सुरक्षित और स्वतंत्र सफर के गुर सीखे दिव्यांग विद्यार्थियों ने, लखनऊ मेट्रो ने कराई विशेष यात्रा

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने लखनऊ के एक गैर-सरकारी संगठन के सहयोग से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए विशेष मेट्रो यात्रा का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य इन छात्रों को सार्वजनिक परिवहन का सुरक्षित और आत्मनिर्भरता से उपयोग करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना था।
लखनऊ मेट्रो ने दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष यात्रा का किया आयोजन

खबर विस्तार : -

लखनऊ: उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने राजधानी लखनऊ में दृष्टिबाधित बच्चों के लिए एक खास मेट्रो यात्रा का आयोजन किया। 'जयती भारतम' नाम की संस्था के साथ मिलकर किए गए इस कार्यक्रम में बीस से ज्यादा बच्चों ने हिस्सा लिया। इसका मुख्य मकसद इन बच्चों को यह सिखाना था कि वे बिना किसी की मदद के मेट्रो से सुरक्षित और आसानी से सफर कैसे कर सकते हैं। इस अनोखी यात्रा के दौरान सभी बच्चों ने मुंशीपुलिया मेट्रो स्टेशन से लेकर सचिवालय मेट्रो स्टेशन तक का सफर तय किया। इस सफर में बच्चों को बहुत करीब से यह समझाया गया कि मेट्रो कैसे चलती है, यात्रियों के लिए वहां क्या-क्या सुविधाएं होती हैं और टिकट लेकर ट्रेन तक पहुंचने का पूरा तरीका क्या होता है। सफर के दौरान बच्चों को खुद टिकट खरीदने, सही प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के रास्ते और सुरक्षा से जुड़ी जरूरी बातें सिखाई गईं। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की कोशिशों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य में बिना किसी सहारे के अपनी यात्रा खुद पूरी करने के काबिल बनते हैं।

सुगम यात्रा के लिए विशेष इंतजाम

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के मुताबिक, मेट्रो स्टेशनों पर दिव्यांग यात्रियों की सहूलियत के लिए कई खास इंतजाम किए गए हैं। इनमें ब्रेल लिपि वाले बोर्ड, पैरों से महसूस होने वाले खास रास्ते (टेक्टाइल पाथ), व्हीलचेयर और उनके बैठने के लिए सुरक्षित जगहें शामिल हैं। इसके साथ ही, ऑटोमैटिक टिकट गेट (AFC गेट) इस तरह बनाए गए हैं कि विशेष रूप से सक्षम लोगों को अंदर आने और बाहर जाने में कोई परेशानी न हो। स्टेशनों पर लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा भी दी गई है, जिससे हर यात्री का सफर आसान हो जाता है। उत्तर प्रदेश मेट्रो का कहना है कि उसकी परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से ऐसी है जहां हर कोई आसानी से आ-जा सके, और यहां विशेष रूप से सक्षम लोग बिना किसी के सहारे के खुद ही आराम से सफर कर सकते हैं।

आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम

इस प्रकार के आयोजनों से समाज में समावेशी परिवहन प्रणालियों के महत्व पर भी प्रकाश पड़ता है। आयोजकों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि हर वर्ग के नागरिक को आधुनिक परिवहन सेवाओं का समान लाभ मिले। UPMRC अधिकारियों ने कहा कि यह पहल मेट्रो सेवाओं को सभी नागरिकों के लिए सुलभ और समावेशी बनाने की उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है। निगम का प्रयास है कि विभिन्न आवश्यकताओं वाले यात्रियों को यात्रा के दौरान अधिक से अधिक सुविधा और सुरक्षा मिल सके। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) समय-समय पर शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से जन-जागरूकता और समावेशी शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। इसी कड़ी में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए यह विशेष यात्रा आयोजित की गई, ताकि उन्हें आधुनिक शहरी परिवहन प्रणाली से जोड़ा जा सके।

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