उज्जैन में युवा धर्म संसद का शुभारंभ आज से, 300 विद्वान समकालीन मुद्दों पर करेंगे चर्चा

खबर सार :-

उज्जैन जिले के देवास रोड पर स्थित गीता भवन में आज से युवा धर्म संसद की शुरुआत होगी। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में 1,600 से अधिक युवा और लगभग 300 विद्वान शामिल होंगे।
उज्जैन में आज से युवा धर्म संसद की शुरुआत, 1,600 युवा होंगे शामिल

खबर विस्तार : -

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में देवास रोड पर स्थित गीता भवन में आज, गुरुवार से तीन दिन का कार्यक्रम 'युवा धर्म संसद-2026 अवंतिका' शुरू हो रहा है। इसमें देशभर के 24 से ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1,600 से ज्यादा युवा हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों के युवा, छात्र, शिक्षक, रिसर्चर और प्रोफेशनल शामिल होंगे। आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान लगभग 300 विद्वान, शिक्षाविद, धर्मगुरु और एक्सपर्ट भी युवाओं से बातचीत करेंगे।

आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण (सिद्धपीठ हनुमत निवास के पीठाधीश्वर), माधव कुमार (सेवाज्ञ संस्थानम के राष्ट्रीय सचिव) और प्रवीण शर्मा (मध्य प्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष) ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसका औपचारिक उद्घाटन 18 सितंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर को समापन सत्र में शामिल होंगे।

आठ सत्रों में धर्म और समकालीन मुद्दों पर चर्चा

तीन दिन के इस कार्यक्रम में कुल आठ सत्र होंगे। चर्चा में धर्म (सही आचरण/कर्तव्य) की व्यापक और अस्तित्व से जुड़ी अवधारणा, चरित्र निर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी, संवाद की संस्कृति, जानकारी और विचारों का टकराव, मानव विकास में आस्था की भूमिका, पूजा स्थलों का महत्व और ऋषि-कृषि संस्कृति जैसे विषय शामिल होंगे। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए संत, विद्वान, शिक्षाविद, विचारक, साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता युवाओं के साथ बातचीत करेंगे। सवाल-जवाब के सत्रों के जरिए युवा प्रतिभागियों को धर्म, भारतीय संस्कृति, ज्ञान की परंपरा और जीवन के नजरिए से जुड़े मामलों पर अपने विचार रखने का मौका मिलेगा।

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कला प्रदर्शनी और पुस्तक मेला मुख्य आकर्षण

कार्यक्रम के पहले दिन, भारत की भावना (भारत-भाव) पर आधारित एक कला प्रदर्शनी और एक पुस्तक मेले का उद्घाटन किया जाएगा। प्रदर्शनी में अलग-अलग राज्यों के युवा कलाकारों की पेंटिंग दिखाई जाएंगी। इस पुस्तक मेले में लगभग 50 प्रमुख पब्लिशिंग हाउस हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, एक आर्ट गैलरी, 'युवा पंचायत' और एक आदिवासी मेला भी आयोजित किया जाएगा। 'युवा पंचायत' प्रतिभागियों को अपनी राय रखने और सामूहिक चर्चा में शामिल होने का मौका देगी। इस कार्यक्रम का मकसद युवाओं को धर्म, भारतीय संस्कृति, ज्ञान की परंपरा, जीवन के नजरिए, चरित्र निर्माण और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना से जोड़ना है।

प्रमुख वक्ताओं की भागीदारी

'युवा धर्म संसद' के अलग-अलग सत्रों में हिस्सा लेने वाले वक्ताओं में आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण (सिद्धपीठ हनुमत निवास के पीठाधीश्वर), आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि (जूना अखाड़ा), पुंडरीक महाराज, प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी (वाइस-चांसलर, सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी), कवि और लेखक मनोज मुंतशिर, प्रवीण शर्मा (चेयरमैन, मध्य प्रदेश युवा आयोग), विष्णुप्रकाश त्रिपाठी और प्रो. हिमांशु राय (डायरेक्टर, IIM इंदौर) जैसे कई लोग शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, 'युवा धर्म संसद' की प्रेरणा स्वामी विवेकानंद के शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक भाषण से मिली है। 2018 में शुरू हुई इस सीरीज के अलग-अलग कार्यक्रमों में अब तक लगभग 7,100 प्रतिभागी हिस्सा ले चुके हैं। इस संस्करण के बाद, अगले साल यह कार्यक्रम द्वारका में आयोजित करने का प्रस्ताव है।

वीवीआईपी मूवमेंट के चलते पुलिस अलर्ट

अगले दो दिनों में उज्जैन शहर में धार्मिक आस्था, VIPs की आवाजाही और भारी भीड़ देखने को मिलेगी। गुरुवार को 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत आयोजित 'दीपोत्सव' (रोशनी का त्योहार) में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और स्वयंसेवक हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम पूरे कर लिए हैं; शहर के मुख्य प्रवेश द्वारों, अंदरूनी सड़कों और संवेदनशील इलाकों में अभी चेकिंग चल रही है।

शहर में 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे

SP प्रदीप शर्मा ने बताया कि VIPs शहर का दौरा करेंगे और उनकी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए सुरक्षा अभ्यास (ड्रिल) भी किए गए हैं। दीपोत्सव को देखते हुए एक मजबूत सुरक्षा घेरा बनाया जा रहा है, ताकि कार्यक्रम स्थल से लेकर नदी के घाटों और मुख्य प्रवेश मार्गों तक पुलिस की निगरानी बनी रहे। त्योहार के दौरान शहर में 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जिनमें से लगभग 2,000 पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त बल के तौर पर बुलाए गए हैं। कार्यक्रम स्थल पर भीड़ को संभालने के लिए पूरे इलाके को अलग-अलग सेक्टरों में बांटा जाएगा और हर सेक्टर में पैदल चलने वालों के लिए तय रास्ते होंगे। भीड़ के आने-जाने को पुलिस पास सिस्टम से नियंत्रित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ किसी एक जगह पर जमा न हो।

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