समाधान दिवस: जमीन कब्जा मामले में लापरवाही पर डीएम सख्त, लेखपाल का रोका वेतन

खबर सार :-
डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट गौरांग राठी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पाया कि अकाउंटेंट ने बिना किसी वजह के SDM के पास केस फाइल करने में एक साल से ज़्यादा की देरी की। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अकाउंटेंट की सैलरी रोक दी और शो-कॉज नोटिस जारी किया।

समाधान दिवस: जमीन कब्जा मामले में लापरवाही पर डीएम सख्त, लेखपाल का रोका वेतन
खबर विस्तार : -

झांसीः तहसील सदर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जमीन विवाद से जुड़ी एक शिकायत पर जिलाधिकारी गौरांग राठी ने सख्त कार्रवाई की है। ग्राम सिंगर्रा निवासी वीरेंद्र पुत्र राजाराम ने शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि उनकी लगभग 9 एकड़ जमीन पर विपक्षी कृपाराम, अमित और राहुल द्वारा अवैध कब्जा किया गया है।
प्रार्थी ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से लगातार तहसील दिवस और अन्य माध्यमों से अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इससे उन्हें न्याय मिलने में लगातार देरी हो रही है और उनकी जमीन पर कब्जा बना हुआ है।

सख्त कार्रवाई के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने तत्काल संबंधित अभिलेखों की जांच करवाई। जांच में पाया गया कि लेखपाल द्वारा इस प्रकरण में एसडीएम न्यायालय में वाद दर्ज कराने में बिना किसी ठोस कारण के एक वर्ष से अधिक की देरी की गई है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया।

डीएम ने संबंधित लेखपाल का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश दिए और साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि इस प्रकरण का समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और पीड़ित को शीघ्र न्याय दिलाया जाए।

कई अधिकारी रहे मौजूद

समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने अन्य मामलों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निस्तारण पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति, ज्वाइंट कमिश्नर आयुष सैनी, अपर नगर आयुक्त राहुल कुमार यादव, सिटी मजिस्ट्रेट प्रमोद झा, सीओ सदर रामवीर सिंह, एआरटीओ हेमचंद्र गौतम, एसडीएम सदर गोपीनाथ तिवारी, तहसीलदार सदर विवेक कुमार सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

प्रशासन ने दोहराया कि जनता की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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