अमरमणि त्रिपाठी से है जान का खतरा, मुख्यमंत्री से सुरक्षा की गुहार

खबर सार :-

लखनऊ, अमरमणि त्रिपाठी की कथित राजनीतिक सक्रियता की खबरों को लेकर पीड़ित परिवारों ने चिंता जताई है। पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का राजनीतिक इतिहास काफी दागदार रहा है। लखनऊ में एक प्रेसवार्ता में मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला और सारा सिंह की मां सीमा सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
दो परिवारों ने मांगी मुख्यमंत्री से सुरक्षा, अमरमणि त्रिपाठी से है जान का खतरा

खबर विस्तार : -

लखनऊ, पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की कथित राजनीतिक सक्रियता को लेकर दो पीड़ित परिवारों ने सुरक्षा की गुहार लगाई है। इसमें पहली गुहार राष्ट्रीय कवियत्री स्वर्गीय मधुमिता शुक्ला के परिजनों की ओर से तथा दूसरी सुरक्षा की गुहार अमनमणि त्रिपाठी की दिवंगत पत्नी सारा सिंह के परिजनों की ओर से की गई है। शुक्रवार को इन परिवारों ने एक प्रेस वार्ता कर मुख्यमंत्री से सुरक्षा की गुहार की है।

जानकारी के अनुसार, मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला और सारा सिंह की मां सीमा सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र प्रेषित किया है। इसमें कहा गया है कि अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। निधि शुक्ला ने मांग की है कि नवतनवा विधानसभा क्षेत्र में हुए एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान अमरमणि त्रिपाठी और अमन मणि त्रिपाठी के समर्थन में नारे लगे। उनका कहना है कि यह एक मैसेज है, जो सच है की राजनीति में अमरमणि त्रिपाठी की सक्रियता है। उनका कहना था कि ऐसी गतिविधियों से पीड़ित परिवारों में भय दिखने लगा है।

पुस्तक मेरी बहन का कत्ल, भी बहुत ही जल्द प्रकाशित होने वाली

पीड़ित परिवारों की ओर से कहा गया है कि अमरमणि त्रिपाठी दोबारा राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हो जाएंगे तो उनके परिवारों को खतरा निश्चित है। इसलिए सरकार को उनकी पीड़ा समझनी चाहिए। निधि शुक्ला ने कहा की मधुमिता शुक्ला हत्याकांड पर आधारित उनकी पुस्तक मेरी बहन का कत्ल, भी बहुत ही जल्द प्रकाशित होने वाली है। बता दें कि अमरमणि त्रिपाठी का राजनीतिक इतिहास बड़ा ही दागदार रहा है। वह कई सालों तक जेल में रहे। जेल में रहने के दौरान भी तमाम तरह की आपत्तियां रही है। पीड़ित परिवारों की ओर से कहा गया कि पुस्तक में इन सब बातों का जिक्र किया गया है।

पुस्तक में मामले से जुड़े कई रिकॉर्ड भी शामिल किए गए हैं। जिनमें अब तक कई सार्वजनिक भी नहीं हुए हैं। 2003 से न्याय की लड़ाई लड़ रहे उनके परिवार को मीडिया ने जरूर सहयोग किया है। लगातार सार्वजनिक विमर्श बनाए रखने में मीडिया की बड़ी सहभागिता रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की, निधि शुक्ला ने कहा सरकार को माफिया के खिलाफ अपनी घोषित नीति बनाए रखना चाहिए। मुख्यमंत्री को दृढ़ रखना चाहिए और किसी भी अपराधी को राजनीतिक संरक्षण नहीं देना चाहिए।

9 मई 2003 को लखनऊ में मधुमिता शुक्ला की हत्या की गई थी

उन्होंने पीड़ित परिवार की सुरक्षा की मांग की है। प्रेस वार्ता में सारा सिंह की मां सीमा सिंह रोने लगी। रोते हुए उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की हत्या के मामले में न्याय की लड़ाई उनके जीवन रहने तक चलती रहेगी। पीड़ित परिवारों की सुरक्षा उपलब्ध कराने की अपील करते हुए बताया कि 9 मई 2003 को लखनऊ में राष्ट्रीय कवियत्री मधुमिता शुक्ला की हत्या की गई थी। इस मामले की जांच सीआईडी और बाद में सीबीआई ने की थी।

निश्चित निष्पक्ष सुनवाई के लिए मुकदमे का स्थानांतरण उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड किया गया था। नैनीताल हाई कोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने अमरमणि त्रिपाठी सहित दोषियों को उम्र कैद की सजा बरकरार रखा था। देहरादून की अदालत में भी यह मामला चला। प्रेस वार्ता में निधि शुक्ला ने बताया कि अमरमणि त्रिपाठी की रिहाई और हाल की राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाना जरूरी है? क्योंकि यह कई परिवारों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ मामला है।

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