क्यूबा में एक बार फिर छाया अंधेरा, नेशनल इलेक्ट्रिकल ग्रिड फेल होने से पूरे देश में ब्लैकआउट
खबर सार :-
क्यूबा में ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। पावर प्लांट फेल होने से एक बार फिर पूरे देश को ब्लैकआउट का सामना करना पड़ा। अक्टूबर 2024 से, क्यूबा में पावर प्लांट फेल होने और दूसरी वजहों से कई बार बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।
खबर विस्तार : -
हवाना: क्यूबा एक बार फिर गंभीर ऊर्जा संकट की चपेट में है। नेशनल इलेक्ट्रिकल ग्रिड फेल होने से पूरे देश में बिजली सप्लाई ठप हो गई, जिससे पूरे देश में ब्लैकआउट हो गया। सरकारी बिजली कंपनी ने पुष्टि की कि ग्रिड में तकनीकी खराबी के कारण देश का पूरा बिजली सिस्टम बाधित हो गया; हालांकि, ग्रिड फेल होने का सटीक कारण अभी तक नहीं बताया गया है।
नेशनल इलेक्ट्रिक यूनियन ने क्यूबा में एक और देशव्यापी ब्लैकआउट की घोषणा की है। सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में यूनियन ने बताया कि रविवार को स्थानीय समयानुसार रात 10:43 बजे (02:43 GMT) देश का राष्ट्रीय बिजली सिस्टम पूरी तरह ठप हो गया। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, शनिवार को ही क्यूबा के राष्ट्रीय बिजली सिस्टम में आंशिक खराबी के कारण पश्चिमी इलाकों में बिजली गुल हो गई थी।
अगस्त में यह पहला देशव्यापी ब्लैकआउट
तुर्की की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलु के अनुसार, अगस्त में यह पहला देशव्यापी ब्लैकआउट है। क्यूबा को इससे पहले जुलाई में ही तीन बार ऐसे ही राष्ट्रीय बिजली संकट का सामना करना पड़ा था। बार-बार हो रहे इन ब्लैकआउट ने एक बार फिर देश के जर्जर बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर और गहरे होते ऊर्जा संकट को उजागर किया है।
रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा असर
पूरे देश में लगातार हो रहे ब्लैकआउट का रोजमर्रा की जिंदगी पर काफी असर पड़ रहा है। नागरिक खाना पकाने, कपड़े धोने, मोबाइल फोन और अन्य डिवाइस चार्ज करने, इंटरनेट का इस्तेमाल करने और भीषण गर्मी से राहत पाने जैसे जरूरी काम केवल तभी कर पा रहे हैं जब बिजली उपलब्ध होती है। बिजली की अनिश्चित सप्लाई ने लोगों के लिए रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना एक चुनौती बना दिया है।
देश में ईंधन और आधुनिक उपकरणों की कमी
हाल के महीनों में क्यूबा में बिजली का संकट लगातार गहराता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि देश का ज्यादातर बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर 1960 और 1980 के दशक का है और लंबे समय से इसमें रखरखाव, ईंधन और आधुनिक उपकरणों की कमी रही है। मार्च में भी दो बार देशव्यापी ब्लैकआउट हुआ था। बार-बार ग्रिड फेल होने से उद्योग, व्यापार और सार्वजनिक सेवाओं पर भी बुरा असर पड़ा है।
सरकार ने लागू किए कई सुधारात्मक उपाय
ऊर्जा संकट से निपटने के लिए, क्यूबा सरकार ने हाल के महीनों में कई सुधारात्मक उपाय लागू किए हैं। प्रधानमंत्री मैनुअल मारेरो क्रूज ने जुलाई में घोषणा की थी कि सरकार ने ईंधन आयात और बिक्री के लिए देश के पहले विदेशी निवेश संयुक्त उद्यम को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, लगभग 200 कंपनियों को थोक स्तर पर ईंधन वितरित करने के लिए अधिकृत किया गया है।
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पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहन दे रही सरकार
सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाना और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना है। अधिकारियों का मानना है कि इन सुधारों से भविष्य में ऊर्जा सप्लाई को स्थिर करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री मैनुअल मारेरो क्रूज ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में लागू किए जा रहे सुधारों के सकारात्मक परिणाम धीरे-धीरे सामने आएंगे। उन्होंने माना कि मौजूदा समय सबसे चुनौतीपूर्ण दौर है, लेकिन सरकार को भरोसा है कि उठाए जा रहे कदमों से भविष्य में बिजली संकट की गंभीरता को कम करने में मदद मिलेगी।
अमेरिका ने लगाया कड़ा प्रतिबंध
विदेशी तेल सप्लाई की कमी को ऊर्जा संकट का मुख्य कारण माना जाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान क्यूबा पर तेल सप्लाई को लेकर कड़े प्रतिबंध और नियंत्रण लगाए जाने के बाद देश का ईंधन संकट काफी बढ़ गया। क्यूबा अपनी कुल तेल जरूरतों का केवल 40 प्रतिशत ही घरेलू उत्पादन से पूरा करता है और बाकी के लिए आयात पर निर्भर रहता है।
वेनेजुएला के तेल निर्यात पर अमेरिका का नियंत्रण
गौरतलब है कि 3 जनवरी को अमेरिका ने एक सैन्य अभियान के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ा और उन्हें न्यूयॉर्क ले आया, जहां वे ड्रग्स और हथियारों से जुड़े आरोपों में जेल में बंद हैं। इसके कुछ समय बाद, ट्रंप ने घोषणा की कि वेनेजुएला अब क्यूबा को तेल या पैसा नहीं भेजेगा। तब से, उनके प्रशासन ने वेनेजुएला के तेल निर्यात पर नियंत्रण बनाए रखा है।
क्यूबा ने अमेरिकी रिपोर्ट को किया खारिज
इससे पहले जुलाई में, अमेरिकी विदेश विभाग की 100 पन्नों की एक रिपोर्ट में क्यूबा सरकार पर अमेरिका में कुछ सबसे प्रमुख और प्रभावशाली चरमपंथी आंदोलनों को आकार देने में अहम भूमिका निभाने और अमेरिकी धरती पर जासूसी व विध्वंसक नेटवर्क चलाने का आरोप लगाया गया था। क्यूबा ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि यह एक गलत नैरेटिव को बढ़ावा देती है, जिसका मकसद इस द्वीपीय देश के खिलाफ वाशिंगटन की लंबे समय से चली आ रही आक्रामक नीति को सही ठहराना है।
FAQ
1. क्यूबा में ऊर्जा संकट का कारण क्या है?
क्यूबा में ऊर्जा संकट का मुख्य कारण पुराने बिजली संयंत्र, ईंधन की कमी और कड़े अमेरिकी प्रतिबंध हैं।
2. अमेरिका ने क्यूबा पर प्रतिबंध क्यों लगाया है?
वेनेजुएला और अन्य वामपंथी संगठनों को समर्थन देने के कारण अमेरिका ने क्यूबा पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।
3. ऊर्जा संकट से निपटने के लिए क्यूबा सरकार ने क्या कदम उठाए?
क्यूबा सरकार पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा दे रही है। इसका उद्देश्य देश में निवेश को बढ़ावा देना और ऊर्जा संकटों को दूर करना है।
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