स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान की नई प्लानिंग, स्ट्रेट के हाईवे की तरह उपयोग के लिए ओमान से कर रहा बातचीत

खबर सार :-

यूएस-ईरान के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव के बीच ईरान होर्मुज स्ट्रेट के हाईवे की तरह उपयोग की प्लानिंग कर रहा है। तेहरान इसके लिए ओमान से बातचीत कर रहा है। ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर सिंगल टू-वे रूट बनाने जा रहा है।
ट्रंप की धमकी के बीच होर्मुज पर ईरान की नई प्लानिंग

खबर विस्तार : -

न्यूयॉर्क: अमेरिका-ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव के बीच ईरान ने नई प्लानिंग शुरू की है। होर्मुज स्ट्रेट को ईरान हाईवे की तरह उपयोग करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। तेहरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई के मुताबिक, ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट से होकर एक सिंगल टू-वे रूट बनाने के लिए ओमान के साथ बातचीत की जा रही है। इसका मकसद जहाजों को इस रणनीतिक जलमार्ग से आसानी से गुजारना है।

न्यूज एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, सोमवार को तेहरान में एक न्यूज ब्रीफिंग में इस्माइल बाघेई ने कहा कि नई व्यवस्था होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले कई अलग-अलग लेन की जगह लेगा। आईआरएनए ने प्रवक्ता बाघेई की बात को दोहराते हुए कहा कि, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दोनों ओर के दो देशों के बीच बातचीत अलग-अलग उत्तरी और दक्षिणी रूट को एक सिंगल इंटरमीडिएट कॉरिडोर से बदलने पर फोकस रहा है। इसे दोनों कोस्टल देशों के हितों और सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

मामले में ओमान की तरफ से सामने नहीं आई कोई टिप्पणी 

हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर ओमान की तरफ से कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है। ओमान का विदेश मंत्रालय मंगलवार सुबह से ही बातचीत पर चुप है, न तो उसने सबके सामने इस बात से इनकार किया है और न ही कन्फर्म किया है कि बातचीत चल रही है। अगर वे जहाजों को स्ट्रेट से फिर से चलने देने के इंतजाम पर राजी हो जाते हैं, तो यह उन देशों और दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद होगा जो ऊर्जा शिपिंग पर रोक की वजह से परेशान हैं। तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, बाघेई ने कहा कि बातचीत में कोई दूसरा देश शामिल नहीं था। ऐसे में इस पूरे घटनाक्रम से अमेरिका दरकिनार हो जाएगा।

ट्रंप ने कहा, ईरान के साथ स्ट्रेट को फिर से खोलने पर हो रही बातचीत 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ स्ट्रेट को फिर से खोलने पर बातचीत हो रही है, लेकिन बाघेई ने इससे इनकार किया है। तेहरान ने स्ट्रेट में माइनिंग की है और वहां से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों पर हमला भी किया है, जबकि अमेरिका ने ईरानी पोर्ट्स को ब्लॉक कर दिया और इसका उल्लंघन करने वाले जहाजों पर फायरिंग की है। आईआरएनए ने कहा, “प्रस्तावित अंतरिम कॉरिडोर तब तक इस्तेमाल में रहेगा जब तक ईरान और ओमान मौजूदा इंटरनेशनल ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम (टीएसएस) के परमानेंट रिप्लेसमेंट पर सहमत नहीं हो जाते। यूएन के इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (आईएमओ) ने 1968 में ईरान और ओमान द्वारा प्रस्तावित टीएसएस को अपनाया था।

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मस्कट-तेहरान योजना के तहत हाईवे की तरह चलाया जाएगा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

आईएमओ के अनुसार, "यह समुद्री यातायात के लिए शिपिंग लेन निर्धारित करता है ताकि टकराव कम हो और सुरक्षा बेहतर हो। टीएसएस में दोनों दिशाओं के लिए 2 मील चौड़ी लेनें तय की गई हैं और उनके बीच 2 मील का अलगाव वाला हिस्सा है। अब आईएमओ ने खदानों की मौजूदगी की खबरों के कारण जहाजों को टीएसएस से बचने की सलाह दी है। अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि मस्कट-तेहरान योजना के तहत स्ट्रेट को हाईवे की तरह चलाया जाएगा, जिसमें जहाज दाहिने हाथ की लेन में चलेंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, खाड़ी देशों की ओर जाने वाले जहाज ईरान के किनारे वाले रास्ते का इस्तेमाल करेंगे, जबकि बाहर निकलने वाले जहाज ओमान की तरफ वाले रास्ते से जाएंगे।

अपने हिस्से से गुजरने वाले जहाजों से सर्विस फीस ले सकता है ईरान 

हालांकि, बाघेई ने कहा कि ओमानी जल क्षेत्र से होकर गुजरने वाला दक्षिणी मार्ग जिसे वाशिंगटन चलाना चाहता था, वह अमेरिका और ईरान के बीच जून में हुए सहमति-पत्र का उल्लंघन था और इससे पर्यावरणीय और राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हुईं। अमेरिकी नौसेना ने कुछ जहाजों को ओमान की तरफ से एस्कॉर्ट किया, लेकिन उन जहाजों पर हमले हुए जिसके बाद इसे रोक दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि इस व्यवस्था के तहत ईरान अपने हिस्से से गुजरने वाले जहाजों से सर्विस फीस ले सकता है। इसे टोल नहीं कहा जाएगा ताकि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन न हो, जिसका ट्रंप ने कड़ा विरोध किया है। ब्रीफिंग की रिपोर्ट्स के अनुसार, बाघेई ने फीस के सवाल को टाल दिया।

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