US Iran Talks: पाकिस्तान में असीम मुनीर से मिले ईरान के विदेश मंत्री, अमेरिका से बातचीत पर रखी शर्तें
खबर सार :-
US Iran Talks: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान में सेना प्रमुख असीम मुनीर से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने अमेरिका के साथ बातचीत पर अपनी शर्तें रखी हैं।
खबर विस्तार : -
US Iran Talks: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक छोटे प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान पहुंचे, जहां शनिवार को उन्होंने इस्लामाबाद में पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर से मुलाकात की। पाकिस्तान की यात्रा के बाद अराघची का ओमान और रूस जाने का भी कार्यक्रम है।
ईरानी समाचार एजेंसी IRNA ने बताया कि अराघची और ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने फील्ड मार्शल मुनीर के साथ एक बैठक की। मुनीर ने खुद को ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक मध्यस्थ के रूप में स्थापित किया है। शुक्रवार देर रात इस्लामाबाद पहुंचने के बाद से ईरानी विदेश मंत्री ने पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ कम से कम दो बार मुलाकात की है। बैठक के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद से रवाना हो गया।
ईरान ने बताईं शर्तें
ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत में शामिल होने से इनकार कर दिया है। इसी कारण से ईरान ने पाकिस्तान के सामने अपना पक्ष रखा है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल के साथ चल रहे तनाव को सुलझाने के लिए अपनी शर्तें पाकिस्तान को सौंप दी हैं। इसके अलावा अराघची ने अमेरिकी पक्ष द्वारा रखी गई मांगों के संबंध में अपनी आपत्तियों को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया।
अपनी बातों पर अड़े अमेरिका-ईरान
संयुक्त राज्य अमेरिका ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी जारी रहेगी। दूसरी ओर, ईरान अपनी बात पर अड़ा हुआ है कि जब तक अमेरिकी सैन्य नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से तेल टैंकरों का आवागमन बाधित हो रहा है। परिणामस्वरूप, दुनियाभर के विभिन्न देशों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और कई देशों में आर्थिक चुनौतियां उभरने लगी हैं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा सीधा असर
अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा। यही कारण है कि दुनियाभर के अन्य देश भी संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच शीघ्र सुलह की वकालत कर रहे हैं और साथ ही स्थायी संघर्ष विराम का भी समर्थन कर रहे हैं। पाकिस्तान की यात्रा के बाद ईरानी विदेश मंत्री ओमान और रूस की यात्रा करेंगे, जहां वे हमलों के संबंध में अपने देश का दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। वे ओमान और रूस के अधिकारियों को इन हमलों के परिणामस्वरूप ईरान को हुई भारी क्षति और साथ ही उन विभिन्न चुनौतियों से अवगत कराएंगे जिनका सामना वह वर्तमान में कर रहा है।
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