Donald Trump ने फिर से लागू की 100,000 डॉलर की H-1B Visa फीस, अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी पर साधा निशाना
खबर सार :-
व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट और एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ एच-1बी वीजा आवेदनों के लिए 100,000 डॉलर की फीस को फिर से लागू कर दिया है और अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी करने वाले नियोक्ताओं की कड़ी जांच के आदेश दिए हैं।
खबर विस्तार : -
वॉशिंगटन: व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट और एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ एच-1बी वीजा आवेदनों के लिए 100,000 डॉलर की फीस को फिर से लागू कर दिया है और अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी करने वाले नियोक्ताओं की कड़ी जांच के आदेश दिए हैं। इन उपायों में फीस रिन्यूअल के साथ-साथ स्पॉन्सर करने वाले एम्प्लॉयर के रोजगार से जुड़े तौर-तरीकों की नई जांच भी शामिल है। स्किल्ड-वर्कर वीजा प्रोग्राम के तहत आवेदनों की समीक्षा करते समय एजेंसियों को हाल ही में हुई और भविष्य में होने वाली छंटनी पर विचार करना होगा।
एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में स्टेट, लेबर, होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी को निर्देश
एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में स्टेट, लेबर और होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी को यह देखने का निर्देश दिया गया है कि क्या एम्प्लॉयर ने पिछले साल सीधे या परोक्ष रूप से छंटनी की थी, या क्या वे भविष्य में ऐसी कटौती की योजना बना रहे हैं जिससे उसी तरह की स्थिति वाले अमेरिकी वर्कर प्रभावित होंगे। यह जरूरत लेबर कंडीशन एप्लीकेशन, याचिकाओं, वीजा और अमेरिका में प्रवेश पर लागू होती है। ऑर्डर में केवल इसलिए आवेदन को अपने-आप अस्वीकार करने की बात नहीं कही गई है कि एम्प्लॉयर ने छंटनी की घोषणा की है। ट्रंप ने ऑर्डर में कहा, "मैंने तय किया है कि अमेरिकी वर्कफोर्स की सुरक्षा और उन्हें प्राथमिकता देने के लिए लगातार प्रयास किए जाने चाहिए।
एक लाख डॉलर की फीस की जरूरत को किया गया है रिन्यू
व्हाइट हाउस ने कहा कि एक अलग घोषणापत्र के जरिए 19 सितंबर, 2025 को पहली बार लागू की गई 100,000 डॉलर की फीस की जरूरत को रिन्यू किया गया। इसकी फैक्ट शीट में बताया गया कि यह शुल्क कुछ एच-1बी आवेदनों पर लागू होता है। इसमें रिन्यूअल की अवधि या छूट के बारे में विस्तार से नहीं बताया गया। ऑर्डर में लेबर सेक्रेटरी के लिए 30 दिन की समय-सीमा भी तय की गई है, जिससे वे वेज एंड आवर डिवीजन के जरिए पहले जमा किए गए लेबर कंडीशन एप्लीकेशन के डेटा की समीक्षा शुरू कर सकें। समीक्षा से यह तय होगा कि क्या स्पॉन्सर करने वाले एम्प्लॉयर के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई जरूरी है। एच-1बी मामलों की प्रोसेसिंग करते समय स्टेट, लेबर और होमलैंड सिक्योरिटी विभागों को कॉमर्स और एजुकेशन विभागों तथा स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन से सलाह लेनी होगी। ये एजेंसियां कानूनी जरूरतों के पालन का आकलन करने में मदद के लिए वेतन, रोजगार, शैक्षणिक, औद्योगिक और अन्य आर्थिक जानकारी उपलब्ध कराएंगी।
2022-2026 के बीच आठ लाख से 1.3 मिलियन अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी
प्रशासन ने इन उपायों को अमेरिकी वर्करों की कथित विस्थापन और कुछ एम्प्लॉयर तथा आउटसोर्सिंग फर्मों द्वारा प्रोग्राम के दुरुपयोग के जवाब के तौर पर पेश किया। ऑर्डर में आरोप लगाया गया कि टेक्नोलॉजी एम्प्लॉयर ने सामूहिक रूप से लाखों वर्करों के लिए एच-1बी वीजा की मांग की, जबकि 2022 से 2026 के बीच 800,000 से 1.3 मिलियन अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी की। इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ एम्प्लॉयर ने नौकरी की जिम्मेदारियों, काम की स्थितियों या आवेदकों की योग्यताओं के बारे में गलत जानकारी दी। न तो ऑर्डर और न ही फैक्ट शीट में इन आरोपों पर एम्प्लॉयर या आउटसोर्सिंग फर्मों की प्रतिक्रिया शामिल थी।
2025 के घोषणापत्र के लागू होने के बाद से आई सबसे बड़ी गिरावट
व्हाइट हाउस ने कहा कि 2025 के घोषणापत्र के लागू होने के बाद से सबसे बड़ी इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी आउटसोर्सिंग फर्मों द्वारा जमा किए गए रजिस्ट्रेशन में 92 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसमें कॉन्सुलर प्रोसेसिंग के अनुरोधों में लगभग 97 प्रतिशत की गिरावट की भी जानकारी दी गई। ये नए उपाय व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट में बताए गए बदलावों के तहत किए गए हैं। इनमें दिसंबर 2025 का डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी का वह नियम भी शामिल है, जिसके तहत रैंडम सिलेक्शन (यादृच्छिक चयन) की जगह वेतन-स्तर के आधार पर वेटेज देने वाली प्रणाली लागू की गई। फैक्ट शीट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2027 में इसका पहली बार इस्तेमाल किया गया और रजिस्ट्रेशन में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आई।
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