दीपावली पर 30 लाख दीयों से जगमगाएगी राम नगरी अयोध्या, 35 हजार स्वयंसेवक होंगे तैनात

खबर सार :-

दीपावली पर राम नगरी अयोध्या 30 लाख दीयों से जगमगाएगी। सरयू के किनारे 56 घाटों को चिह्नित करने का काम शुरू हो गया है। 35 हजार छात्र दीपोत्सव पर दीये जलाने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां तेज, 56 घाटों की मार्किंग शुरू

खबर विस्तार : -

अयोध्या: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में राम की नगरी अयोध्या में 10वें दीपोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। सरयू नदी के किनारे 56 घाटों को चिह्नित करने का काम शुरू हो गया है। इस साल 'राम की पैड़ी' (विस्तारित क्षेत्र), चौधरी चरण सिंह घाट और 'भजन संध्या' स्थल सहित कुल 56 घाटों पर मिट्टी के दीये सजाए जाएंगे, जो पिछले आयोजनों के 55 घाटों की तुलना में अधिक है। 

30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए 33 लाख दीये मंगाए जा रहे हैं। शुक्रवार को 'भूमि पूजन' का आयोजन किया जाएगा। दीपोत्सव के नोडल अधिकारी डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के प्रोफेसर संत शरण मिश्र ने बताया कि लाने-ले जाने और सजाने के दौरान कुछ दीये टूट सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, मंगाए गए दीयों की संख्या लक्ष्य से अधिक रखी गई है। घाटों की साफ-सफाई के बाद उन्हें चिह्नित करने का काम व्यवस्थित तरीके से शुरू हो गया है। तैयारियों को सुव्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए, घाटों पर इस्तेमाल होने वाली सामग्री को 'रानी हो पार्क' (नगर निगम द्वारा संचालित) के पास रखा जा रहा है।

शुक्रवार सुबह घाट नंबर 10 पर होगा 'भूमि पूजन'

दीपोत्सव के सुरक्षित और सुचारू आयोजन की कामना के साथ अवध विश्वविद्यालय प्रशासन शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सुबह 7:30 बजे 'भूमि पूजन' करेगा। यह अनुष्ठान सरयू नदी के किनारे घाट नंबर 10 पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न होगा। इस समारोह को विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह संपन्न कराएंगे, जिसमें विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और समन्वयक भी शामिल होंगे। 

माइक्रो-प्लानिंग के जरिए 56 घाटों की निशानदेही

प्रोफेसर संत शरण मिश्र ने बताया कि इस साल के दीपोत्सव को ऐतिहासिक स्तर तक ले जाने के लिए कुल 56 घाटों को चिह्नित किया गया है। सभी घाटों पर दीयों को व्यवस्थित ढंग से लगाने के लिए माइक्रो-प्लानिंग की जा रही है, ताकि तय समय सीमा के भीतर सारी तैयारियां पूरी की जा सकें। मार्किंग समिति के संयोजक और पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने बताया कि चार वर्ग फुट के ब्लॉक चिह्नित किए जा रहे हैं, ताकि दीयों को एक सटीक और आकर्षक तरीके से सजाया जा सके। हर ब्लॉक में कितने दीये रखे जाएंगे, इसका एक लेआउट तैयार किया जा रहा है। उनकी टीम को उम्मीद है कि अगले तीन-चार दिनों में मार्किंग का काम पूरा हो जाएगा।

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35 हजार छात्र बनेंगे स्वयंसेवक

दीपोत्सव को सफल बनाने के लिए 35,000 स्वयंसेवकों को तैनात किया जाएगा। इस समूह में 30 डिग्री कॉलेजों, 40 इंटर कॉलेजों और अवध विश्वविद्यालय परिसर के छात्र शामिल होंगे। इसमें साकेत महाविद्यालय, राजकरण वैदिक पाठशाला इंटर कॉलेज, साहबदीन सीताराम इंटर कॉलेज, मनोहर लाल इंटर कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, गवर्नमेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज, शिव सावित्री महाविद्यालय, कैनोसा इंटर कॉलेज, ग्रामर इंटरनेशनल स्कूल, एमआर जयपुरिया स्कूल, बीएस गर्ल्स डिग्री कॉलेज और भगवान आशा बख्श सिंह महाविद्यालय जैसे कई शिक्षण संस्थानों के छात्र हिस्सा लेंगे। स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी घाटों पर दीये रखने से लेकर उन्हें जलाने तक की होगी। इन कार्यों के लिए छात्रों को अभी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

ID कार्ड से होगी स्वयंसेवकों की पहचान

लाखों दीये जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारियां चल रही हैं और इसी क्रम में स्वयंसेवकों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। पंजीकरण पूरा होने के बाद स्वयंसेवकों को उनके लिए तय किए गए घाटों के अनुसार जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी और उन्हें पहचान पत्र (ID कार्ड) दिए जाएंगे। इन पहचान पत्रों पर एक QR कोड होगा और इनमें स्वयंसेवक का नाम, फोटो, मोबाइल नंबर, उन्हें सौंपी गई जगह और एक सीरियल नंबर दर्ज होगा। इसके अलावा इन कार्डों पर जिला प्रशासन के अधिकृत अधिकारियों, 'दीपोत्सव' नोडल अधिकारी और संबंधित शिक्षण संस्थानों के अधिकृत प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर होंगे। इससे पहचान की पुष्टि करने में आसानी होगी और किसी तरह की धोखाधड़ी या दोहराव को रोकने में मदद मिलेगी। अवध विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन मिलकर सभी तैयारियों पर काम कर रहे हैं, जिसमें मिट्टी के दीयों की उपलब्धता, नदी के घाटों की व्यवस्था, स्वयंसेवकों की तैनाती और सुरक्षा जैसे सभी पहलू शामिल हैं। दसवें 'दीपोत्सव' के दौरान सरयू नदी के किनारों को 30 लाख (3 मिलियन) दीयों से जगमगाने के लक्ष्य के साथ तैयारियां पूरी की जा रही हैं।

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