डिजिटल माध्यमों से वैश्विक हुई रामकथा, 57 देशों में 74 करोड़ से अधिक लोगों ने देखी फिल्मी सितारों की रामलीला
खबर सार :-
अयोध्या की डिजिटल रामलीला ने इस वर्ष 74 करोड़ से अधिक दर्शकों का नया रिकॉर्ड बनाया है। दस दिन तक चली इस प्रस्तुति में दिल्ली और मुंबई के 211 कलाकारों ने भाग लिया, जिसका प्रसारण 57 देशों में किया गया।
खबर विस्तार : -
अयोध्या : पुराने समय की धार्मिक कहानियों और आज की आधुनिक तकनीक के मेल ने इस साल धार्मिक आयोजनों में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देखरेख में होने वाली अयोध्या की रामलीला ने इस बार ऑनलाइन और डिजिटल दुनिया में लोकप्रियता के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पिछले 10 से 20 अक्टूबर के बीच हुए इस दस दिन के भव्य कार्यक्रम को इंटरनेट और टीवी के अलग-अलग जरियों से दुनिया भर में 74 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा। इस साल यह आयोजन भारत के अलावा कुल 57 देशों तक पहुँचा, जिससे यह साफ पता चलता है कि अब यह पूरी दुनिया में पसंद किया जा रहा है।
दिल्ली के मावलंकर हॉल में पहली बार सजा मंच
इस बार का कार्यक्रम कई वजहों से बहुत खास रहा, क्योंकि इसे पहली बार देश की राजधानी दिल्ली के रफी मार्ग पर बने मावलंकर हॉल में किया गया। रामलीला समिति के संस्थापक सुभाष मलिक 'बॉबी' के मुताबिक, साल 2020 में कोरोना के समय जिस ऑनलाइन रामलीला की शुरुआत एक छोटे स्तर पर हुई थी, वह आज करोड़ों लोगों की आस्था का एक बहुत बड़ा वैश्विक मंच बन चुकी है। इस साल के कार्यक्रम में बच्चों की रामलीला (बाल रामलीला) को भी शामिल किया गया, जिसे देखने वालों ने बहुत पसंद किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल इस समिति को शुभकामनाएँ और आशीर्वाद भेजते हैं, जिससे इसमें काम करने वाले सभी लोगों का हौसला लगातार बढ़ता रहता है।

बॉलीवुड और टेलीविजन के दिग्गज कलाकारों की सहभागिता
इस नाटक को और भी सुंदर और कलात्मक बनाने के लिए दिल्ली और मुंबई के 211 से ज्यादा जाने-माने कलाकारों को शामिल किया गया। आधुनिक 3D तकनीक और शानदार स्टेज की सजावट ने रामजी की कहानी के हर एक हिस्से को ऐसा बना दिया जैसे वह आँख के सामने सचमुच घट रहा हो। इस प्रस्तुति में अभिनेता रवि किशन ने भगवान श्रीराम का किरदार निभाया, जबकि मिस यूनिवर्स इंडिया केजिया लिज मेजो माता सीता के रूप में नजर आईं। इसके साथ ही, विंदू दारा सिंह ने भगवान शिव, अरुण बख्शी ने रावण, शहबाज खान ने मेघनाद, पुनीत इस्सर ने भगवान परशुराम और राजा मुराद ने कुंभकर्ण की भूमिका को बहुत ही शानदार तरीके से निभाया। मिस यूनिवर्स 2025 और 2026 से जुड़ी खास प्रस्तुतियाँ भी इस साल के कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहीं।
विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उमड़े दर्शक
आयोजकों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस बार इसे देखने वालों की संख्या में बहुत भारी बढ़ोतरी हुई है। अकेले 'शेमारू भक्ति' यूट्यूब चैनल पर ही 7 करोड़ से ज्यादा लोगों ने इस कार्यक्रम का आनंद उठाया। इसके अलावा, फेसबुक पेज पर 13 करोड़, टाटा प्ले पर 8 करोड़, शेमारू मी पर साढ़े 3 करोड़, और आराधना टाटा प्ले पर डेढ़ करोड़ दर्शक जुड़े। डिश टीवी, एयरटेल, शेमारू आराधना टीवी, वीडियोकॉन और इंस्टाग्राम-ट्विटर जैसे सोशल मीडिया जरियों के माध्यम से भी करोड़ों लोगों ने घर बैठे इस पूरी रामलीला को देखा।

वैश्विक स्तर पर बढ़ती लोकप्रियता और दर्शक संख्या का सफर
साल 2020 में जब इस ऑनलाइन रामलीला की शुरुआत तत्कालीन संस्कृति मंत्री नीलकंठ तिवारी के हाथों से हुई थी, तब इसे देखने वाले 16 करोड़ लोग थे। इसके बाद के सालों में यह संख्या लगातार बढ़ती गई- साल 2021 में 20 करोड़, 2022 में 25 करोड़, 2023 में 40 करोड़, 2024 में 41 करोड़ और 2025 में 62 करोड़ तक पहुँच गई। इस साल यह संख्या बढ़कर 74 करोड़ को भी पार कर गई। नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश, दुबई (यूएई), अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, रूस और कनाडा समेत 57 से ज्यादा देशों में इसके दिखाए जाने से यह साबित हो गया है कि हमारी भारतीय संस्कृति और रामजी की कहानी को दुनिया भर में कितना ज्यादा पसंद किया जाता है।
अयोध्या की इस ऑनलाइन रामलीला की शुरुआत साल 2020 में कोरोना (कोविड-19) महामारी के समय हुई थी, जब बीमारी से बचने के लिए भीड़भाड़ वाले मेलों और कार्यक्रमों पर रोक लगी हुई थी। उस मुश्किल समय में तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इस धार्मिक कार्यक्रम को इंटरनेट पर लाने का फैसला किया गया। सुभाष मलिक 'बॉबी' इसके संस्थापक हैं, जबकि शुभम मलिक महासचिव और जतिन मलिक उपाध्यक्ष के रूप में इस पूरी व्यवस्था को संभाल रहे हैं। पिछले कुछ सालों में यह कार्यक्रम न सिर्फ उत्तर प्रदेश सरकार की मदद से, बल्कि बेहतरीन तकनीक के जरिए दुनिया भर में हमारी सनातन संस्कृति को फैलाने का एक बहुत बड़ा जरिया बन चुका है।
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