अमेरिका और इजराइल के सुर फिर एक, ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर करेंगे शक्ति प्रदर्शन

खबर सार :-

अमेरिका और इजराइल दोनों के सुर फिर एक हुए हैं। चैलेंज इस बात कर है कि वह ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर यानी ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से नष्ट करना चाहते हैं। यह इनकी आंखों में खटक रहा है। चाहे इसके लिए बम वर्षा करनी पड़े या मिसाइल दागनी पड़े।
अब घर में घुसकर मारेगा ईरान, जंग में दम भरेगा तेहरान

खबर विस्तार : -

तेहरान : अमेरिका और इजराइल दोनों के सुर फिर एक हुए हैं। चैलेंज इस बात कर है कि वह ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर यानी ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से नष्ट करना चाहते हैं। यह इनकी आंखों में खटक रहा है। चाहे इसके लिए बम वर्षा करनी पड़े या मिसाइल दागनी पड़े। इजराइल और ईरान दोनों इसमें अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे। इसके लिए चक्रव्यूह भी तैयार कर रहे हैं। साथ ही बैठकों के दौर भी जारी हैं। पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान को झुका कर रहेंगे। अभी युद्ध खत्म ना माना जाए। इधर ईरान ने भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान पर इजराइल और अमेरिका हमला करता है तो इसके जवाब में बड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह बाहर तक फैलेगा और हमारे सैनिक दुश्मन के घर में घुसकर हमला करने से नहीं चूकेंगे। ईरान इस बार पूरी ताकत के साथ खड़ा हो रहा है और अपनी आक्रामकता का परिचय भी दे रहा है। इसका मुकाबला करने के लिए इजरायली सेना भी अपनी रक्षात्मक तैयारी कर रहा है। अमेरिका और इजरायल पूरी तरह से तेहरान को तबाह कर देना चाहता हैैं। यह जानकर हैरानी होगी की युद्ध के लिए जो द्वार खोले गए हैं, वह केवल तेल और यूरेनियम के लिए हैं। लेकिन अब और होर्मुज जलडमरूम मध्य को लेकर टकराव जारी है। इस लड़ाई के भीषण रूप लेने के संभावना बढ़ गई है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई के बाद अब दोबारा यह अपना प्लान बना रहे हैं।

यह भी पढ़ें : पाकिस्तान में बारिश से बाढ़ जैसे हालात, पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में 23 लोगों की मौत

आग्रह किया गया था की ईरान पर अब हमले ना हों

दोनों देश उससे भी तेज हमला करने की तैयारी में हैं। ईरान और तेहरान की मीडिया में इस बात का जिक्र किया गया है कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान मौजूदा हालात से चिंतित हैं। शनिवार को ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात भी की थी। इस बात का आग्रह किया गया था की ईरान पर अब हमले ना हों, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकारियों ने ओमन जॉर्डन जेरूसलम और बगदाद सहित मध्य पूर्व की कई राजधानियों में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को यह कहा है कि जितनी जल्दी हो वहां से निकल लें। इससे समझा जा सकता है कि अमेरिका की तैयारी क्या और किस तरह की है।

युद्ध 8 या 10 दिन के अंदर शुरू हो जाएगा

डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले भी शुक्रवार को एक बैठक की थी इसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका पीछे नहीं हटेगा। ईरान को झुकना ही होगा। उन्होंने यह बात दोहराई कि वियतनाम अफगानिस्तान और कोरिया में भी युद्ध लंबे समय तक चला था, यानी यह अंदेशा लगाया जा सकता है कि जिस तरह से अमेरिकी राष्ट्रपति दावा कर रहे हैं, युद्ध 8 या 10 दिन के अंदर शुरू हो जाएगा। अब अमेरिका और इजरायल की तैयारी के बीच जो मैसेज तैयार हुए हैं, उससे ईरान भी सचेत हो गया है। ईरान की संसद और नेशनल सिक्योरिटी एंड फॉरेन पॉलिसी कमिशन के सदस्य इब्राहिम राज्य ने चेतावनी दी है कि ईरान की सेना अमेरिका के किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है। तेहरान और ईरान में अधिकारी स्तर पर यह बात कही गई है कि इस बार का जो जवाब दिया जाएगा, वह फारस की खाड़ी तक सीमित नहीं रहेगा, यानी दुश्मन के सभी ठिकानों पर हमले किए जाएंगे। और इसको तेज धार दिया जाएगा। खाड़ी में मौजूद तेल और गैस सुविधाओं को पूरी तरह से नष्ट करने की तैयारी भी हो चुकी है। यह भी कहा गया है की इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और ट्रंप को किस बात की गलतफहमी है?

ईरान पर किसी प्रकार का फर्क नहीं 

ईरान को वही इतना कमजोर क्यों समझते हैं। ट्रंप की ईरान को पाषाण युग में भेजने की धमकी जग हसाई कर चुकी है। उन्होंने पिछले दिनों हुए युद्ध को भी याद दिलाया और कहा कि ईरान का बाल बांका भी नहीं कर सके हैं। उन्होंने कहा कि ईरान पर किसी प्रकार का फर्क नहीं पड़ा है। वह पूरी तरह से अपनी रक्षा और आक्रामक अंदाज के लिए तैयार है। मौजूदा हालात पर ईरान ने मध्यस्थ देशों से संपर्क जरूर किया है। विदेश मंत्री अब्बास आर्ग चीनी पिछले दिनों कहा था, उन्होंने ज्यादा दबाव इस बात पर दिया है कि समझौता हो या ना हो, ईरान झुकने को तैयार नहीं होगा। वह पूरी तरह से हमले का जवाब देगा और यह बात अमेरिका.इजरायल को बता दिया जाए अब लड़ाई होर्मूज जलडमरू मध्य के आसपास मंडरा रहा है।

जहाज के इंजन में छति हुई

युद्ध क्षेत्र के बादलों में धुआं.धुआं उठ सकता है। ब्रिटिश नौसेना ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में शनिवार को एक कमर्शियल टैंक पर हमला किया गया। यहां और भी टैंक पर हमले किए गए। यद्यपि इस बात की कही पुष्टि नहीं हुई है कि ज्यादा कहीं नुकसान हुआ है। उधर यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड आर्गेनाइजेशन ने भी दावा किया है कि ओमान के लीमा से 11 आर्टिकल मिल उत्तर पूर्वी में एक अज्ञात चीज जहाज से टकराई है। इस कारण जहाज के इंजन में छति हुई है, लेकिन यह नहीं बताया कि कौन सी वस्तु टकराई है और किस देश की हो सकती है। उत्तरी पश्चिमी क्षेत्र में ओमान के तट पर एक प्रतिबंधित टैंकर है, जिसमें से कच्चा तेल रिसते हुए देखा गया है।

FAQ ...

1. क्या अमेरिकी राष्ट्रपति की नजर ईरान के तेल संग्रह पर है? 

यह बात किसी से छिपी नहीं है जहां-जहां अमेरिका ने आक्रमण किया है, वहां के तेल या प्राकृतिक संपदा पर अपना कब्जा जमाया है।

2. आखिर इजरायल की ईरान से क्या दुश्मनी है?

इजरायल की ईरान से पुरानी दुश्मनी है और यह हमास से जोड़कर भी देखी जा रही है। फिलहाल इनके बीच में समझौता होने की उम्मीद कम ही है।

3. क्या वास्तव में ईरान के पास परमाणु हथियार होगा तो वह विश्व के लिए खतरा बन सकता है?

दुनिया के तमाम देश है, जिनके पास बड़ी मात्रा में परमाणु हथियार हैं। वह भी कभी बड़ी मात्रा में जनहानि कर चुके हैं। नागासाकी और हिरोशिमा इसके उदाहरण हैं।

यह भी पढ़ें  :  लगाम में पहलगाम जैसा आतंकी हमला, दहशतगर्दों ने नाम पूछकर मजदूरों को मारी गोली

अन्य प्रमुख खबरें