कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान में और सैन्य कार्रवाई नहीं कर पाएंगे यूएस प्रेसीडेंट, अमेरिकी सीनेट ने पारित किया युद्ध संबंधी शक्तियों को सीमित करने का प्रस्ताव

खबर सार :-

अमेरिकी सीनेट ने ईरान पर वॉर पावर्स रिजॉल्यूशन पारित किया है। इसके तहत अब यूएस प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान में और सैन्य कार्रवाई नहीं कर पाएंगे। सीनेट में ईरान वॉर पावर्स रिजॉल्यूशन 50 के मुकाबले 48 वोटों से पास हुआ। प्रस्ताव के समर्थन में अधिकतर डेमोक्रेट्स के साथ चार रिपब्लिकन भी शामिल हुए।
कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान में और सैन्य कार्रवाई नहीं कर पाएंगे यूएस प्रेसीडेंट, अमेरिकी सीनेट ने पारित किया युद्ध संबंधी शक्तियों को सीमित करने का प्रस्ताव

खबर विस्तार : -

वॉशिंगटन : अमेरिकी सीनेट की ओर से ईरान पर 'वॉर पावर्स रिजॉल्यूशन' (युद्ध संबंधी अधिकारों का प्रस्ताव) पारित किया गया है, जिसके तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान में और सैन्य कार्रवाई करने से रोका गया है। फरवरी में शुरू हुए टकराव के बाद से कांग्रेस के दोनों सदनों की ओर से ऐसा पहली बार हुआ है, जब इस तरह का प्रस्ताव पास किया गया है। यह प्रस्ताव ट्रंप के युद्ध से निपटने के तरीके के खिलाफ बढ़ते विरोध के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। 

सीनेट में 50 के मुकाबले 48 वोटों से पास हुआ 'ईरान वॉर पावर्स रिजॉल्यूशन' 

सीनेट में 'ईरान वॉर पावर्स रिजॉल्यूशन' 50 के मुकाबले 48 वोटों से पास हुआ। इस प्रस्ताव के समर्थन में ज्यादातर डेमोक्रेट्स के साथ चार रिपब्लिकन भी शामिल हुए। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक डेमोक्रेट ने इसके खिलाफ वोट दिया। कांग्रेस की वेबसाइट पर पब्लिश कानून के अनुसार, यह प्रस्ताव "राष्ट्रपति को निर्देश देता है कि वे ईरान के अंदर या उसके खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई से अमेरिकी सेना को हटा लें, जब तक कि युद्ध की घोषणा या इस मकसद के लिए सैन्य बल के इस्तेमाल की मंजूरी न दी गई हो।" समर्थकों का तर्क है कि ईरान के खिलाफ युद्ध बिना मंजूरी के शुरू किया गया, 'अपनी मर्जी से चुना गया युद्ध' था।

सीनेट में पारित प्रस्ताव को बताया गया प्रतीकात्मक

कुछ अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने इस प्रस्ताव के पास होने को मुख्य रूप से प्रतीकात्मक बताया है। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, "मंगलवार का प्रस्ताव शायद मुख्य रूप से प्रतीकात्मक ही होगा, क्योंकि प्रशासन का तर्क है कि अमेरिकी सेना अभी ईरान के साथ किसी सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं है। एनबीसी न्यूज ने कहा कि "यह मुख्य रूप से प्रतीकात्मक कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म करने के मकसद से बातचीत शुरुआती दौर में हैं।

'वॉर पावर्स रिजॉल्यूशन' को बताया गया जरूरी 

हालांकि, डेमोक्रेट्स का तर्क है कि अमेरिका की ओर से टकराव खत्म करने का समझौता करने के बाद भी 'वॉर पावर्स रिजॉल्यूशन' जरूरी है। सीएनएन के अनुसार, सीनेटर टिम केन ने पिछले हफ्ते पत्रकारों से कहा था कि मुझे लगता है कि वोट कराने का यह सही समय है। अगर हम सच में स्थिरता के दौर में हैं, तो हमें कांग्रेस को शामिल किए बिना इसे फिर से शुरू नहीं होने देना चाहिए।

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