मेले की खुशियां मातम में बदली: पीलीभीत में बाइक चोरी के तनाव में युवक ने की आत्महत्या, बाग में मिला शव

खबर सार :-
पीलीभीत के बरखेड़ा में मेले से बाइक चोरी होने के सदमे में एक 22 वर्षीय युवक ने पेड़ से लटककर अपनी जान दे दी। शाहजहांपुर का रहने वाला पिंकू अपने मामा के घर आया था। पढ़ें पूरी खबर।

मेले की खुशियां मातम में बदली: पीलीभीत में बाइक चोरी के तनाव में युवक ने की आत्महत्या, बाग में मिला शव
खबर विस्तार : -

पीलीभीत: थाना बरखेड़ा क्षेत्र से एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ मामा के घर आए एक युवक के लिए मेला देखना उसकी जिंदगी की आखिरी भूल साबित हुई। मेले से बाइक चोरी हो जाने के गहरे मानसिक दबाव और घर वालों की संभावित डांट के डर ने एक हंसते-खेलते युवा को मौत के गले लगाने पर मजबूर कर दिया। गुरुवार सुबह युवक का शव बाग में फंदे से लटका मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है।

 रिश्तेदारी में आया था युवक, मेले में हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाहजहांपुर जिले के थाना कांट अंतर्गत ग्राम दिलावरपुर का निवासी 22 वर्षीय पिंकू पुत्र लालाराम, बरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम अर्सियाबोझ में अपने मामा के घर आया हुआ था। बुधवार को वह अपने मामा की मोटरसाइकिल लेकर दियोरिया थाना क्षेत्र के इलाबांस देवल मंदिर में आयोजित मेले को देखने गया था। मेले की रौनक के बीच अज्ञात चोरों ने उसकी बाइक पर हाथ साफ कर दिया।

 बहन से आखिरी बातचीत और रहस्यमयी ढंग से लापता होना

बाइक गायब होने के बाद पिंकू काफी देर तक उसे मेले में तलाशता रहा, लेकिन सफलता नहीं मिली। शाम करीब 7 बजे उसने घबराए हुए स्वर में अपनी बहन नेहा को फोन किया और बाइक चोरी होने की सूचना दी। बहन ने उसे ढांढस बंधाने की कोशिश की, लेकिन पिंकू के मन में डर इस कदर बैठ चुका था कि उसने फोन काट दिया और उसके बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। देर रात तक जब वह घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।

 आम के बाग में फंदे से लटका मिला शव

गुरुवार की सुबह जब ग्रामीण अर्सियाबोझ गांव के पास स्थित एक आम के बाग की ओर गए, तो वहां का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पिंकू का शव एक पेड़ से प्लास्टिक की पतली रस्सी के सहारे लटका हुआ था। सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है; उन्होंने बताया कि पिंकू बाइक चोरी होने के बाद से ही अत्यधिक तनाव में था और संभवतः इसी ग्लानि और डर के कारण उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।

 कानूनी कार्रवाई से परिजनों का इनकार

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। हालांकि, मृतक के परिजनों ने किसी भी तरह की कानूनी कार्यवाही या पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। परिजनों के लिखित अनुरोध पर पुलिस ने पंचनामा भरकर शव उन्हें सौंप दिया। इसके बाद परिजन गमगीन माहौल में शव को लेकर अपने पैतृक गांव दिलावरपुर रवाना हो गए।

छोटे से नुकसान ने छीनी जिंदगी

यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि मानसिक स्वास्थ्य और दबाव किसी भी व्यक्ति को कितना कमजोर बना सकता है। एक भौतिक वस्तु (बाइक) के खोने का गम एक अनमोल जीवन पर भारी पड़ गया। जहाँ पुलिस अब चोरी गई बाइक की तलाश का दावा कर रही है, वहीं इस हादसे ने अर्सियाबोझ और दिलावरपुर दोनों गांवों को गहरे शोक में डुबो दिया है।

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