को मिली नई जिंदगी, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
खबर सार :-
कार्यक्रम के दौरान रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के लाभों, आधुनिक ऑर्थोपेडिक उपचार पद्धतियों और मरीजों के सफल अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की गई। मैक्स हॉस्पिटल वैशाली ने इस अवसर पर बुंदेलखंड क्षेत्र के मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
खबर विस्तार : -
झांसी: एडवांस्ड रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के लाभों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली द्वारा झांसी में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अस्पताल के ऑर्थोपेडिक्स एवं रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी विभाग के डायरेक्टर डॉ. अखिलेश यादव ने आधुनिक रोबोटिक तकनीक से होने वाले फायदों और इसके सफल परिणामों की विस्तृत जानकारी दी।
मरीजों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के दौरान झांसी के दो मरीजों ने अपने सफल उपचार के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया और उन्हें फिर से सामान्य जीवन जीने में मदद की।
झांसी निवासी शरद शिवहरे दोनों घुटनों में गंभीर आर्थराइटिस से पीड़ित थे। बीमारी के कारण उन्हें चलने-फिरने और दैनिक गतिविधियां करने में काफी कठिनाई होती थी। वहीं, लक्ष्मी सिंह भी कई वर्षों से दोनों घुटनों के दर्द, सूजन और सीमित गतिशीलता की समस्या से जूझ रही थीं। दोनों मरीजों ने मैक्स हॉस्पिटल वैशाली में रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी करवाई, जिसके बाद उन्हें दर्द से राहत मिली और उनकी जीवनशैली में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
डॉ. अखिलेश यादव ने कहा कि जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की सफलता का वास्तविक पैमाना मरीज की बेहतर जीवन गुणवत्ता और उसकी सामान्य गतिविधियों में शीघ्र वापसी है। उन्होंने बताया कि रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी के माध्यम से इम्प्लांट की अत्यंत सटीक पोजिशनिंग, बेहतर बैलेंसिंग और मरीज की शारीरिक जरूरतों के अनुरूप सर्जिकल प्लानिंग संभव हो पाती है। इससे सर्जरी के परिणाम अधिक प्रभावी होते हैं और मरीजों की रिकवरी भी अपेक्षाकृत तेजी से होती है।
उन्होंने कहा कि घुटनों का आर्थराइटिस बुजुर्गों में विकलांगता का एक प्रमुख कारण है, लेकिन आधुनिक रोबोटिक तकनीक ने इसके उपचार को अधिक सुरक्षित, सटीक और प्रभावी बना दिया है। यदि किसी व्यक्ति को लगातार घुटनों में दर्द, सूजन, अकड़न या चलने-फिरने में कठिनाई महसूस हो रही है, तो उसे विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेकर समय पर उपचार कराना चाहिए।
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