सफाई कर्मियों पर मेहरबान हुए सीएम: न्यूनतम मानदेय 16000 रुपए की घोषणा

खबर सार :-

वाराणसी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सफाई कर्मियों को तोहफा दिया है। अपने वाराणसी दौरो के   दूसरे दिन उन्होंने घोषणा की कि सफाई कर्मियों को न्यूनतम 16000 रुपए मानदेय दिया जाएगा। इस दौरान कुछ सफाई कर्मी मौके पर मौजूद रहे। यह बात सुनते ही सफाई कर्मियों ने तालियां बजानी शुरू कर दीं।
दोपहर 12 बजे सोकर उठने वाले लोकप्रिय नहीं हो सकते, जानें किस पर है सीएम का यह तंज

खबर विस्तार : -

वाराणसी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को वाराणसी में दूसरे और अंतिम दिन पिपलानी कटरा स्थित सरोजा पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्वच्छता मित्रों को सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की। वाराणसी दक्षिण के विधायक डॉक्टर नीलकंठ तिवारी के 76 दिवसीय वार्ड प्रवास के समापन अवसर पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सफाईकर्मी के वेतन में अगर अवैध कटौती की जानकारी मिलती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कई मुद्दों पर आज बात किया है। उन्होंने सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे की भावना को आधार बनाकर कहा कि उनका सौभाग्य है कि विधायक के इस अभियान से जुड़े। 

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अपराधियों की जमीन पर बनेंगे गरीबों के मकान

मुख्यमंत्री ने इसे लोकप्रिय कार्य बताया है। ऐसे कार्य सभी को पसंद आते हैं। लोकप्रियता को परिभाषित करते हुए कहा कि लोकप्रिय जनप्रतिनिधि वही होता है, जिसकी पहुंच एक-एक घर तक हो। बता दें की 76 दिनों के प्रवास के दौरान 11 रविवार को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के शिविर आयोजित कर लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ें। बनारस में कई दिनों से इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। जिसमें सरकार की बड़ी-बड़ी विकास कार्यों की तस्वीरें दिखाई गई हैं। यद्यपि आलोचकों की दृष्टि में उनके रखरखाव पर प्रश्न भी उठ रहे हैं। इस पर सीएम कहते हैं के यदि जनता जागरुक नहीं होगी तो बड़े से बड़े कार्य धराशायी हो जाएंगे। 

अब कहीं नहीं दिखती है गंदगी

कहा की बारिश के मौसम में वार्डों में सफाई चलाना और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी और आज हम इसका पालन कर रहे हैं। सड़कों पर चौराहों पर स्टेशनों पर सफाई दिखती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा कराए गए निर्माण कार्य जनता की संपत्ति है। इनको सुरक्षित करना इन्हें टूट से बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। वार्डों की सफाई सरकारी स्तर पर तो कराई जाती है, लेकिन फिर भी गंदगी पड़े रहने की खबरें मीडिया में आती रहती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों में जागरूकता बढ़ेगी और विकास कार्य के प्रति जिम्मेदारी का भाव मजबूत होगा। सफाई मित्रों का उल्लेख भी उन्होंने किया है। 

सुबह ही सफाई कर्मी निपटा देते हैं काम

उनकी सराहना करते हुए कहा कि जब लोग सुबह-सुबह सोकर भी नहीं उठाते तब तक सफाई कर्मी अपने काम में जुट जाते हैं। सफाई कर्मियों के संबंध में मुख्यमंत्री ने लगातार कई उत्साह बढ़ाने वाली बातें कही हैं। इसमें कहा गया है कि पुरुषार्थ और परिसंघ से लोगों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराते हैं। समाज में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह बातें मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मियों के लिए कही है। इसी तरह नगर निगम के कार्यों का भी जिक्र किया गया है। वैसे तो नगर निगम के कर्मचारी प्रतिदिन सफाई करते रहते हैं, लेकिन बहुत सी जगह है, जहां सफाई नहीं हो पाती है या लोगों की जागरूकता ना होने की वजह से गंदगी मिलती है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान केवल नगर निगम तक सीमित नहीं है। इसमें प्राधिकरण, शासन के विभिन्न विभाग अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इसमें मुख्यमंत्री ने लोगों को भी इंवॉल्व होने के लिए कहा है। 

शुद्ध वातावरण के लिए लगाएं पेड़

उन्होंने कहा कि कंक्रीट के जंगल तो खड़े कर रहे हैं, लेकिन हम इसे शुद्ध वातावरण नहीं दे पाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण के लिए योगदान की सराहना की और कहा कि नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम एक पौधा मां के नाम को आगे बढ़ाएं। देश में जो माहौल चल रहा है, उस पर भी मुख्यमंत्री बोले। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक तभी जागरूक होता है, जब उसके द्वारा चुने गए प्रतिनिधि स्वयं जागरूक हों। मुख्यमंत्री ने तंज करते हुए कहा जब नेतृत्व दोपहर 12ः00 बजे सो कर उठेगा तो जनहित के कार्य कैसे होंगे? उन्होंने पूर्व सरकारों में गुंडागर्दी, माफिया गिरी का भी जिक्र किया है। कहा कि अब माफिया के लिए कोई जगह नहीं है मुख्यमंत्री का इशारा अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी की ओर था। यद्यपि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया है। बोले कि माफिया से खाली कराई गई जमीनों पर गरीबों के लिए बहु मंजिला इमारतें बनाई जाएंगी। सरकार का उद्देश्य ऐसी जमीनों की इस्तेमाल करना है जो जनहित के काम आवे।

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