चोरबागान पूजा पंडाल में क्षमता से अधिक थे लोग, नाकाफी साबित हुए वेंटिलेशन के इंतजाम; रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

खबर सार :-

कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को मची भगदड़ की फाॅरेंसिक रिपोर्ट में वेंटिलेशन और कूलिंग की कमी का खुलासा हुआ है। इस घटना में 19 लोगों की मौत हुई थी।
कोलकाता भगदड़ की फोरेंसिक रिपोर्ट में वेंटिलेशन की कमी का खुलासा

खबर विस्तार : -

कोलकाता: 17 अक्टूबर की रात कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में मची भारी भगदड़ में 19 लोगों की जान चली गई। पंडाल की फॉरेंसिक रिपोर्ट से पता चलता है कि वहां वेंटिलेशन (हवा की आवाजाही) और कूलिंग (ठंडक) के इंतजाम नाकाफी थे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वेंटिलेशन और कूलिंग सिस्टम की कमी के कारण भगदड़ के समय पंडाल के अंदर मौजूद भारी भीड़ को शायद दम घुटने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा होगा। कोलकाता पुलिस के सूत्रों के अनुसार, फॉरेंसिक रिपोर्ट बताती है कि चोरबागान सार्वजनीन पंडाल में 24 एयर-कंडीशनिंग यूनिट लगी थीं, जिनकी कुल क्षमता 139 टन थी।

पंडाल की क्षमता से अधिक थी भक्तों की संख्या

शहर की पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि इस साल के पंडाल के आकार और ढांचे को देखते हुए, अगर भक्तों की संख्या कम या मध्यम होती, तो यह एयर-कंडीशनिंग क्षमता वेंटिलेशन और कूलिंग के लिए काफी होती। लेकिन, भगदड़ के समय पंडाल के अंदर भक्तों की संख्या उसकी क्षमता से कहीं ज्यादा थी। बाहर बारिश हो रही थी, इसलिए जो लोग पहले से अंदर थे वे बाहर नहीं जाना चाहते थे, जबकि बाहर खड़े लोग बारिश से बचने के लिए अंदर आने की कोशिश कर रहे थे। नतीजतन, वहां मौजूद वेंटिलेशन और कूलिंग के इंतजाम नाकाफी साबित हुए।

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शनिवार को होगा पंडाल की मूर्तियों का विसर्जन

इस बीच, यह तय किया गया है कि चोरबागान सार्वजनीन पंडाल की मूर्तियों का विसर्जन शनिवार को होगा। हालांकि, राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच समिति के अगले आदेश तक दुर्गा पूजा पंडाल को वैसे ही रहने दिया जाएगा। इसके अलावा, कोलकाता पुलिस की एक विशेष जांच टीम (SIT) भी मामले की जांच कर रही है। गुरुवार को घटनास्थल का दौरा करने के बाद, न्यायिक जांच समिति की प्रमुख जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती (सेवानिवृत्त) ने कहा कि मूर्तियों के विसर्जन में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन विस्तृत जांच के लिए पंडाल को सुरक्षित रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि अंदर आने और बाहर जाने के रास्ते बहुत संकरे थे और पंडाल के अंदर कम रोशनी होने की वजह से भी लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती थी। उन्होंने आगे कहा कि जब पंडाल के अंदर अफरा-तफरी मची, तो इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास द्वार) बंद था।

झूठी उद्घोषणा करने वाला उद्घोषक गिरफ्तार

कोलकाता के चोरबागान पूजा पंडाल में महासप्तमी की शाम को हुई भीषण भगदड़ के मामले में पुलिस ने एक और उद्घोषक (अनाउंसर) को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान कुशल मजूमदार के रूप में हुई है, जिसे पूछताछ के लिए लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय ले जाया गया है। इससे पहले गुरुवार को नदिया जिले से संजीव राहा को गिरफ्तार किया गया था। वह पूजा समिति में कोषाध्यक्ष और उद्घोषक, दोनों भूमिकाओं में था। इस नई गिरफ्तारी के साथ भीड़ में गुमराह करने वाली घोषणाएं करके अफरा-तफरी मचाने के आरोप में हिरासत में लिए गए उद्घोषकों की संख्या अब दो हो गई है।

"पंडाल गिर रहा है" के उद्घोष से फैलाई दहशत

गौरतलब है कि महासप्तमी की शाम को चोरबागन पंडाल में भारी भीड़ थी, जहां धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल था। इसी बीच, अचानक माइक्रोफोन पर घोषणा की गई: "पंडाल गिर रहा है!" आरोप है कि इस भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना बयान ने आग में घी का काम किया, जिससे वहां मौजूद लोगों के बीच भारी दहशत फैल गई। लोग बाहर निकलने के लिए भागने लगे, जिसके कारण भगदड़ मच गई। घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ भयावह वीडियो सामने आए, जिनमें लोगों को बाहर निकलने के रास्ते और ग्रिल से घिरे रास्तों पर गिरते और कुचले जाते देखा जा सकता है। पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि हुई है कि लोगों से तुरंत पंडाल खाली करने को कहने की घोषणा निकास द्वार के पास स्थित एक कमरे से की गई थी, जिसका इस्तेमाल क्लब के सदस्य करते थे।

दोनों व्यक्तियों से कड़ी पूछताछ कर रहे अधिकारी

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्ति, सेंटू और कुशल, अमर बसु सरणी में रहते हैं, जो पंडाल से महज 50 मीटर की दूरी पर है। लालबाजार के जांच अधिकारी अब दोनों व्यक्तियों से कड़ी पूछताछ कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने अफरा-तफरी के माहौल में ऐसी गुमराह करने वाली घोषणा क्यों की और क्या उनके इस कदम के पीछे कोई पहले से रची गई साजिश थी या उन्हें बाहर से कोई निर्देश मिला था।

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