AI से पर्यटन को लगेंगे पंख, मानस साहू ने पुरी में सैंड एनिमेशन से टेक्नोलाॅजी और टूरिज्म के मेल का दिया संदेश

खबर सार :-

आज विश्व पर्यटन दिवस है। इस मौके पर प्रसिद्ध कलाकार मानस साहू ने पुरी में एक सैंड एनिमेशन बनाया। उन्होंने पर्यटन के क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल का महत्व समझाने की कोशिश की है।
पुरी में रेत पर उकेरा खास सैंड एनिमेशन, पर्यटन में AI का बताया महत्व

खबर विस्तार : -

पुरी: विश्व पर्यटन दिवस 2026 के मौके पर, ओडिशा के मशहूर इंटरनेशनल सैंड आर्टिस्ट मानस कुमार साहू ने अपनी कला के जरिए पर्यटन और टेक्नोलॉजी के मेल के बारे में एक खास संदेश दिया है। उन्होंने 27 सितंबर को मनाए जाने वाले विश्व पर्यटन दिवस के लिए अपने स्टूडियो में एक खास सैंड एनिमेशन बनाया।

इस साल विश्व पर्यटन दिवस की थीम "डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए पर्यटन को नया रूप देना" है। यह थीम पर्यटन के भविष्य को आकार देने में डिजिटल टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की अहम भूमिका को उजागर करती है। इसी थीम पर आधारित, मानस साहू ने अपनी क्रिएटिव सैंड एनिमेशन के ज़रिए पर्यटन, संस्कृति, विरासत और तकनीकी इनोवेशन के महत्व को खूबसूरती से दिखाया है।

पर्यटन से आर्थिक विकास संभव

मानस कुमार साहू ने कहा, "आज हमने विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर पुरी में एक सैंड एनिमेशन पेश किया। इस साल की थीम पर्यटन को नया रूप देने के लिए डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रित है। हमने उसी थीम पर आधारित यह सैंड एनिमेशन बनाया है।" उन्होंने आगे कहा, "चूंकि पुरी एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है, इसलिए दुनियाभर से लाखों पर्यटक यहां आते हैं। इसी तरह, पर्यटक दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा करते हैं और उन्हें देखते-समझते हैं, जिससे उन क्षेत्रों को काफी आर्थिक लाभ होता है। अगर हम सही दिशा में पर्यटन का विकास करें, तो जबरदस्त आर्थिक विकास संभव है।"

पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाने का संदेश

इस कलाकृति के जरिए मानस साहू ने भारत की पर्यटन की अपार संभावनाओं को बढ़ावा देने वाला संदेश दिया। यह कलाकृति पुरी में उनके स्टूडियो में सिर्फ 15 मिनट में पूरी की गई। उन्होंने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक मंच पर दिखाने के लिए लगातार इस अनोखी कला शैली सैंड एनिमेशन का इस्तेमाल किया है।

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देश में घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ी

शनिवार को सरकार द्वारा जारी एक फैक्ट शीट के अनुसार, 2025 में देश में घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़कर 428.55 करोड़ हो गई, जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़कर 2.53 करोड़ हो गई। इसी दौरान, पर्यटन क्षेत्र से विदेशी मुद्रा की कमाई बढ़कर ₹2,76,831 करोड़ हो गई।

भारत की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का योगदान

यह फैक्ट शीट 2023-24 में भारत की अर्थव्यवस्था में पर्यटन क्षेत्र के अहम योगदान को उजागर करती है। इस क्षेत्र ने देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 5.22 प्रतिशत का योगदान दिया और 8.46 करोड़ नौकरियों को सहारा दिया। इससे पता चलता है कि पर्यटन केवल यात्रा और मेहमाननवाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की आर्थिक गतिविधि का एक अहम स्तंभ बन गया है।

नए सिरे से तैयार किया गया डिजिटल प्लेटफॉर्म

फैक्टशीट में यह भी बताया गया है कि 'इनक्रेडिबल इंडिया' डिजिटल प्लेटफॉर्म को नए सिरे से तैयार किया गया है। यह प्लेटफॉर्म भारत की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों, एडवेंचर टूरिज्म, खान-पान, वेलनेस, कला और शिल्प, और ग्रामीण पर्यटन को दिखाने वाले वर्चुअल अनुभव प्रदान करता है। इसके AI-आधारित टूल पर्यटकों को मौसम की रियल-टाइम जानकारी, शहर घूमने की सुविधा और यात्रा से जुड़ी अन्य जरूरी सेवाएं देकर पर्सनलाइज्ड अनुभव प्रदान करते हैं।

FAQ

1- विश्व पर्यटन दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

पर्यटन के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है।

2- विश्व पर्यटन दिवस मनाने की शुरुआत कब हुई?

इस दिन को आधिकारिक तौर पर मनाने की शुरुआत 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO / UN Tourism) ने की थी।

3- विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम क्या है?

इस साल विश्व पर्यटन दिवस की थीम "डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए पर्यटन को नया रूप देना" है।

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