मध्य प्रदेश में फिर से मिलेगी सार्वजनिक परिवहन की सुविधा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मिलेगी बड़ी सौगात

खबर सार :-

मध्य प्रदेश में 21 सालों बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरूआत की गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और सीएम मोहन यादव इस सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे।
मध्य प्रदेश में फिर से दौड़ेगी सरकारी बस, 351 बसें होंगी संचालित

खबर विस्तार : -

भोपाल: मध्य प्रदेश के लोगों को फिर से सार्वजनिक बस की सुविधा मिलेगी। मध्य प्रदेश के निवासी दो दशकों बाद सफर के लिए सार्वजनिक परिवहन के तौर पर बस सेवा का इस्तेमाल शुरू कर सकेंगे। 21 साल के अंतराल के बाद एमपी में शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करके अपनी सार्वजनिक परिवहन बस सेवा को फिर से शुरू करेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भोपाल के गोविंदपुरा (भेल) इलाके के दशहरा मैदान से इस सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे।

शहरों और गांवों के बीच शुरु होगी सीधी बस कनेक्टिविटी  

मुख्यमंत्री ने गुरुवार शाम राज्यस्तरीय लॉन्च कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए कार्यक्रम स्थल का दौरा किया। इस कार्यक्रम से राज्य भर के शहरों और गांवों के बीच सीधी बस कनेक्टिविटी की शुरुआत होगी। उन्होंने मंच, कार्यक्रम स्थल और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और नई बसों को देखा। उन्होंने बसों की विशेषताओं के बारे में जानकारी ली और गाड़ियों के अंदर बैठकर आधुनिक तकनीक और यात्रियों के लिए सुविधाओं की जांच की। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने उन्हें कार्यक्रम की जानकारी दी। इस मौके पर भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

किफायती, सुरक्षित और सुलभ परिवहन सुविधा पहुंचाना है लक्ष्य 

राज्य सरकार ने कहा कि यह दोबारा शुरुआत उपाध्याय के अंत्योदय के दर्शन से प्रेरित है, जिसका मकसद ग्रामीण और शहरी आबादी, खासकर दूरदराज के इलाकों तक किफायती, सुरक्षित और सुलभ परिवहन सुविधा पहुंचाना है। मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को 2000 के दशक की शुरुआत में बंद कर दिया गया था, जिससे सार्वजनिक परिवहन काफी हद तक निजी ऑपरेटरों पर निर्भर हो गया था। इस नई पहल का मकसद पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर एक रेगुलेटेड, टेक्नोलॉजी-बेस्ड और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को फिर से शुरू करना है।

सात शहरों से 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को एक साथ दिखाई जाएगी हरी झंडी 

लॉन्च के समय, सात शहरों से 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को एक साथ हरी झंडी दिखाई जाएगी। इसमें इंदौर में 145 बसें (50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी), भोपाल में 106 बसें (23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी), जबलपुर में 67 बसें (14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी), रीवा में 18 इंटरसिटी बसें, देवास में 10 इंटरसिटी बसें, कटनी में तीन और भिंड में दो इंटरसिटी बसें शामिल हैं। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत, सरकार ने 2031 तक 15,000 बसें चलाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पहले साल में 1,500 बसें चलाई जाएंगी और उसके बाद हर साल 2,500 से 3,000 बसें जोड़ी जाएंगी। सुरक्षा पर ध्यान देते हुए बसों में आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी, जैसे जीपीएस, पैनिक बटन, सीसीटीवी और डिजिटल टिकटिंग। पीपीपी मॉडल को बढ़ावा देने के लिए पारदर्शी कॉन्ट्रैक्टिंग सिस्टम और इंसेंटिव स्कीम लागू की जाएंगी। प्राइवेट ऑपरेटरों को विज्ञापन और कार्गो सर्विस जैसे नॉन-फेयर सोर्स से रेवेन्यू बढ़ाने की इजाज़त होगी। साथ ही, उन्हें आधुनिक डिपो और टर्मिनल सुविधाओं के साथ-साथ सुचारू संचालन के लिए पूरा प्रशासनिक सहयोग भी मिलेगा।

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