कावेरी जल विवादः तमिलनाडु सीएम जोसेफ विजय का कर्नाटक दौरा रद्द, बढ़ते तनाव के चलते लिया फैसला
खबर सार :-
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपना कर्नाटक का दौरा टाल दिया है। वे 3 अगस्त को बेंगलुरु में सीएम डीके शिवकुमार से मुलाकात करने वाले थे। इस बीच, कावेरी जल विनियमन समिति ने कर्नाटक को 15 दिनों तक तमिलनाडु को 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया। समिति के निर्देश के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए। इन हालातों को देखते हुए सीएम डीके शिवकुमार ने वार्ता टालने का अनुरोध किया था।
खबर विस्तार : -
चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 3 अगस्त को होने वाले अपने बेंगलुरु दौरे को टालने का फैसला किया है। कावेरी जल बंटवारे के विवाद को लेकर बढ़ते राजनीतिक और सार्वजनिक तनाव के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बैठक टालने का अनुरोध किया था।
इस प्रस्तावित दौरे का मकसद कावेरी के पुराने मुद्दे पर दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच पहली सीधी बातचीत कराना था। हालांकि, कावेरी जल विनियमन समिति के निर्देश के बाद कर्नाटक में हालात बदल गए। समिति ने राज्य को 29 जुलाई से 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए रोजाना 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया था। इस निर्देश के बाद कर्नाटक के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए, जिससे राज्य सरकार को बातचीत टालने का अनुरोध करना पड़ा।
सीएम विजय ने मौजूदा हालात पर की चर्चा
मुख्यमंत्री विजय ने दौरे के बारे में अंतिम फैसला लेने से पहले जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौजूदा हालात और बैठक करने के संभावित नतीजों पर विस्तार से चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, इन चर्चाओं के दौरान यह बात सामने आई कि इस समय कर्नाटक का माहौल द्विपक्षीय बातचीत के लिए अनुकूल नहीं है। यह प्रस्तावित बातचीत मूल रूप से मुख्यमंत्री विजय के अनुरोध पर शुरू की गई थी, जिसका मकसद कावेरी जल बंटवारे के विवाद और विवादित मेकेदातु जलाशय परियोजना समेत अंतर-राज्यीय अहम मुद्दों पर चर्चा करना था।
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पूरे कर्नाटक में हो रहा विरोध-प्रदर्शन
हालांकि, कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा तमिलनाडु को पानी छोड़ने के जल विनियमन समिति के आदेश पर रोक लगाने की कर्नाटक की अपील को खारिज करने के बाद स्थिति बदल गई। तब से, इस विवाद के कारण पूरे कर्नाटक, खासकर मांड्या इलाके में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। सीएम डीके शिवकुमार ने किसान संगठनों से प्रदर्शन रोकने की मांग की है। उन्होंने न्यायपूर्ण तरीके से इस विवाद का हल निकालने पर जोर दिया है।
13 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का आह्वान
कावेरी जल बंटवारे के खिलाफ मांड्या जिले के श्रीरंगपट्टनम तालुक के KRS इलाके में, किसान और विभिन्न कन्नड़ संगठनों ने 13 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। बेंगलुरु-मैसूरु हाईवे पर प्रदर्शन कर कोवरी नदी का पानी तमिलनाडु को न देने की मांग की गई। कन्नड़ कार्यकर्ता वताल नागराज ने कहा कि अस्पतालों और एम्बुलेंस सेवाओं को छोड़कर सभी क्षेत्रों को बंद का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सरकारी कर्मचारियों, मजदूर संघों, होटल मालिकों, APMC, ट्रक मालिकों, ऑटो-रिक्शा चालकों और कर्नाटक फिल्म चैंबर सहित कई संगठनों ने बंद को अपना समर्थन दिया है।
FAQ
1- कावेरी जल विवाद क्या है?
कावेरी नदी के जल बंटवारे को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक राज्यों के बीच लगभग 130 सालों से विवाद चला आ रहा है।
2- कर्नाटक में क्यों हो रहे प्रदर्शन?
कावेरी जल विनियमन समिति ने कर्नाटक को 29 जुलाई से 15 दिनों तक तमिलनाडु को रोजाना 3,500 क्यूसेक पानी देने का फैसला सुनाया। इसके फैसले के विरोध में कर्नाटक में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।
3- सीएम जोसेफ ने कर्नाटक दौरा क्यों रद्द किया?
सीएम जोसेफ ने अपने अधिकारियों के साथ कर्नाटक में मौजूदा हालात पर चर्चा कर अपना दौरा टालने का फैसला लिया। बता दें कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उन्हें 3 अगस्त को बेंगलुरु दौरा रद्द करने की अपील की थी।
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