अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर दी चेतावनी, कहा बातचीत का आखिरी मौका

खबर सार :-

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड की बातें दुनिया वालों के लिए दुविधाजनक लग रही हैं। पिछले 48 घंटे में उन्होंने दो अलग-अलग बातें कही थी। पहले  उन्होंने कहा था कि वह पूरी ताकत के साथ ईरान और तेहरान को बर्बाद करने की तैयारी बना चुके हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर हमारी स्टील की दीवार, गिड़गिड़ाता रहेगा ईरानः ट्रंप

खबर विस्तार : -

अमेरिकी : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड की बातें दुनिया वालों के लिए दुविधाजनक लग रही हैं। पिछले 48 घंटे में उन्होंने दो अलग-अलग बातें कही थी। पहले  उन्होंने कहा था कि वह पूरी ताकत के साथ ईरान और तेहरान को बर्बाद करने की तैयारी बना चुके हैं। दूसरी बात उनकी यह कि समझौता हो रहा है। अब युद्ध नहीं होगा। उनकी दूसरी बात से दुनिया के बाजारों में कुछ रौनकता लौटने की उम्मीद जगी थी। उसके कुछ ही घंटे बाद ट्रंप ने अजीबो गरीब बयान दिया है। उनका कहना है कि चाहे कुछ भी हो जाए ईरान को समझौता करना पड़ेगा।

यह भी पढ़ें : पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद, कच्चे तेल में नरमी का रुख, 83 डॉलर से नीचे आया ब्रेंट क्रूड

ईरान के विदेश मंत्रालय ने बातचीत से इन्कार किया

अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट पर पूरा नियंत्रण है और पूरी ताकत के साथ वह इस पर अपना नियंत्रण बनाए रखेंगे। चाहे कुछ भी कर ले ईरान में कोई सामग्री नहीं जा पाएगी। उनकी इस बात के मायने क्या हैं? अभी तक किसी दौर की बातचीत नहीं हुई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेल ने भी सोमवार को ऐसे ही संकेत दिए हैं। उनका कहना है कि उससे कोई बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की अप्रत्यक्ष वार्ता से जुड़े दावे की जानकारी दिया है। कहा है कि किसी प्रतिनिधि का स्वागत करने या फिर किसी को बातचीत के लिए भेजने का ईरान का कोई इरादा नहीं है।

डोनाल्ड ट्रंप अपने आप में खुद ही असमंजस स्थिति में हैं। वह तय नहीं कर पा रहे हैं कि उनको क्या करना है। ट्रंप ने दो चरणों में बात करने के लिए कहा है। पहले चरण में वह होर्मुज स्ट्रेट की बात कर रहे हैं, जिसे पूरी तरह से खोला जाए। यह बात वह खुद कह रहे हैं कि मंगलवार यानी आज खोल दिया जाएगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो युद्ध विराम ना समझा जाए। दूसरे चरण पर उनकी परमाणु मुद्दे पर बात होगी। वह कह रहे हैं कि परमाणु उनके पास नहीं हो सकता। 

ट्रंप ने कहा, बातचीत के लिए यह आखरी मौका

बातचीत के लिए यह आखरी मौका होगा और इस मौके को गंवाने पर ईरान को बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। अब समझना यह है कि यह समझौता है या धमकी? वह कह रहे हैं कि एक अच्छे समझौते पर हस्ताक्षर करने का उन्हें यह आखिरी अवसर है। यानी ट्रंप की इन दोनों बातों को ईरान मान ले वरना उसे युद्ध के लिए तैयार रहना पड़ेगा। ईरान दोहरे चरित्र वाला है, यह बात खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कही है। उनका कहना है कि एक तरफ तो अमेरिका के साथ बातचीत के लिए गिड़गिड़ाते रहते हैं और जैसे ही बैठक समाप्त होती है, वैसे ही उनकी बातें बदल जाती हैं। वह बड़े-बड़े दावे करते हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान अब कुछ भी कर ले, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का ही नियंत्रण रहेगा। जब तक अमेरिका चाहेगा, ईरान के पास कोई भी सामग्री नहीं पहुंचेगी। 

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर परेशान हैं ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि ईरान का नेतृत्व हैरान करने वाली दो बातें कर रहा है। एक में वह बैठकों के लिए गिड़गिड़ाते हैं तो दूसरी में बातचीत तय होते ही बड़े गर्व से कहते हैं की बातचीत हो ही नहीं रही है। किसी मुद्दे पर चर्चा नहीं हो रही है। अमेरिका ने कहा है कि ईरान को पूरी तरह से आत्मसमर्पण करना होगा और यह बात उसे माननी पड़ेगी। समझौते के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कह रहे हैं कि ईरान चाहे माने या ना माने लेकिन समस्या का हाल अमेरिका निकाल लेगा। वह भी बातचीत कर रहे हैं, लेकिन यह साफ है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होग। होर्मुज स्ट्रेट पर हम नाकाबंदी कर चुके हैं। हमारी नौसेना वहां मौजूद है और उसका पूरा नियंत्रण बना हुआ है।

FAQ...

1. क्या अमेरिकी राष्ट्रपति के दावे में सच्चाई है?

अमेरिकी राष्ट्रपति इस तरह की बातें कई बार कह चुके हैं, लेकिन ईरान किसी भी प्रकार से झुकने के लिए तैयार नहीं है और होर्मुज स्ट्रेट पर भी अमेरिकी राष्ट्रपति का नियंत्रण नहीं है।

2. समझौते के लिए अमेरिका के साथ दूसरा कौन सा देश है?

तुर्कीए और पाकिस्तान ने पहले प्रयास किए थे, लेकिन वार्ता विफल रही। इसलिए अभी तक कोई और देश बातचीत करने के लिए आगे नहीं आया है।

3. ईरान और अमेरिका के बीच की लड़ाई क्या लंबी चल सकती है?

धमकी देकर समझौते करवा पाना ईरान से मुश्किल है। इसलिए अभी यह माना जाए की स्थिति यूं ही बनी रहेगी। अमेरिका में उनका विरोध भी हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी करने का दावा कर चुके हैं। जब उनका पूरा नियंत्रण बना हुआ है तो वह बयान क्यों बदल रहे हैं।

यह भी पढ़ेंअमेरिका और इजराइल के सुर फिर एक, ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर करेंगे शक्ति प्रदर्शन
 

अन्य प्रमुख खबरें