मंदिर, नेशनल पार्क और होमस्टे बन रहे मध्य प्रदेश की पहचान, फिल्म टूरिज्म को भी मिल रहा बढ़ावा
खबर सार :-
मध्य प्रदेश पर्यटकों का पसंदीदा जगह बन गया है। यहां ग्रामीण और एडवेंचर टूरिज्म आधारित पर्यटन में काफी बढ़त मिली है। 2025 में 21 करोड़ से पर्यटकों ने विभिन्न पर्यटक स्थलों की सैर की।
खबर विस्तार : -
भोपाल: मध्य प्रदेश प्राकृतिक सुंदरता और विविध संस्कृतियों से समृद्ध है। आज, यह राज्य देश और दुनियाभर के पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा जगह बन गया है। राज्य के पर्यटन क्षेत्र ने हाल ही में सफलता की एक नई कहानी लिखी है। राज्य में पर्यटन अब महाकाल, खजुराहो, कान्हा और पचमढ़ी जैसी पारंपरिक जगहों तक ही सीमित नहीं है; इस क्षेत्र का दायरा और पहुंच अब नए धार्मिक केंद्रों, ग्रामीण पर्यटन, होम-स्टे, एडवेंचर टूरिज्म और अनुभव-आधारित पर्यटन तक बढ़ गई है। यह बदलाव आंकड़ों में साफ तौर पर दिखाई देता है।
टूरिज्म डेटा के अनुसार, राज्य में आने वाले टूरिस्ट की संख्या 2024 में 13.33 करोड़ से बढ़कर 2025 में 21.05 करोड़ हो गई। एक साल में 7.72 करोड़ या 57.9 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि यह दिखाती है कि मध्य प्रदेश की प्राकृतिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भव्यता दुनियाभर में लोगों को आकर्षित कर रही है। कुल पर्यटक यात्राओं में से आधे से ज्यादा उज्जैन-इंदौर क्षेत्र में हुईं। उज्जैन में 8.40 करोड़ और इंदौर में 2.81 करोड़ पर्यटक आए, जो राज्य की कुल यात्राओं का लगभग 53.3 प्रतिशत है। इसके अलावा, पर्यटन के नक्शे पर हाल ही में आए नए धार्मिक केंद्रों—जैसे कुबेरेश्वर धाम (1.50 करोड़), रतनगढ़ माता मंदिर (1 करोड़), बगलामुखी मंदिर, पीतांबरा पीठ और बागेश्वर धाम में कुल मिलाकर लगभग 3.51 करोड़ श्रद्धालु आए। महेश्वर, खजुराहो, सांची, पचमढ़ी और भोपाल जैसी पारंपरिक जगहों पर भी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।
राज्य की प्रमुख जगहों तक आसान पहुंच
पर्यटन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए, राज्य सरकार ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, ग्वालियर, सिंगरौली और खजुराहो को एक मजबूत हवाई नेटवर्क से जोड़ा है। 'PM SHRI पर्यटन वायु सेवा' और उसके बाद शुरू की गई 'PM SHRI हेली पर्यटन सेवा' ने ओंकारेश्वर, पचमढ़ी, कान्हा और बांधवगढ़ जैसी प्रमुख जगहों तक पहुंचना बहुत आसान बना दिया है। कनेक्टिविटी में इस रणनीतिक सुधार के कारण, राज्य ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव और मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट जैसे आयोजनों के जरिए ₹10,968 करोड़ से ज्यादा का प्राइवेट इन्वेस्टमेंट आकर्षित किया है।
ग्रामीण पर्यटन ने राज्य की तस्वीर बदली
मध्य प्रदेश के ग्रामीण पर्यटन और 'होमस्टे' पहलों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदल दिया है। राज्यभर में 63 पर्यटन गांव विकसित किए गए हैं और अभी 470 से ज्यादा रजिस्टर्ड होमस्टे चल रहे हैं। खास बात यह है कि छिंदवाड़ा जिले के सावरवानी और धुसावानी जैसे पर्यटन गांवों में महिलाएं होमस्टे को सफलतापूर्वक चलाने के लिए आगे आ रही हैं। यहां, महिलाओं की जोड़ियां—जैसे सास-बहू, मां-बेटी या ननद-भाभी पर्यटकों की मेजबानी के लिए मिलकर काम करती हैं; इससे न केवल वे आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, खान-पान और लोक कलाओं को भी बढ़ावा मिलता है। सावरवानी का 'मड हाउस' मॉडल और आदिवासी लड़कियों के टूरिस्ट गाइड के तौर पर काम करने की पहल को दूसरे राज्यों से आने वाले स्टडी ग्रुप्स से बहुत तारीफ मिल रही है।

प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत का अनोखा केंद्र
मध्य प्रदेश प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत का भी एक अनोखा केंद्र है। राज्य का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा जंगलों से घिरा है, जहां 12 नेशनल पार्क, 24 वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी और 9 टाइगर रिजर्व हैं। खजुराहो, सांची और भीमबेटका जैसी UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स के अलावा, भगोरिया नृत्य, गोंड पेंटिंग और नर्मदा परिक्रमा को 2025 में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) की सूची में शामिल किया गया था। इसके अलावा, ग्वालियर किला, ओरछा, भेड़ाघाट और चंदेरी समेत 15 अन्य जगहों ने UNESCO की संभावित सूची (tentative list) में जगह बनाई है।
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फिल्म टूरिज्म में अग्रणी मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश फिल्म टूरिज्म के क्षेत्र में एक लीडर के तौर पर उभरा है। 'पंचायत', 'स्त्री' और 'लापता लेडीज' जैसी फिल्मों ने राज्य की कई जगहों को नई पहचान दिलाई है। एक पारदर्शी फिल्म पॉलिसी की वजह से, अब तक राज्य में 502 से ज्यादा फिल्में और वेब सीरीज शूट की गई हैं, जिनसे लगभग ₹1,200 करोड़ का निवेश हुआ है और 1.5 लाख रोजगार के मौके बने हैं। इसके अलावा, स्काईडाइविंग, पेंच-मोगली ट्रेक, तवा-मढ़ाई साइकिलिंग और ओरछा में रिवर राफ्टिंग जैसी रोमांचक गतिविधियां पर्यटकों को अनोखा अनुभव दे रही हैं। मध्य प्रदेश ने टूरिज्म सेक्टर में इनोवेशन, बेहतरीन काम और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के जरिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। 2025 में, राज्य को टूरिज्म में शानदार प्रदर्शन के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले, जिनमें 'बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड' और 'गोल्डन बरगद अवार्ड' (हेरिटेज टूरिज्म के लिए बेस्ट स्टेट) जैसे अवार्ड शामिल हैं।
हेरिटेज टूरिज्म के क्षेत्र में भी खास पहचान
राज्य को हेरिटेज टूरिज्म के क्षेत्र में भी खास पहचान मिली। मध्य प्रदेश को वर्सेटाइल एक्सीलेंस ट्रैवल अवार्ड्स (VETA) 2025 में 'लीडिंग हेरिटेज टूरिस्ट डेस्टिनेशन' के तौर पर मान्यता मिली। साथ ही, नई दिल्ली में आयोजित SATTE 2025 में इसे 'बेस्ट स्टेट टूरिज्म अवार्ड' से सम्मानित किया गया। इन बेहतरीन कोशिशों, इनोवेशन और 'रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म मिशन' की वजह से, मध्य प्रदेश को लगातार दूसरे साल प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान मिले हैं - जैसे 'बेस्ट स्टेट टूरिज्म अवार्ड' (SATTE 2026), 'SKOCH गोल्ड अवार्ड 2026' और 'लीडिंग टूरिज्म डेस्टिनेशन अवार्ड 2026'।
टूरिज्म को नई पहचान देने की कोशिशें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश की पहचान सिर्फ राष्ट्रीय नक्शे पर 'भारत का दिल' होने तक सीमित नहीं है। अपनी ऐतिहासिक विरासत को बचाने और इनोवेशन पर आधारित पॉलिसी लागू करने के जरिए, राज्य अब ग्लोबल टूरिज्म के नक्शे पर अपनी मजबूत मौजूदगी बना रहा है। आने वाले टूरिज्म प्रोजेक्ट्स के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और पुरातत्व से जुड़ी विरासत को आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ा जा रहा है। उनका ध्यान एक ऐसे टूरिज्म मॉडल पर है जहां पुरानी विरासत और आधुनिक सुविधाएं मिलकर पर्यटकों को एक नया अनुभव दें, जिससे मध्य प्रदेश में टूरिज्म के एक नए दौर की शुरुआत हो सके।
टूरिज्म, संस्कृति और धार्मिक ट्रस्ट व बंदोबस्त विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, टूरिज्म देश के तेजी से विकसित होने वाले सेक्टरों में से एक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक स्थल, समृद्ध वन्यजीव और शानदार विरासत ने इसे देश और दुनियाभर के यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना दिया है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या मध्य प्रदेश की वैश्विक पहचान को मजबूत कर रही है।
ट्रैवल मार्ट के जरिए लोगों को एक साथ लाने की पहल
शिव शेखर शुक्ला, अतिरिक्त मुख्य सचिव (टूरिज्म, संस्कृति, गृह और धार्मिक ट्रस्ट व बंदोबस्त) और मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा कि मध्य प्रदेश में मेहमानों का स्वागत करना और उन्हें बेहतरीन अनुभव देना राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े अलग-अलग लोगों को एक ही मंच पर लाने की कोशिश 'मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट' के जरिए पूरी हुई है। इस इवेंट ने टूर ऑपरेटरों, होटल मालिकों और अन्य लोगों के बीच बातचीत को आसान बनाया, जिससे नई पार्टनरशिप और सहयोग के मौकों का रास्ता खुला। उन्होंने टूर ऑपरेटरों और होटल मालिकों से ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों को मध्य प्रदेश भेजने का आग्रह किया।
पर्यटक सिर्फ 'देखने' नहीं, बल्कि 'अनुभव करने' आएंगे
पर्यटन विभाग के सचिव और पर्यटन बोर्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी. ने कहा कि यह अवॉर्ड मिलना मध्य प्रदेश के पर्यटन इकोसिस्टम को मजबूत करने की लगातार कोशिशों का सबूत है। पर्यटन को सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित रखने के बजाय, राज्य एक ऐसा व्यापक इकोसिस्टम विकसित कर रहा है जिसमें अनुभव, रोमांच, संस्कृति और स्थानीय अवसर शामिल हैं। विरासत और प्रकृति के संरक्षण के साथ-साथ टिकाऊ, जिम्मेदार और अनुभव-आधारित पर्यटन पर ध्यान दिया जा रहा है। डॉ. इलैयाराजा के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, पर्यटकों की सुविधाओं और इनोवेशन में लगातार सुधार से मध्य प्रदेश विरासत, वन्यजीव, आध्यात्मिक और इको-पर्यटन के लिए एक प्रमुख डेस्टिनेशन के तौर पर स्थापित हो रहा है।
स्काईडाइविंग हब के तौर पर उज्जैन का विकास
वन्यजीव, इको, ग्रामीण, विरासत, सांस्कृतिक और आदिवासी, वेलनेस, रोमांच, मेडिकल, गोल्फ और अनुभव-आधारित पर्यटन जैसे क्षेत्रों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। मकसद सिर्फ पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि नई जगहें विकसित करना, पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना, स्थानीय आर्थिक अवसर पैदा करना और एक टिकाऊ और समावेशी पर्यटन ढांचा तैयार करना है। इसी सोच के साथ, नए अनुभव जैसे कि फाॅर्सिथ ट्रेक, पेंच मोगली ट्रेक, तवा-मढ़ाई साइकिलिंग, पचमढ़ी मानसून मैराथन, ओरछा में बेतवा नदी राफ्टिंग और पेंच मोनोलिथ्स ट्रेल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। उज्जैन को स्काईडाइविंग हब के तौर पर विकसित किया जा रहा है; 2022 से अब तक 1,200 से ज्यादा लोगों ने 10,000 फीट की ऊंचाई से स्काईडाइविंग का अनुभव किया है।
आध्यात्मिक पर्यटन भी पर्यटकों को कर रही आकर्षित
आध्यात्मिक पर्यटन भी राज्य की एक बड़ी ताकत है। दो ज्योतिर्लिंगों महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर के अलावा, चित्रकूट, मैहर, दतिया और सलकनपुर जैसे कई धार्मिक स्थल भी हैं। नर्मदा परिक्रमा इस क्षेत्र की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का मौका देती है। वहीं, खजुराहो इंटरनेशनल डांस फ़ेस्टिवल, तानसेन समारोह, लोकरंग और भगोरिया जैसे आयोजन राज्य की जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं को पर्यटन से जोड़ रहे हैं। 'भारत का धड़कता दिल' होने के नाते, मध्य प्रदेश अब न केवल यात्रियों के लिए, बल्कि कॉर्पोरेट लीडर्स, इवेंट प्लानर्स और निवेशकों के लिए भी नए अवसर पैदा कर रहा है।
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