जिला अस्पताल में घायल को जान से मारने की धमकी, घटना से मचा हड़कंप

खबर सार :-
पीलीभीत के जिला अस्पताल में भर्ती मरीज को जान मारने की धमकी देने वाले आरोपी को सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ लिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। घटना के बाद भर्ती मरीज की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

जिला अस्पताल में घायल को जान से मारने की धमकी, घटना से मचा हड़कंप
खबर विस्तार : -

पीलीभीतः पीलीभीत के जिला अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया, जब इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक घायल युवक को जान से मारने की नीयत से एक आरोपी अचानक पहुंच गया। गनीमत रही कि अस्पताल में मौजूद सतर्क सुरक्षाकर्मियों और तीमारदारों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया, जिससे एक बड़ी वारदात टल गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया, जिसे देखते हुए पुलिस ने तत्काल सुरक्षा बढ़ा दी।

क्या है पूरा मामला

यह मामला 12 मार्च को जहानाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम जतीपुर में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प से जुड़ा हुआ है। इस घटना में महेंद्र नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में पहले ही असलम, हनीफ, उस्मान और उसके पुत्र गांधी समेत कई लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कर लिया था।

परिजनों में दहशत

मंगलवार शाम को घटना ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब एक युवक मुंह पर अंगोछा बांधकर इमरजेंसी वार्ड में दाखिल हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी सीधे घायल महेंद्र के पास पहुंचा और उसे जान से मारने की धमकी देने लगा। अचानक हुई इस घटना से वार्ड में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। महेंद्र के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और आरोपी को पकड़ने की कोशिश की।

भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को सुरक्षाकर्मियों और तीमारदारों ने घेरकर दबोच लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। उसकी पहचान जतीपुर निवासी इमरान पुत्र उस्मान के रूप में हुई है।

सुरक्षा बल तैनात 

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। विक्रम दहिया, नताशा गोयल और दीपक चतुर्वेदी ने मौके का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पीड़ित की तहरीर के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन भी सतर्क हो गया है। पूरे परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। घायल महेंद्र की सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की कोई घटना दोबारा न हो।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इस घटना ने अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन को इसे और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
 

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