हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से त्राहिमाम, कई जिलों में छाया अंधेरा, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग
खबर सार :-
Haryana Power Strike: इस हड़ताल के कारण गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, झज्जर और नूंह सहित कई जिलों के शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली गुल होने और आपूर्ति बाधित होने की खबरें हैं।
खबर विस्तार : -
Haryana Electricity Strike: हरियाणा में बिजली सेक्टर के कथित प्राइवेटाइजेशन के खिलाफ बिजली विभाग के करीब 40,000 कर्मचारियों और इंजीनियरों की हड़ताल से हाहाकार मच गया है। इस हड़ताल के कारण गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह समेत राज्य के कई इलाके अंधूरे में डूब गए है। बिजली संकट का असर पानी की सप्लाई और इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ रहा है। पिछले 48 घंटे से लोग बिजली-पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। इस बीच हरियाणा के एनर्जी मिनिस्टर अनिल विज कर्मचारी संगठनों से बातचीत करने को बुलाया है। उनका दावा है कि हड़ताल जल्द खत्म हो जाएगी।
क्यों हड़ताल पर गए बिजली कर्मचारी
बता दें कि हरियाणा में बिजली कर्मचारी निजीकरण और गुरुग्राम व नूंह में निजी वितरण कंपनी (Elektron Power) को हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) द्वारा दिए गए 25 साल के लाइसेंस के विरोध में तीन दिन की हड़ताल पर हैं। जिसके चलते 72 घंटों तक बिजली सेवाएं बाधित रहने की आशंका है। बुधवार रात 10 बजे शुरू हुई इस हड़ताल से इंडस्ट्री, अस्पताल, स्कूल, सरकारी ऑफिस और आम जनजीवन पर असर पड़ा है। बिजली संकट का असर पीने के पानी की सप्लाई पर भी पड़ रहा है।
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से मचा हाहाकार
पिछले 24 घंटों में हरियाणा में 33 केवी के 118 और 11 केवी के 510 से ज्यादा फीडर खराब हो गए। भिवानी में सबसे ज़्यादा 280 फीडर खराब हुए। करनाल, भिवानी, यमुनानगर और अंबाला के कई इलाकों में 28 घंटे बाद भी बिजली सप्लाई ठीक नहीं हुई। देर रात गुरुग्राम, फरीदाबाद और सिरसा में लोगों ने सड़कें जाम करके हंगामा किया। हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को भी यही हाल रहा। हिसार के पॉश इलाकों में 24 घंटे से बिजली नहीं है। झज्जर में CAG पेट्रोल पंप भी बंद कर दिए गए हैं।
थमीं मशीनें, करोड़ों का कारोबार प्रभावित
सोनीपत के राई, बाड़ी और कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया में ज़्यादातर यूनिट्स को जनरेटर पर निर्भर रहना पड़ा। इसके बावजूद, प्रोडक्शन कैपेसिटी लगभग 2,500 यूनिट्स पर आधी रह गई। करनाल में 1,000 से ज़्यादा इंडस्ट्रियल यूनिट्स ने ऑपरेशन रुकने की सूचना दी। रोहतक में, भिवानी रोड के पास 50 यूनिट्स और जींद में 78 यूनिट्स में काम रुक गया। रेवाड़ी में लगभग 150 फैक्ट्रियों, बहादुरगढ़ में 300 इंडस्ट्रियल यूनिट्स और नारनौल में लगभग 20 छोटी इंडस्ट्रीज़ में प्रोडक्शन पर असर पड़ा।
हड़ताल के बाद हरकत में आई सरकार
इस बीच हरकत में आई सरकार ने हड़ताल कर रहे बिजली कर्मचारियों को बातचीत के लिए बुलाया। बिजली मंत्री अनिल विज मीटिंग के लिए पंचकूला के रेस्ट हाउस पहुंचे हैं। वे कर्मचारी संगठनों से बातचीत करेंगे। विज का दावा है कि जल्द हड़ताल खत्म होने जा रही है। शुक्रवार सुबह हरियाणा के एनर्जी मिनिस्टर अनिल विज ने सोशल मीडिया पर एक मैसेज पोस्ट किया, जिसमें कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की गई। विज ने हरियाणा में हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा, "हम इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 के सेक्शन 108 के तहत कार्रवाई करने सहित सभी ऑप्शन पर चर्चा के लिए तैयार हैं।" वहीं विज के पोस्ट ने एक नई बहस छेड़ दी है।
क्या है विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 108
दरअसल इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 का सेक्शन 108, राज्य सरकार को पॉलिसी मामलों पर हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) को लिखित निर्देश जारी करने का अधिकार देता है। जनहित से जुड़े नीतिगत मामलों पर राज्य सरकार द्वारा दिए गए लिखित निर्देशों से निर्देशित होगा। अगर कोई सवाल उठता है कि कोई निर्देश पब्लिक इंटरेस्ट से जुड़े पॉलिसी मामले से जुड़ा है या नहीं, तो राज्य सरकार का फैसला आखिरी होगा। हालांकि राज्य सरकार पॉलिसी मामलों पर कमीशन को निर्देश जारी कर सकती है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, रेगुलेटरी कमीशन राज्य सरकार के हर आदेश से पूरी तरह बंधा हुआ नहीं है और न्यायिक विवेक और एक्ट के दायरे में काम करता है।
FAQ...
1- हरियाणा में बिजली कर्मचारी हड़ताल पर क्यों हैं?
हरियाणा के बिजली कर्मचारी प्राइवेटाइजेशन और हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (HERC) द्वारा गुरुग्राम और नूंह में एक प्राइवेट डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (Elektron Power) को दिए गए 25 साल के लाइसेंस के विरोध में हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इससे सरकारी बिजली कंपनियों को नुकसान होगा और आम जनता और किसानों पर बोझ बढ़ेगा।
2- हरियाण में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल कब से कब तक है?
हरियाणा में करीब 40,000 बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों तीन दिन की हड़ताल पर हैं। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल सकती है।
3- बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से किन-किन क्षेत्रों पर पड़ रहा असर ?
बिजली कर्मचारियों की इस हड़ताल से गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, झज्जर और नूंह समेत कई जिलों के शहरी और इंडस्ट्रियल इलाकों में बिजली जाने से काफी दिक्कतों का सामने करना पड़ा रहा है। कई इलाके में अंधेरे में डूब हुए हैं। हालांकि, अस्पतालों और इमरजेंसी सेवाओं को बिजली सप्लाई जारी रखने का भरोसा दिया गया है।
ये भी पढ़ेंः- दवाओं की मनमानी कीमतों पर लगेगी लगाम, सुप्रीमकोर्ट में केंद्र सरकार ने दााखिल किया हलफनामा
अन्य प्रमुख खबरें
-
बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
2026-10-23
-
टाटानगर से जयपुर के बीच 26 अक्टूबर से शुरू होगी सीधी ट्रेन सेवा
2026-10-23
-
दिल्ली के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, जांच जारी
2026-10-23
-
अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां तेज, 56 घाटों की मार्किंग शुरू
2026-10-22
-
UP में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, विंध्यवासिनी धाम में आए 22 लाख भक्त
2026-10-22
-
पूरे शहर में मच्छरों की भरमार, कई माहल्लों में कभी नहीं हुई फागिंग
2026-10-22
-
यूपी के 18 मंडलों में शुरू होगा 'Blue DotsAI' प्लेटफॉर्म
2026-10-22
-
MLC शिक्षक चुनाव 2026 को लेकर मऊ में निष्पक्ष चुनाव की तैयारी पूरी
2026-10-22
-
फिल्मी कलाकारों की रामलीला ने बनाया रिकॉर्ड, 74 करोड़ दर्शक पहुंचे
2026-10-22
-
झारखंड के चाईबासा में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई दुर्गा पूजा
2026-10-22
-
लखनऊ मेट्रो ने दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष यात्रा का किया आयोजन
2026-10-22
-
हिमाचल में बढ़ने लगी ठंड, 9 शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे
2026-10-22
-
छत्तीसगढ़ पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री ने किया स्वागत
2026-10-22
-
तमिलनाडु के वंडालूर जू में बर्ड फ्लू की पुष्टि, 2 दिन के लिए बंद
2026-10-22
-
नोएडा में आज 122 प्रतिमाओं का विसर्जन, 20 स्थानों पर बने कृत्रिम तालाब
2026-10-21