निर्माण कार्यों में देरी पर डीएम सख्त, 57 परियोजनाओं की रिपोर्ट एक सप्ताह में तलब

खबर सार :-

झांसी में निर्माण परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर डीएम गौरांग राठी ने करीब एक दर्जन अधिकारियों को चेतावनी दी। 57 कार्यों की फोटो सहित सत्यापन रिपोर्ट एक सप्ताह में तलब की गई।
झांसी में धीमे निर्माण कार्यों पर डीएम सख्त, 57 रिपोर्ट तलब

खबर विस्तार : -

 झांसी: झांसी में निर्माणाधीन विकास परियोजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर जिलाधिकारी गौरांग राठी ने अधिकारियों को समयसीमा में काम पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। विकास भवन सभागार में हुई समीक्षा बैठक में करीब एक दर्जन अधिकारियों को चेतावनी दी गई और 57 कार्यों की सत्यापन रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर फोटो सहित डीएसटीओ कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा गया।

परियोजनाओं को तीन श्रेणियों में बांटकर समीक्षा

बैठक में निर्माण कार्यों को ग्रीन, येलो और रेड कैटेगरी में रखकर उनकी स्थिति की समीक्षा की गई। रेड कैटेगरी में शामिल धीमी गति वाले और प्रभावित कार्यों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए वह स्वयं औचक निरीक्षण करेंगे। जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं से अनुबंध में तय समयसीमा के अनुसार निर्माण पूरा कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं होगी। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करने के निर्देश दिए।

मेडिकल कॉलेज और डायट हॉस्टल की प्रगति पर नाराजगी

मेडिकल कॉलेज में 29 टाइप-4 आवासों के जीर्णोद्धार की प्रगति करीब 50 प्रतिशत पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने काम की रफ्तार बढ़ाकर जल्द हैंडओवर कराने के निर्देश दिए। डायट गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण करीब 10 प्रतिशत पूरा होने की जानकारी पर भी जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। कार्यदायी संस्था को अतिरिक्त संसाधन लगाकर निर्माण की गति बढ़ाने को कहा गया।

पेयजल और सड़क परियोजनाओं की भी समीक्षा

समीक्षा बैठक में मऊरानीपुर और चिरगांव की पेयजल परियोजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा झांसी वाटर सप्लाई स्कीम फेस-2 तथा 11.250 किलोमीटर लंबे झांसी-गंगावली संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे वीHरांगना झलकारी बाई राजकीय महिला पॉलिटेक्निक का जिलाधिकारी स्वयं निरीक्षण करेंगे। जिन परियोजनाओं पर बजट की कमी का असर पड़ रहा है, उनके लिए शासन को तत्काल पत्र भेजकर धनराशि मांगने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सीडीओ रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड के अलावा पीडब्ल्यूडी, आरईएस, डीएसटीओ, पर्यटन, पशुपालन, कृषि और विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।

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