दीपोत्सव पर 30 लाख दीयों से जगमगाएगा अयोध्या, श्रद्धालु ले सकेंगे डिजिटल रामायण का अनुभव
खबर सार :-
अयोध्या में दीपोत्सव पर 30 लाख दीये जगमगाएंगे। ड्रोन शो, थ्री डी प्रोजेक्शन और लाइव परफाॅर्मेंस मुख्य आकर्षण होंगे। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की संभावना है।
खबर विस्तार : -
अयोध्या: 2026 में अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव में परंपरा, टेक्नोलॉजी और दुनियाभर से लोगों की भागीदारी का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। राम की नगरी में लगभग 30 लाख मिट्टी के दीये जलाने के साथ-साथ, 2,100 ड्रोन का शानदार शो मुख्य आकर्षण होगा।
रामायण-थीम वाली सजावट, शानदार प्रवेश द्वार, सरयू नदी पर 'पुष्पक विमान' की स्थायी स्थापना, 'डिजिटल रामायण' का अनुभव, 3D प्रोजेक्शन मैपिंग और लेजर शो के जरिए दीपोत्सव की भव्यता बढ़ाने की तैयारी चल रही है। आम लोगों और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 'MyGov UP' प्लेटफाॅर्म के जरिए सुझाव मांगे जाएंगे। पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक मामलों के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमृत अभिजात के साथ दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं, शहर की सजावट, सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और कार्यक्रम के पूरे इंतजामों पर विस्तार से चर्चा हुई।
दीपोत्सव की तैयारियों में युवाओं को शामिल करें
जयवीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे दीपोत्सव की तैयारियों में युवाओं को सक्रिय रूप से शामिल करें, ताकि वे राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने वाले बन सकें। उन्होंने इनोवेशन को बढ़ावा देने और कार्यक्रम की योजना में अच्छे विचारों को शामिल करने के लिए 'MyGov UP' के जरिए जनता से सुझाव मांगने पर जोर दिया। 2,100 ड्रोन का शो मुख्य आकर्षण होगा; इसे दीपोत्सव के दो दिन बाद होने वाले 'जमघट' उत्सव के दौरान भी आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को इस नजारे को देखने का एक और मौका मिल सके।
लेजर शो और म्यूजिकल 'ग्रीन' आतिशबाजी
इसके अलावा, लाइव परफॉर्मेंस, 3D प्रोजेक्शन, लेजर शो और म्यूजिकल 'ग्रीन' आतिशबाजी की भी योजना है। कार्यक्रम की अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ाने के लिए विभिन्न देशों के पर्यटन और संस्कृति मंत्रियों या उनके प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की योजना है। साथ ही, भारतीय दूतावासों और राजदूतों के जरिए 30 से ज्यादा देशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को भी दीपोत्सव में शामिल होने के लिए निमंत्रण तैयार किए जा रहे हैं।
तीन और 'रामायण गेट' बनाने की योजना
अयोध्या की सड़कों और सरयू नदी के किनारों को रामायण-थीम वाली सजावट से सजाया जाएगा। 'धर्मपथ' पर रामायण-थीम वाले दस प्रवेश द्वार बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई है। इसके अलावा, अयोध्या जाने वाले मुख्य रास्तों, जैसे सुल्तानपुर और रायबरेली रोड पर, तीन और 'रामायण गेट' बनाने की योजना है। बैठक में सरयू नदी में 'पुष्पक विमान' जैसा दिखने वाला एक स्थायी ढांचा बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया।
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रामायण से जुड़ीं कहानियों का प्रदर्शन
सड़क के किनारे रामायण के अलग-अलग कांडों (अध्यायों) को दिखाने वाली चीजें लगाई जाएंगी। इनके साथ उनसे जुड़ी कहानियों का छोटा और आसान विवरण भी लगाने का निर्देश दिया गया है, ताकि बच्चे रामायण की कहानियों को आसानी से समझ सकें। अतिरिक्त मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने निर्देश दिया कि सेल्फी पॉइंट इस तरह बनाए जाएं कि पैदल चलने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की आवाजाही में कोई रुकावट न आए।
240 से ज्यादा मंदिरों में दीये जलाए जाएंगे
इस बीच, दीपोत्सव के दिन सुबह 4:00 बजे से भजन बजाने की व्यवस्था करने का आदेश दिया गया है। त्योहार के दौरान 2,100 से ज्यादा बटुकों (युवा वैदिक छात्रों) द्वारा सामूहिक सरयू आरती करने की योजना है। इसके अलावा, 240 से ज्यादा मंदिरों और मठों में मिट्टी के दीये जलाए जाएंगे और उद्योग व व्यापार संघों के सहयोग से 25 मुख्य चौराहों को सजाया जाएगा। इन उपायों का मकसद दीपोत्सव के त्योहार के उत्साह को शहर के मुख्य इलाकों और सार्वजनिक जगहों तक पहुंचाना है।
साकेत कॉलेज से निकलेगी भव्य शोभायात्रा
संस्कृति विभाग भारत और विदेशों से आए रामलीला दलों के प्रदर्शन, पारंपरिक लोक नृत्य और साकेत कॉलेज से रामकथा पार्क तक झांकियों की एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन करेगा। कार्यक्रम में 'भरत मिलाप' का मंचन और भगवान राम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह भी शामिल होगा।
'वानर सेना' का विस्तार करने की योजना
इस साल के कार्यक्रम के लिए 'वानर सेना' (जिसमें पिछले साल 100 बच्चे शामिल थे) का विस्तार करने की योजना है। म्यूजियम कॉम्प्लेक्स में एक डिजिटल रामायण प्रदर्शनी, 'राम वन गमन मार्ग' (भगवान राम के वनवास का रास्ता) को दिखाने वाली मूर्तियां, राम-थीम वाला बाजार और किताबों व पेंटिंग की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके अलावा, 'श्री राम की वैश्विक यात्रा' (श्री राम की ग्लोबल यात्रा) नाम से एक खास प्रस्तुति का प्रस्ताव भी रखा गया है। दीप जलाने के औपचारिक कार्यक्रम, वॉलंटियर्स के बीच तालमेल और श्रद्धालुओं की संख्या पर नजर रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल के बारे में चर्चा हुई।
मरम्मत कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश
इन तैयारियों में जिला प्रशासन, श्री अयोध्याजी तीर्थ विकास परिषद और डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी शामिल होंगे। सुरक्षा, साफ-सफाई, बिजली सप्लाई, सड़कों की मरम्मत और 'राम की पैड़ी' इलाके में चल रहे कामों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया। बैठक में अलग-अलग विभागों के 284 डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की समीक्षा भी की गई। इन प्रोजेक्ट्स की कुल लागत ₹5,452.79 करोड़ है। प्रस्तावों में ₹4,130.25 करोड़ की लागत वाले 152 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और आधारशिला रखना शामिल है।
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