खुदाई में निकले गोले, उलझा पुरातत्व विभाग, धातु के 29 गोले में छिपा है ऐतिहासिक राज

खबर सार :-

जिला अमेठी के भनोली में 29 बड़े धातु के गोले शौचालय के लिए गड्ढे की खुदाई के दौरान मिले हैं। यह गोले ऐतिहासिक माने जा रहे हैं। इनकी जांच शुरू कर दी गई है।
अमेठी में हलचल बढ़ा रहे धातु के 29 गोले, रहस्य जानने के लिए गड्ढा झांक रहे लोग

खबर विस्तार : -

अमेठी, जिला अमेठी के एक गांव में 29 बड़े धातु के गोले खुदाई में मिले हैं। इन गोले के रहस्य को जानने के लिए गांव में हलचल मची हुई है। गोले बरामद कर राजस्व विभाग की टीम को मौके पर ही दे दिया गया। लखनऊ से पुरातत्व विभाग की एक टीम ने जांच भी शुरू कर दी है। 

जानकारी के अनुसार, गांवों के लोग उस गड्ढे तक पहुंच रहे हैं, जिसकी खुदाई में गोले मिले हैं। जिस स्थान पर शौचालय बनाने के लिए गड्ढा खोदा जा रहा था, उसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। इस गड्ढे में खुदाई के दौरान 29 गोले मिले हैं। यह धातु के बताए जा रहे हैं। इनका क्या रहस्य है? यह ऐतिहासिक भी है? यह सवाल सबके लिए जिज्ञासा बन चुुके हैं। पुरातत्व, राजस्व और पुलिस के लोगों को जानकारी मिलते ही वह उस स्थान पर पहुंचे, जहां पर यह गोले मिले हैं। बताया जा रहा है कि यह सभी गोले एक ही स्थान पर रखे हुए थे। भनोली निवासी मोहम्मद इकबाल अपनी जमीन पर शौचालय बनाने के लिए एक गड्ढे की खुदाई करवा रहे थे। इसमें गहराई तक की मिट्टी निकाल ली गई थी। 

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सभी की बनावट लगभग एक जैसी 

खुदाई के दौरान मजदूरों ने बताया कि उन्हें कोई गोलाकार वस्तु दिखाई दे रही है। जमीन मालिक को भी बुलाया गया। मंगलवार को इकबाल ने मुसाफिरखाना कोतवाली में इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक विवेक कुमार सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। खुदाई का सिलसिला जारी रहा। तभी एक के बाद एक 29 गोले बरामद किए गए। हर गोले का वजन करीब 8 से 10 किलोग्राम के बीच है।

सभी की बनावट लगभग एक जैसी दिख रही है। अभी अनुमान लगाया जा रहा है कि यह गोले मामूली नहीं हैं। आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन एक अनुमान के आधार पर बताया जा रहा है कि यह गोले तोप में इस्तेमाल किए जाते रहे होंगे। हो सकता है कि यह ब्रिटिश काल के हों। पूरे मामले की तहकीकात करने के लिए और इनका रहस्य जानने के लिए पुलिस ने गड्ढे के पास घेराबंदी कर दी। मौके पर पुलिस भी तैनात कर दी गई है। जमीन मालिक से खुदाई कार्य को रोकने के लिए कहा गया है। जब तक इस स्थल की जानकारी और रहस्य के बारे में पता नहीं कर लिया जाता है, तब तक उन्हें किसी प्रकार का निर्माण करने से मना किया गया है। 

गोले का वजन 8 से 10 किलो 

अधिकारियों में नायब तहसीलदार राम लखन वर्मा के अलावा भी कई अधिकारी पहुंचे। इन सभी गोले की बरामदगी कर सुरक्षित तरीके से बोरियों में रखा गया है। प्रशासन ने इसकी जानकारी पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को भी दी है। लखनऊ से जुड़े अधिकारी भी इसकी जानकारी जुटाने में लग गए हैं। उधर एसडीएम मुसाफिरखाना नितेश राज का कहना है कि भनौली में खुदाई के दौरान जो गोले मिले हैं, उनका वजन 8 ही 10 किलो के करीब है। पुरातत्व विभाग को भी सूचना दी गई हैं। वह टीम इस मामले की पूरी जांच करेगी। अधिकारियों की नजरें अब पुरातत्व विभाग पर ही टिकी हुई हैं, जब तक वह पूरे मामले की जांच नहीं कर लेंगे, तब तक इनके बारे में कुछ कह पाना बहुत ही मुश्किल है। अनुमान तो यह है कि यह तोप के गोले हैं। दूसरी ओर यह इतिहास से जुड़ा हुआ प्रकरण बताया जा रहा है। बहरहाल अभी तक इनका रहस्य बरकरार है।

मिल चुकी हैं ऐतिहासिक वस्तुएं

भारत में अब तक कई जगहों पर पुरातत्व विभाग अपनी टीम के साथ खुदाई करवा चुका है। इस दौरान ऐसी वस्तुएं बरामद की हैं, जिनके संबंध में जांच कराई गई तो कई अहम जानकारियां मिलीं। विभाग के द्वारा प्राचीन युद्धों, राजाओं के शासनकाल में इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुएं और औपनिवेशिक काल में जैसे पुर्तगाली या ब्रिटिश काल से संबंधित चीजें मिली हैं। इनमें गोले भी शामिल हैं। कई बार इतिहास खुदाई में मिली वस्तुओं के इर्द-गिर्द रहा है।

देश में कई स्थानों पर खुदाई कराई गई। इस दौरान ऐसी दुर्लभ वस्तुएं मिली हैं। केरल में खुदाई कराई गई थी। यहां सेंट एंजेलो फोर्ट से संबंधित वस्तुएं थीं। इसके साथ ही ओल्ड गोवा और हैदराबाद-तेलंगाना में ऐसी खुदाई की गई है। तिरुवन्नामलाई में खुदाई के दौरान तोप के गोले मिले थे। केरल में 16वीं से लेकर 18वीं शताब्दी तक के लोहे के ठोस और खोखले गोले खुदाई के दौरान पाए गए थे। उनके बारे में कहा गया है कि यह सरकारी कार्य में प्रयोग होते थे। अमेठी के गोले भी पुर्तगाली शासन काल सरकारी ऐतिहासिक शस्त्रागार की सामग्री हो सकती है। 

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