बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए LUCKNOW की महापौर ने सीएम से मांगा विशेष बजट

खबर सार :-

लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर सड़कों-नालियों की मरम्मत के साथ नए नाले, सीवर लाइन और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए धनराशि उपलब्ध कराने का आग्रह हैै।
बाढ़ का LUCKNOW में भी रहा असर, बजट के लिए मुख्यमंत्री से मिलीं महापौर

खबर विस्तार : -

लखनऊ, गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से हाल ही में आई बाढ़ के कारण शहर की कई व्यवस्थाएं प्रभावित हुई। इन क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बनाने और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए महापौर  सुषमा खर्कवाल ने मुख्यमंत्री से अतिरिक्त बजट की मांग की है। शुक्रवार को पांच कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। महापौर ने नगर निगम के बाढ़ प्रभावित जोन-3, जोन-4 और जोन-6 के क्षेत्रों की समस्याओं के संबंध में सीएम को बताया। क्षेत्र के विकास एवं पुनर्विकास के लिए अलग से बजट उपलब्ध कराने के लिए निवेदन किया।

जल निकासी और सीवर के स्थायी समाधान पर जोर

महापौर सुषमा खर्कवाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी की समस्या है। यहां के लिए स्थायी समाधान करने की जरूरत है। इसलिए नए नालों का निर्माण कराया जाए। साथ ही, सीवर व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए नई सीवर लाइन बिछाने की जरूरत है। आवश्यकता के अनुसार मौजूदा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ज्यादा धन की जरूरत हो रही है। महापौर ने सीएम से कहा कि भविष्य में जलभराव की समस्या को कम करने के लिए बजट की व्यवस्था करें।

महापौर ने प्रभावित क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की जरूरत बताई। साथ ही नई पेयजल पाइपलाइन बिछाने तथा अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए भी विशेष बजट उपलब्ध कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की बहाली के साथ-साथ आवश्यक विकास कार्य कराना जरूरी है, ताकि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल, बेहतर जल निकासी और सुचारु सीवर व्यवस्था हो सके।

राज्य वित्त आयोग से विशेष बजट की मांग की

लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने गोमती नदी के बाढ़ प्रभावित और विस्तारित क्षेत्रों के विकास तथा बुनियादी सुविधाओं के लिए  राज्य वित्त आयोग से विशेष बजट की मांग की है। इसमें पेयजल और सीवर व्यवस्था को मजबूत करने तथा नई पाइपलाइनें व सीवर लाइनें बिछाने के लिए। विस्तारित क्षेत्रों के विकास, मार्ग प्रकाश (स्ट्रीट लाइट्स) और प्रशासनिक कार्यों के लिए। सड़क मरम्मतः बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और जलनिकासी व्यवस्था को ठीक करना। वित्त आयोग का आधारः वित्त आयोग से अनुदान वितरण के लिए केवल जनसंख्या के बजाय क्षेत्रफल को भी मुख्य आधार बनाने का आग्रह किया गया है।

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