दक्षिण कोरिया में गर्मी ने तोड़ा 100 साल का रिकाॅर्ड, 42.5°C पर पहुंचा पारा, हीट वेव से तीन लोगों की गई जान
खबर सार :-
दक्षिण कोरिया में भीषण गर्मी का दौर जारी है। रविवार को दक्षिण-पूर्वी शहर यांगसान में तापमान 42.5°C तक पहुंच गया, जो 1904 के बाद से दर्ज किया गया सबसे अधिक तापमान है। मौसम विभाग ने लोगों को खूब पानी पीने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।
खबर विस्तार : -
सियोल: दक्षिण कोरिया सोमवार को भी भीषण गर्मी की अभूतपूर्व लहर से जूझता रहा। देश के कई हिस्सों में रिकॉर्ड-तोड़ तापमान दर्ज किया गया और बड़ी संख्या में लोग गर्मी से जुड़ी बीमारियों का शिकार हुए।
कोरिया मौसम विज्ञान प्रशासन (KMA) के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी शहर डेगू में तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। 1 अगस्त 1942 के बाद यह पहली बार था जब वहां तापमान 40 डिग्री के निशान को पार कर गया।
गोरियोंग काउंटी में सबसे ज्यादा तापमान
योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, देश का सबसे ज्यादा तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस, सियोल से लगभग 230 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित गोरियोंग काउंटी में दोपहर 3:37 बजे दर्ज किया गया। देश के दक्षिण-पश्चिमी इलाकों के लिए भीषण गर्मी की चेतावनी जारी रही। ऐसी चेतावनी तब जारी की जाती है जब "महसूस होने वाला तापमान" (या हीट इंडेक्स) एक दिन से ज्यादा समय तक 38 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा रहता है।
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मंगलवार को भी गर्मी जारी रहने की उम्मीद
KMA ने घोषणा की कि मंगलवार सुबह 11 बजे से, सियोल के दक्षिणी हिस्सों, ग्योंगगी प्रांत (राजधानी के आसपास के इलाके) के कुछ हिस्सों और दक्षिण जेओला प्रांत की जांगसोंग और गोकसोंग काउंटियों के लिए भी सबसे ऊंचे स्तर की गर्मी की चेतावनी लागू होगी। जून में चेतावनी प्रणाली शुरू होने के बाद यह पहली बार होगा जब ग्रेटर सियोल क्षेत्र के लिए सबसे ऊंचे स्तर की गर्मी की चेतावनी जारी की गई है।
रविवार को 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा तापमान
दक्षिण-पूर्वी शहर यांगसान में, जहां रविवार को तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था (जो 1904 में आधुनिक मौसम निगरानी शुरू होने के बाद से सबसे ज्यादा था)—तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा। इस भीषण गर्मी के कारण देशभर में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हुई हैं।
गर्मी की लहर से तीन मौतें
सोमवार सुबह सियोल के पश्चिम में स्थित इंचियोन में 40 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। शरीर का तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बाद उसे पिछले दिन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं, रविवार को दक्षिण चुंगचेओंग प्रांत में दो किसानों के शव मिले, जिनकी उम्र क्रमशः 60 और 80 वर्ष थी।
अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या
कोरिया डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन एजेंसी के अनुसार, रविवार को देश भर के इमरजेंसी रूम में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के लिए 108 लोगों का इलाज किया गया। 15 मई से ऐसे मरीजों की कुल संख्या 2,025 हो गई है। अब तक देश भर में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के कारण 16 मौतें दर्ज की गई हैं। सियोल में रविवार को गर्मी से जुड़ी बीमारी के 18 नए मामले सामने आए, जिससे मई के मध्य से राजधानी में कुल संख्या 185 हो गई है।
दक्षिण कोरिया में तापमान क्यों बढ़ रहा है?
दक्षिण कोरिया जलवायु परिवर्तन, अल नीनो के असर और वायुमंडल में मज़बूत हाई-प्रेशर सिस्टम की गतिविधि के कारण भीषण गर्मी की लहर (हीटवेव) का सामना कर रहा है। कोरिया मौसम विज्ञान प्रशासन (KMA) के अनुसार, लंबे समय तक चलने वाली इस भीषण गर्मी की वजह कोरियाई प्रायद्वीप के ऊपर कई हाई-प्रेशर सिस्टम का बने रहना है। इसके अलावा, साफ़ आसमान और तेज, सीधी धूप ने तापमान को और बढ़ा दिया है।
कूलिंग शेल्टर और वॉटर फाउंटेन बना रही सरकार
दक्षिण कोरिया में गर्मी का स्तर पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ रहा है। नागरिकों को राहत देने के लिए सरकार कई उपाय कर रही है। रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से निपटने के लिए उठाए गए इमरजेंसी कदमों में कूलिंग शेल्टर खोलना और वॉटर फाउंटेन व वॉटर फेस्टिवल का आयोजन करना शामिल है। यांगसान शहर में तापमान 42.5°C तक पहुँचने के बाद, अधिकारियों ने निवासियों को धूप से दूर रहने की सलाह दी।
धूप से बचने और हाइड्रेटेड रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे भीषण गर्मी के दौरान खूब पानी पिएं, ज़्यादा देर तक धूप में रहने से बचें और बुज़ुर्गों व बच्चों का खास ख्याल रखें। अधिकारी मोबाइल मैसेज और प्रसारण के ज़रिए इमरजेंसी अलर्ट जारी कर रहे हैं और लोगों को दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच बाहर न निकलने की चेतावनी दे रहे हैं।
स्पेन और फ्रांस सहित कई देशों में हीटवेव
दक्षिण कोरिया और स्पेन व फ्रांस सहित कई यूरोपीय देश भीषण गर्मी और हीटवेव की मार झेल रहे हैं। अत्यधिक गर्मी के कारण रोजमर्रा की ज़िंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है और फसलों को भी क्षति पहुंच रही है।
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