UP Assembly Monsoon Session: विपक्ष ने उठाई अवधि बढ़ाने की मांग, सरकार बोली- हर सवाल का देंगे जवाब

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होगा। विपक्ष ने कम अवधि को लेकर सवाल उठाए और सत्र बढ़ाने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नियमों के तहत चर्चा का पूरा अवसर देने का आश्वासन दिया।
UP विधानसभा मानसून सत्र: विपक्ष ने की अवधि बढ़ाने की मांग, मिला ये भरोसा

खबर विस्तार : -

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने इसकी अवधि को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि प्रदेश में बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, बिजली संकट, शिक्षा व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे मौजूद हैं, जिन पर चर्चा के लिए मौजूदा समय पर्याप्त नहीं है। विपक्ष ने मांग की है कि विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जाए ताकि जनहित के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हो सके।

वहीं, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्ष को भरोसा दिलाया है कि सदन में सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि जो भी सदस्य विधानसभा नियमों के तहत विषय उठाएंगे, उन्हें पर्याप्त समय दिया जाएगा और किसी के अधिकारों में कटौती नहीं की जाएगी।

विपक्ष को मिलेगा पूरा मौका: विधानसभा अध्यक्ष

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि विपक्ष का अपना एजेंडा, विचार और राजनीतिक दृष्टिकोण होता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है और उसे अपनी बात रखने की पूरी स्वतंत्रता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व है कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दे। साथ ही विपक्ष से भी अपेक्षा है कि वह सदन की गरिमा बनाए रखते हुए अपनी बात रखे और लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करे।

कांग्रेस ने कम अवधि को लेकर जताई चिंता

कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने सर्वदलीय बैठक और कार्यमंत्रणा समिति की बैठक के बाद कहा कि विपक्ष ने सरकार के सामने सबसे पहले सत्र की कम अवधि का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में कई गंभीर विषय हैं, जिन पर सदन में चर्चा जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों के छोटे सत्र में जनता से जुड़े सभी मुद्दों पर व्यापक चर्चा करना संभव नहीं होगा। कांग्रेस का कहना है कि विधानसभा का उद्देश्य केवल औपचारिक कार्यवाही पूरा करना नहीं, बल्कि प्रदेश की समस्याओं पर गंभीर विचार-विमर्श करना भी है।

नेता प्रतिपक्ष बोले- सरकार सहयोगात्मक रवैया अपनाए

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि विपक्ष सदन में चर्चा करना चाहता है, लेकिन कई बार सरकार की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण सदन में व्यवधान की स्थिति पैदा होती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष बिजली संकट, बेरोजगारी, स्कूलों की स्थिति और किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना चाहता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह विपक्ष के सवालों को गंभीरता से सुने और सहयोगात्मक रवैया अपनाए।

सरकार ने कहा- हर सवाल का जवाब देने को तैयार

उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सरकार मानसून सत्र के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास यदि जनहित के मुद्दे हैं तो वह उन्हें सदन में उठाए, सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सदन में केवल हंगामा, बहिष्कार या व्यवधान किया जाता है तो इससे चर्चा प्रभावित होती है। सरकार चाहती है कि सदन में सार्थक चर्चा हो और जनता से जुड़े विषयों पर समाधान निकले।

सपा ने की 10 दिन के सत्र की मांग

समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मल्होत्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की आबादी करीब 25 करोड़ है और इतने बड़े राज्य की समस्याओं पर केवल तीन दिन के विधानसभा सत्र में चर्चा करना संभव नहीं है। उन्होंने मांग की कि मानसून सत्र की अवधि कम से कम 10 दिनों की होनी चाहिए ताकि सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़े मामले को भी सदन में उठाएगी। पार्टी इस मामले की जांच हाईकोर्ट के किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने की मांग करेगी।

अखिलेश यादव की अध्यक्षता में तय होगी सपा की रणनीति

समाजवादी पार्टी के विधायक मोहम्मद फहीम, तूफानी सरोज सहित अन्य नेताओं ने बताया कि मानसून सत्र को लेकर पार्टी की रणनीति जल्द तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में बैठक होगी, जिसमें यह तय किया जाएगा कि विधानसभा में किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा और सरकार को किन सवालों के जवाब देने होंगे।

सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति

मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने और सभी दलों के बीच समन्वय स्थापित करना था। हालांकि विपक्ष ने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग दोहराई है, जबकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। अब देखना होगा कि विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष किन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरता है और सदन की कार्यवाही किस तरह आगे बढ़ती है।

यह भी पढे़ंः-UP Elections 2027: चंद्रशेखर आजाद ने बढ़ाई सपा-कांग्रेस की चुनौती, पीडीए समीकरण पर साधा निशाना

अन्य प्रमुख खबरें