चीन में कोडिंग से लेकर फूड डिलीवरी तक, तेजी से बढ़ रहा AI का इस्तेमाल, नौकरियों पर असर की चिंता
खबर सार :-
चीन में एआई के बढ़ते इस्तेमाल से उत्पादकता बढ़ी है। लेकिन, युवाओं की नौकरियों पर खतरा मंडराने लगा है। पिछले एक साल में विभिन्न क्षेत्रों में AI का इस्तेमाल 40 फीसदी तक बढ़ा है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल हमारे काम करने के तरीके को बदल रहा है। जहां इससे प्रोडक्टिविटी बढ़ रही है, वहीं इसने नौकरी जाने का डर भी पैदा कर दिया है, खासकर युवाओं के बीच। 'क्वार्ट्ज' की एक रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे बीजिंग अपनी इकॉनमी के लगभग हर सेक्टर में AI को शामिल करने की कोशिश कर रहा है, इसका असर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से लेकर डिलीवरी सर्विस तक के अलग-अलग क्षेत्रों के कर्मचारियों पर साफ दिख रहा है।
ऐसे ही एक व्यक्ति हैं बीजिंग के प्रोग्रामर फेई झाओजुन, जिनकी नौकरी तब चली गई जब उनकी कंपनी ने यह पता लगाना शुरू किया कि क्या AI उन कोडिंग कामों को कर सकता है जो आम तौर पर इंसान करते हैं। फेई उन लगभग 160 कर्मचारियों में शामिल थे जिन्हें उनकी कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया था। उन्होंने बताया कि AI की क्षमताएं लगातार बेहतर हो रही हैं और कई मिड-लेवल प्रोग्रामिंग रोल अब आसानी से ऑटोमेट किए जा सकते हैं। नौकरी जाने के बाद से फेई टेक इंडस्ट्री से दूर हो गए हैं; वे अभी छोटे वीडियो बना रहे हैं और अपने अगले करियर कदम के बारे में सोच रहे हैं।
एक साल में 40 फीसदी तक बढ़ा एआई का इस्तेमाल
चीन में AI को अपनाने की रफ्तार बहुत तेज है। मार्केट इंटेलिजेंस फर्म IDC के अनुसार, 2024 में चीन की 10 प्रतिशत से भी कम इंडस्ट्रियल कंपनियां AI मॉडल और एजेंट का इस्तेमाल कर रही थीं। पिछले साल तक, यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 50 प्रतिशत हो गया। इससे पता चलता है कि कंपनियां लागत कम करने और कामकाज को तेज करने के लिए कितनी तेजी से इस टेक्नोलॉजी को अपना रही हैं।
रोजमर्रा की जिंदगी में भी दिख रहा असर
इस बदलाव का असर रोजमर्रा की जिंदगी में भी दिख रहा है। लॉजिस्टिक्स में (जिसमें पार्सल सॉर्टिंग भी शामिल है) ह्यूमनॉइड रोबोट तैनात किए जा रहे हैं, जबकि ऑटोनॉमस मशीनें ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसे काम संभालने लगी हैं। शहरों में फूड डिलीवरी रोबोट आम हो गए हैं, जिससे डिलीवरी सर्विस में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बेरोजगारी का सामना कर रहे युवा
लेबर मार्केट पर यह असर ऐसे समय में हो रहा है जब चीनी युवा पहले से ही बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। जहां देश में शहरी बेरोजगारी दर लगभग 5 प्रतिशत है, वहीं 16 से 24 साल के उन युवाओं में बेरोजगारी काफी ज्यादा है जो पढ़ाई नहीं कर रहे हैं; यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से लगभग तीन गुना है। जानकारों का कहना है कि बड़े पैमाने पर ऑटोमेशन से युवाओं के लिए स्थिर नौकरी पाना और भी मुश्किल हो सकता है।
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एआई के साथ नई नौकरियों की भी जरूरत
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि हालांकि AI के फायदे साफ हैं, लेकिन इस बदलाव के गंभीर सामाजिक नतीजे हो सकते हैं। उम्मीद है कि ऑटोमेशन से प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी और इकॉनमिक ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन, अगर तेजी से नई नौकरियां पैदा नहीं हुईं, तो बड़े पैमाने पर नौकरी जाने से बेरोजगारी का दबाव बढ़ सकता है और सामाजिक अस्थिरता पैदा हो सकती है।
एआई और तकनीक के इस्तेमाल में सबसे आगे चीन
चीन AI और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रहा है। देश में हुए इनोवेशन और रिसर्च की वजह से स्मार्ट और दुनिया को हैरान कर देने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट बने हैं। हाल ही में, चीनी रोबोट ने न सिर्फ अपनी कुंग-फू क्षमताओं से पहचान बनाई है, बल्कि सबसे तेज दौड़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया है। अकेले पिछले पांच सालों में चीन ने रोबोट बनाने और AI के क्षेत्र में जबरदस्त तरक्की की है। चीन की इस तकनीकी तरक्की से दुनियाभर में यह मजबूत संदेश गया है कि देश विज्ञान और टेक्नोलॉजी के विकास को बहुत अहमियत देता है।
5 सालों में डिजिटल और ग्रीन बदलाव की रफ्तार बढ़ेगी
चीन ने हाल ही में एक एक्शन प्लान जारी किया है, जिसका मकसद अगले पांच सालों में अपनी अर्थव्यवस्था और समाज में तालमेल बिठाते हुए डिजिटल और ग्रीन बदलाव की रफ्तार को बढ़ाना है; AI मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन को देखते हुए, इन कोशिशों को समग्र रूप से आगे बढ़ाना जरूरी है। इसके लिए, एनर्जी एफिशिएंसी (ऊर्जा दक्षता) को बेहतर बनाने और कम-कार्बन वाले विकास को बढ़ावा देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर खास जोर दिया जाएगा। इस प्लान के लागू होने से चीन को उम्मीद है कि 2030 तक AI टेक्नोलॉजी से लागत में काफी कमी आएगी और काम करने की क्षमता (ऑपरेशनल एफिशिएंसी) बढ़ेगी। इससे संबंधित उद्योगों में ग्रीन और कम-कार्बन वाले इनोवेशन के साथ गहरा तालमेल बिठाना आसान हो जाएगा।
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