मिजोरम में तीन साल बाद लौटा एंथुरियम फेस्टिवल, स्थानीय नृत्य-संगीत के साथ एडवेंचर का भी मजा ले सकेंगे पर्यटक

खबर सार :-

मिजोरम का तीन दिवसीय एंथुरियम फेस्टिवल गुरुवार से शुरू हो गया है। इस महोत्सव में पर्यटकों को मिजोरम की सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण पर्यटन को करीब से जानने का मौका मिलेगा।
मिजोरम में शुरू हुआ एंथुरियम फेस्टिवल, आदिवासी संस्कृति की दिखेगी झलक

खबर विस्तार : -

आइजोल: तीन साल के अंतराल के बाद मिजोरम का तीन दिवसीय एंथुरियम फेस्टिवल गुरुवार को शुरू हुआ। ममित जिले के आइलॉन्ग और रेइक गांवों में आयोजित इस फेस्टिवल में बागवानी, एडवेंचर, आदिवासी संस्कृति, संगीत और स्थानीय पर्यटन को दिखाया जा रहा है।

मिजोरम पर्यटन विभाग ने बागवानी विभाग के सहयोग से 1 से 3 अक्टूबर तक इस फेस्टिवल का आयोजन किया है। इसका मकसद राज्य में एंथुरियम की खेती को बढ़ावा देना और साथ ही देश और दुनिया के सामने मिजोरम के पहाड़ी इलाकों, सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक खेलों, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प और ग्रामीण पर्यटन को पेश करना है।

स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को मजबूत करना मकसद

पर्यटन मंत्री लालघिंगलोवा हमार ने कहा कि एंथुरियम फेस्टिवल की वापसी राज्य सरकार के व्यापक विजन को दर्शाती है: पर्यटन को बढ़ावा देना और साथ ही यह सुनिश्चित करना कि स्थानीय समुदायों को भी इस सेक्टर के विकास का लाभ मिले।उन्होंने कहा, "पर्यटन से न केवल उन जगहों को फायदा होना चाहिए जहां पर्यटक जाते हैं, बल्कि उन लोगों के लिए भी मूल्य और अवसर पैदा होने चाहिए जो इन जगहों को खास बनाते हैं। एंथुरियम फेस्टिवल हमारी बागवानी, प्राकृतिक दृश्यों, संस्कृति और समुदायों को एक ही अनुभव में पिरोता है, लेकिन इसका बड़ा मकसद स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।"

स्थानीय लोगों से जुड़ी रहनी चाहिए पर्यटन की जड़ें 

मंत्री ने कहा कि अगर गांवों में आने वाले पर्यटक स्थानीय परिवहन का इस्तेमाल करें, स्थानीय खाने का आनंद लें, स्थानीय विक्रेताओं से सामान खरीदें और स्थानीय परंपराओं का खुद अनुभव करें, तो पर्यटन का लाभ समाज के बड़े हिस्से तक पहुंच सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मिजोरम के पर्यटन विकास की जड़ें स्थानीय लोगों से जुड़ी रहनी चाहिए, ताकि राज्य के अनोखे अनुभवों को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान मिल सके। उन्होंने एंथुरियम को राज्य के पहाड़ों, प्राकृतिक दृश्यों और समुदायों की व्यापक यात्रा का प्रवेश द्वार बताया। बागवानी मंत्री सी. लालसाविवुंगा उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए।

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एंथुरियम की खेती के विस्तार से जुड़ा है फेस्टिवल

एंथुरियम फेस्टिवल की पहचान स्थानीय समुदायों के बीच एंथुरियम (एक खूबसूरत लाल रंग का फूल) की खेती के विस्तार से गहराई से जुड़ी है। एंथुरियम उत्पादक सोसायटी से जुड़ी महिलाओं के नेतृत्व वाली खेती की पहल ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। एंथुरियम अब मिजोरम की प्रमुख बागवानी फसलों में से एक बन गया है, और स्थानीय किसान देश भर और विदेशों के बाजारों में इन फूलों की आपूर्ति करते हैं। फूलों की प्रदर्शनी, नर्सरी की सैर और बगीचों के अनुभव के साथ-साथ, यह फेस्टिवल पर्यटकों को कई खूबसूरत जगहों, जैसे कि न्गाई त्लांग, आइलॉन्ग त्लांग और रेइक त्लांग घूमने का मौका भी देता है।

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एडवेंचर एक्टिविटीज का भी मजा ले सकेंगे पर्यटक

इस इवेंट में एडवेंचर एक्टिविटीज भी शामिल हैं, जैसे रेइक त्लांग सनराइज ट्रेक और खुआंगचेरा पुक, थॉन्गपॉन्गा पुक और न्गाइतेई पुक गुफाओं की खोज। पर्यटक रोज गार्डन, रेइक हेरिटेज विलेज और आस-पास के गांवों में जाकर पारंपरिक मिजो घरों, कम्युनिटी लाइफ और स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं का अनुभव कर सकते हैं।

संगीत, फैशन शो और बच्चों के लिए भी मजेदार गतिविधियां

फेस्टिवल के हिस्से के तौर पर पारंपरिक मिजो खेल और प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं। इनमें इनसुकनॉर, इनबुआन, कालचेट और इनसेहरूइपॉह के साथ-साथ शूटिंग प्रतियोगिताएं और बच्चों के लिए मजेदार गतिविधियां शामिल हैं। चेराव और अन्य लोक नृत्यों की प्रस्तुति, पारंपरिक संगीत, पारंपरिक फैशन शो, स्थानीय खाना और हैंडलूम व हैंडीक्राफ्ट की प्रदर्शनी भी मुख्य आकर्षण होंगे।

2 अक्टूबर को मिजो कलाकार पेश करेंगे लोकप्रिय गाने

2 अक्टूबर को 'लेइकापुई नाइट' आयोजित की जाएगी, जिसमें मिजो कलाकार क्लासिक लोकप्रिय गाने पेश करेंगे। 3 अक्टूबर को एक भव्य समापन समारोह होगा जिसमें जाने-माने कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस फेस्टिवल से आइलॉन्ग और रेइक में स्थानीय ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों, दुकानदारों, खाने-पीने की जगहों, होमस्टे होस्ट, गाइड, कारीगरों और फूल उगाने वालों के लिए आर्थिक अवसर पैदा होने की उम्मीद है। फेस्टिवल की तैयारियों में विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिनिधि, यंग मिजो एसोसिएशन (रेइक और आइलॉन्ग) के कम्युनिटी लीडर, एंथुरियम ग्रोअर्स सोसाइटी और मिजो इंडिजिनस गेम्स की आयोजन टीम शामिल थी। एंथुरियम फेस्टिवल मिजोरम के 2026 के व्यापक पर्यटन और फेस्टिवल कैलेंडर का हिस्सा है। यह राज्य की बागवानी, संगीत, संस्कृति, स्थानीय खाने, एडवेंचर एक्टिविटीज और कम्युनिटी-बेस्ड टूरिज्म को प्रदर्शित करता है। एंथुरियम फेस्टिवल 2026 पश्चिमी मिजोरम के मामित जिले के आइलॉन्ग और रेइक गांवों में 3 अक्टूबर तक चलेगा।

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