फ्रांस में गर्मी और लू ने मचाई तबाही, 1000 से ज्यादा लोगों की मौत, जुलाई में फिर लौटेगा ‘हीट डोम इफेक्ट’
खबर सार :-
फ्रांस में भीषण गर्मी पिछले सारे रिकाॅर्ड तोड़ रही है। स्वास्थ्य एजेंसी ने जानकारी दी कि गर्मी से देश में लगभग 1 हजार लोगों की मौत हुई है। वहीं, मौसम के जानकारों ने जुलाई में तीसरी सबसे बड़ी हीटवेव की आशंका जताई है।
खबर विस्तार : -
पेरिस: फ्रांस में दो हीटवेव (लू) ने भारी तबाही मचाई है। भीषण गर्मी के कारण देश में लगभग 1,000 अतिरिक्त मौतें हुई हैं। रविवार को स्वास्थ्य एजेंसी ने बताया कि ये मौतें 24 जून से 27 जून के बीच हुईं।
इस बीच, फ्रांस के मौसम विभाग, 'मेटियो-फ्रांस' ने थोड़ी राहत की बात कही है कि जून के आखिरी दो दिनों में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, गर्मी का संकट अभी खत्म नहीं हुआ है; सरकार ने जुलाई में तीसरी बड़ी हीटवेव की आशंका के बारे में चेतावनी दी है। वहीं, मौसम विशेषज्ञों ने ‘हीट डोम इफेक्ट’ की आशंका भी जताई है।
क्या है हीट डोम इफेक्ट
हीटवेव की आधिकारिक चेतावनी तब जारी की जाती है जब दिन और रात का तापमान लगातार तीन दिनों तक सामान्य से लगभग 3°C अधिक रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्पेन के तट पर ठंडी हवा का कम दबाव वाला क्षेत्र (लो-प्रेशर जोन) और पश्चिमी यूरोप में उच्च दबाव वाला मजबूत सिस्टम (हाई-प्रेशर सिस्टम) मिलकर "हीट डोम" का असर पैदा कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में, गर्म हवा वायुमंडल में फंस जाती है और बार-बार जमीन की सतह की ओर नीचे आती है, जिससे तापमान और भी बढ़ जाता है।
6 जुलाई के बाद से बढ़ेगी गर्मी
मीडिया आउटलेट द कनेक्शन ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि 6 जुलाई के बाद भीषण गर्मी का दौर फिर से शुरू हो सकता है और इसके 14 जुलाई तक जारी रहने की संभावना है। फ्रांस की इकोलॉजिकल ट्रांजिशन मंत्री, मोनिक बारबट ने कहा कि 6 जुलाई के बाद देश में भीषण गर्मी लौटने की बहुत अधिक संभावना है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब 'मेटियो-फ्रांस' ने पहले ही इस साल सामान्य से अधिक गर्मी रहने का अनुमान लगाया है।
इस साल गर्मी ने तोड़े पुराने रिकाॅर्ड
मई और जून में आई दो बड़ी हीटवेव ने देश के कई हिस्सों को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस बार की गर्मी ने कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 24 जून को फ्रांस में अब तक का सबसे गर्म जून का दिन दर्ज किया गया। हालांकि जून के आखिर में गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन यह राहत थोड़े समय के लिए ही होगी। अनुमान है कि 6 जुलाई से सहारा रेगिस्तान से बेहद गर्म हवाएं फिर से फ्रांस की ओर बढ़ सकती हैं। जुलाई के दूसरे हफ्ते तक हीटवेव जैसे हालात फिर से बन सकते हैं।
पानी की कमी और फसल के नुकसान का खतरा
विशेषज्ञों का हवाला देते हुए 'द कनेक्शन' ने बताया कि जुलाई में तीसरी बड़ी हीटवेव फ्रांस के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर देगी। सबसे बड़ा खतरा मिट्टी का तेज़ी से सूखना है, जिससे पानी की कमी और फसल के नुकसान का जोखिम बढ़ जाएगा। सूखी जमीन दिन के समय ज्यादा गर्मी सोखती है और रात में ठंडी नहीं हो पाती, जिससे एक ऐसा दुष्चक्र बन जाता है जिसमें गर्मी और सूखा एक-दूसरे की स्थिति को और खराब करते हैं।
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