हंगामा और हल्लाबोल में दब गए जनहित के मुद्दे, एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए सत्र स्थगित

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र बुधवार को विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच स्थगित कर दिया गया। इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया है। सत्र समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर जमकर नाराजगी उतारी। उन्होंने कहा कि सपा का आचरण ही हल्ला करना है।
हंगामे के कारण सत्र स्थगित, सीएम योगी बोले-सपा का आचरण जनविरोधी

खबर विस्तार : -

लखनऊ, उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र बुधवार को विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच स्थगित कर दिया गया। इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया है। सत्र समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर जमकर नाराजगी उतारी। उन्होंने कहा कि सपा का आचरण ही हल्ला करना है। वह जनविरोधी, किसान विरोधी और संविधान विरोधी हैं। सपा पर नाराजगी उतारते हुए कहा कि विपक्ष ने अनुपूरक बजट और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के बजाय व्यवधान पैदा करने आए थे।

वह हमेशा से ऐसा ही रवैया अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष का लोकतंत्र और विकास विरोधी चेहरा सामने आया है। सपा ने कभी विकास की बात नहीं की। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी का व्यवहार पूरी तरह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक रहा है। इनकी पार्टी के लोग हंगामा करने के अलावा और कुछ नहीं जानते। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का चरित्र दलित, पिछड़े, किसान, युवा, महिला और गरीब विरोधी है। सदन में उसका आचरण लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं था। जनता के मुद्दे पर चर्चा से भाग रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि सरकार अनुपूरक बजट के माध्यम से शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और अन्य अल्प मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों के हितों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान लेकर आई थी, लेकिन विपक्ष ने उस पर भी चर्चा नहीं हुई।

अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार

मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये तथा अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये करने की जानकारी दीै। बताया कि दोनों वर्गों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। विधानसभा में प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्ष ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी, शिक्षक भर्ती, पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया था। अध्यक्ष को विपक्ष की नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही पहले आधे घंटे और बाद में दोपहर एक बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

दोबारा कार्यवाही शुरू हुई तब भी हंगामा जारी रहा

दोबारा फिर जब कार्यवाही शुरू हुई तब भी हंगामा जारी रहा। हंगामे के बीच सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए और उन्हें पारित कराया। हंगामा बंद नहीं हुआ तो संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव रख दिया। इसे पीठ ने स्वीकार कर लिया। सपा की ओर से किए गए हंगामे पर सीएम ने कहा कि प्रदेश की जनता की सेवा करने वाले अल्प मानदेय प्राप्त कर्मियों का अपमान करना समाजवादी पार्टी करती आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सपा सरकार ने शिक्षामित्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। हमारी सरकार लगातार उनके हितों की रक्षा के लिए काम कर रही है। उनका आरोप था कि समाजवादी पार्टी जनहितकारी प्रस्तावों को पारित नहीं होने देना चाहती थी, हालांकि सदन ने अंततः मंजूरी दे दी।

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