मोहर्रम और आगामी त्योहारों को लेकर झांसी में पीस कमेटी की बैठक, शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर

खबर सार :-
मोहर्रम के जुलूसों के सुचारु संचालन के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को मार्गों की मरम्मत कर उन्हें गड्ढा मुक्त बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जुलूस मार्गों पर किसी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए।
मोहर्रम और आगामी त्योहारों को लेकर झांसी में पीस कमेटी की बैठक, शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर
खबर विस्तार : -

झांसीः आगामी त्योहारों एवं मोहर्रम के मद्देनजर जनपद में शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न धर्मगुरुओं, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया और त्योहारों के शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित आयोजन को लेकर अपने सुझाव रखे।

जिलाधिकारी ने दिए निर्देश

बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में सभी धर्मगुरुओं एवं आमजन से सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानसिक संतुलन का भी प्रतीक है। इसके बाद उन्होंने मोहर्रम के आयोजन से संबंधित तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मोहर्रम के दौरान डीजे एवं म्यूजिक सिस्टम का संचालन सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन और निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुरूप ही किया जाए। उन्होंने कहा कि जुलूसों में किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा तथा सभी आयोजकों को प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना होगा। उन्होंने ताजियों की ऊंचाई को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने को कहा और निर्देश दिया कि ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए तथा 10 से 12 फीट से अधिक ऊंची ताजियां न बनाई जाएं, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

उन्होंने कहा कि प्रशासन सभी धर्मों और समुदायों की आस्था का सम्मान करता है, लेकिन किसी भी स्थिति में नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। त्योहारों के आयोजन पारंपरिक तरीके से ही संपन्न कराए जाएंगे ताकि किसी प्रकार का विवाद या असहज स्थिति उत्पन्न न हो। इसके साथ ही नगर के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित होने वाली मजलिसों में पेयजल, विद्युत आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

कानून व्यवस्था पर खास ध्यान

बरसात के मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को स्वास्थ्य सेवाओं की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध रहे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सतर्कता के साथ कार्य करने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा।

कानून व्यवस्था के संबंध में जिलाधिकारी ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि अराजक तत्वों, अफवाह फैलाने वालों और शांति भंग करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाए और आवश्यकता पड़ने पर कठोर कानूनी कदम उठाए जाएं।

बैठक के दौरान विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता को निर्देशित किया कि खुले में रखे ट्रांसफार्मरों, झूलते हुए जर्जर तारों और अन्य विद्युत संबंधी समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि जुलूस मार्गों पर विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। नगर निगम को भी केबल ऑपरेटरों के सहयोग से लटके हुए तारों को व्यवस्थित कराने के निर्देश दिए गए।

धर्म गुरू भी रहे मौजूद

बैठक में शहर काजी मोहम्मद हाशिम ने सुझाव देते हुए कहा कि डीजे की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि अत्यधिक ध्वनि से हृदय रोगियों और बुजुर्गों को परेशानी होती है। वहीं अन्य धर्मगुरुओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने ताजिया जुलूस मार्गों को शीघ्र गड्ढा मुक्त कराने, कर्बला मार्ग पर झूलते बिजली के तारों को हटाने तथा कर्बला क्षेत्र की समयबद्ध साफ-सफाई कराने की मांग उठाई। इलाहाबादी मोहल्ला स्थित पुलिया नंबर-09 के पास खुले में रखे ट्रांसफार्मर को सुरक्षित कराने का सुझाव भी बैठक में रखा गया।

बैठक में आचार्य हरिओम पाठक, शिया धर्मगुरु शाने हैदर जैदी, याकूब अहमद मंसूरी, पंडित कैलाश नारायण पाठक, मुकेश अग्रवाल, अतुल किलपन, विनोद अवस्थी, विश्व हिंदू परिषद के सचिव नीरज जोशी तथा ताजिया कमेटी के श्रीनूर अहमद मंसूरी सहित विभिन्न धर्मगुरुओं एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, एसपी देहात डॉ. अरविंद कुमार, एडीएम प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, एडीएम वित्त एवं राजस्व पल्लवी मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट प्रमोद झा, सीओ सिटी रामवीर सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी आर.के. राय सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी समुदायों के सहयोग से मोहर्रम एवं अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना रहा।

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