सीएम योगी का अखिलेश यादव पर तंज, परिवार को ही समाज और प्रदेश मानने वालों की दुर्गति तय

खबर सार :-

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि अपने परिवार को ही समाज और प्रदेश मानने वालों की दुर्गति होना तय है। माफिया की जगह अब सिर्फ धूल में है। माफिया के कब्जे वाली जमीनों पर अब गरीबों के लिए हवेलियां बनाई जाएंगी।
माफिया की कब्जे वाली जमीनों पर अब गरीबों के लिए बनेंगी हवेलियां: योगी

खबर विस्तार : -

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माफिया की जगह सिर्फ़ धूल में है। माफिया के कब्ज़े वाली ज़मीनों पर अब गरीबों के लिए हवेलियां बनाई जाएंगी। प्रयागराज में माफिया के कब्ज़े से छुड़ाई गई ज़मीन पर गरीबों, पिछड़े और दलितों के लिए मल्टी-स्टोरी रिहायशी इमारतों के निर्माण का उद्घाटन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि माफिया की जगह अब धूल में है और अब गरीबों के लिए बड़ी-बड़ी हवेलियां बनाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार गरीबों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने सफ़ाई कर्मचारियों का मानदेय काटने वालों को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में यह तय किया गया है कि सफ़ाई कर्मचारियों का वेतन काटने वाले किसी भी व्यक्ति के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।

दस सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया

वाराणसी दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के एमएलए डॉ. नीलकंठ तिवारी के 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अभियान के समापन एवं स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को संबोधित करने के दौरान सीएम योगी ने यह बातें कही। उन्होंने अभियान के चौथे चरण की तारीफ की और इसे दूसरे जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए, सरकारी कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाना चाहिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दस सफाई कर्मचारियों को अंगवस्त्र और बैग देकर सम्मानित किया। जनप्रतिनिधियों की गतिविधि का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने सपा  अध्यक्ष अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए भाई-भतीजावाद पर तंज कसा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि दोपहर 12 बजे उठते हैं, और लीडरशिप देने वाले भी दोपहर 12 बजे उठते हैं, अपने परिवार में खुश रहते हैं, और परिवार को ही समाज और राज्य समझने की गलती करते हैं, तो तबाही मचनी तय है।

क्षेत्र में न जाने वाले जनप्रतिनिधियों पर साधा निशाना 

उन्होंने कहा कि समाज, राज्य और देश को अपना परिवार मानने वाले ही बदलाव ला सकते हैं। मुख्यमंत्री ने उन जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा जो एक बार चुने जाने के बाद लखनऊ तक ही सीमित रहते हैं और कभी अपने चुनाव क्षेत्र में नहीं जाते। उन्होंने कहा कि पहले सफाई कर्मचारियों का काम पूरा होने के बाद वेतन और मानदेय काट लिया जाता था। कभी-कभी तो उन्हें पूरा भुगतान भी नहीं किया जाता था। अब ऐसी मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने मानदेय में कटौती पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग कॉरपोरेशन के माध्यम से कर्मचारियों को न्यूनतम 16,000 मानदेय दिया गया है। उन्हें ईएसआई अस्पताल में इलाज, सुरक्षा बीमा और पीएफ का लाभ भी मिलेगा। दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके परिवारों को आर्थिक मदद मिलेगी। पीएफ से कर्मचारियों के पास रिटायरमेंट के बाद अपनी पूंजी होगी, जिससे उनकी दूसरों पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सड़कों और मोहल्लों को साफ करने का काम सफाई कर्मचारी तब करते हैं जब अधिकतर लोग सोते रहते हैं। मौसम चाहे सर्दी का हो, गर्मी का हो या बारिश को हो, आंधी—तूफान आए अथवा त्योहारों हो, सफाई कर्मचारी सिर्फ स्वच्छता को ही प्राथमिकता देते हैं। 

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नींव के पत्थर जितना है सफाई कर्मचारियों का योगदान 

प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ श्रद्धालुओं के आने के बावजूद सफाई की तारीफ हुई। यह सफाई कर्मचारियों की मेहनत का नतीजा था। उन्होंने कहा कि नींव का पत्थर दिखाई नहीं देता, लेकिन पूरी शानदार इमारत उसी पर खड़ी होती है। सफाई कर्मचारियों का योगदान भी उतना ही अहम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम के कार्यक्रमों में सफाई कर्मचारियों को सम्मानित करने पर उनका खास जोर है। सीएम योगी ने कहा कि 2014 से पहले काशी की गलियों में गंदगी, ट्रैफिक जाम और बिजली कटौती आम बात थी। आवारा मवेशी सड़कों पर घूमते थे। भू-माफिया गरीबों और व्यापारियों की जमीन और संपत्तियों पर कब्जा कर लेते थे, जिससे डर का माहौल बनता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी का कायाकल्प हो गया है। अब यह अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए एक नई आभा के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के काम कर सकती है, लेकिन उनके संरक्षण की जिम्मेदारी जागरूक समाज की होती है। समय पर सफाई और मरम्मत से जन सुविधाओं की उपयोगिता बढ़ जाती है।

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