Nepal: यूएस-ईरान युद्ध के बीच स्वदेश लौटे 30 हजार नागरिक, पोर्टल पर किया आवेदन
खबर सार :-
Nepal: यूएस-इजराइल और ईरान के बीच तनाव के बीच नेपाल की सरकार ने वहां फंसे अपने नागरिकों को स्वदेश वापस लाने के लिए एक पोर्टल शुरू किया है। इसके जरिए अब तक 30 हजार नागरिक वापस लौट आए हैं।
खबर विस्तार : -
काठमांडू: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से पश्चिम एशिया से 30 हजार नेपाली स्वदेश लौट चुके हैं। युद्ध के बाद नेपाल सरकार ने नेपाली नागरिकों के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया था। इस पोर्टल पर अब तक 87 हजार 819 लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है।
नियमित पत्रकार सम्मेलन में शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के सहसचिव रामजी खड्का ने बताया कि अब तक करीब 30 हजार नेपाली स्वदेश लौट चुके हैं। हालांकि उनका कहना है कि यह नहीं कहा जा सकता कि सभी लोग केवल युद्ध से प्रभावित होकर ही लौटे हैं। उन्होंने कहा कि केवल कतर से ही 21 से 22 हजार नेपाली वापस आए हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में 7 हजार से अधिक लोगों ने पोर्टल पर अपना नाम दर्ज कराया था, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य होने के साथ तत्काल उद्धार की मांग करने वालों की संख्या घट गई।
श्रमिकों के लिए शुरू किया पोर्टल
युद्ध के बाद ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। इन देशों में रह रहे 17 लाख से अधिक नेपाली नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल संचालन में लाया था। युद्ध के बाद सउदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर सहित कुछ देशों के क्षेत्रों में नेपाली श्रमिकों को समस्याओं का सामना करना पड़ा था। कुछ कंपनियों ने श्रमिकों को छुट्टी भी दी थी।
विदेश मंत्रालय के आकलन के अनुसार फिलहाल होटल, रेस्टोरेंट और सेवा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। युद्ध के बाद पर्यटकों की आवाजाही रुकने से ये क्षेत्र प्रभावित हुए। हालांकि इन क्षेत्रों में काम कर रहे नेपाली श्रमिकों ने अब तक किसी प्रकार की औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है कि उन्हें काम नहीं मिल रहा है या वे गंभीर समस्या में हैं।
तीन महीने तक विदेश यात्रा नहीं करेंगे कर्मचारी
नेपाल सरकार ने आगामी तीन महीनों तक किसी भी कर्मचारी को विदेश यात्रा पर न जाने का निर्देश दिया है। प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय ने मंत्रालयों, आयोगों और सभी संबंधित निकायों को पत्र भेजकर इस व्यवस्था को लागू करने को कहा है। सरकार के गत 28 मार्च के निर्णय के अनुसार स्वीकृत प्रशासनिक सुधार से संबंधित 100 कार्यसूचियों को उच्च प्राथमिकता के साथ लागू किया जा रहा है। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह निर्देश जारी किया है।
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