पटना: पहले ही दिन सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक

खबर सार :-

यह सत्र 24 जुलाई तक चलने वाला है। इस पांच दिवसीय सत्र के दौरान सरकार अनुपूरक बजट के अलावा कई और महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी।
पटना: पहले ही दिन सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक

खबर विस्तार : -

पटना। बिहार विधानमंडल का पांच दिवसीय मानसून सत्र भी हंगामे के साथ शुरू हुआ। राजनीतिक लोगों के तमाम दावों पर पानी फिर गया। सत्तापक्ष को उम्मीद थी कि बिहार विधानमंडल के पांच दिवसीय मानसून सत्र की शुरूआत घोषणाओं के साथ होगी। सरकार नई है, इसलिए भरोसाा भी ज्यादा रहेगा। लेकिन सोमवार कोे पहले ही दिन सदन के अंदर और बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखी गई। यह सत्र 24 जुलाई तक चलने वाला है। इस पांच दिवसीय सत्र के दौरान सरकार अनुपूरक बजट के अलावा कई और महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी।

छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और महागठबंधन के अन्य दलों ने नीट परीक्षा के कथित पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लगाए। छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कठघरे में खडा कर उनके इस्तीफे की मांग की। चौकाने वाली बात यह है कि सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विधानसभा परिसर में राजद विधायक हाथों में तख्तियां थीं। यनी यह सब अपने साथ लेकर पहुंचं थे। उनके हाथ में बैनर भी थे। विपक्षी नेताओं के आरोप  थे कि देश में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। कई बार ऐसा हो चुका है। देष का लाखों छात्र परेषान है। विपक्षी नेताओं ने कहा कि इन घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए। उन्हे अपना पद त्यागना होगा। सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद भी विपक्ष ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया था।

विधानसभा अध्यक्ष ने सभी को शांत कराया

माहौल बदलने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने सभी को शांत कराया और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ सकी। राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ियों हुई है। उनके खिलाफ उनकी पार्टी और महागठबंधन ने सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन चलाया है। उन्होंने कहा कि जब भी सरकार कोई गलत निर्णय लेगी, हम विपक्ष के लोग उसका विरोध करेंगे। यह भी कहा कि विरोध लोकतांत्रिक तरीके से होगा। वंदे मातरम से जुड़े प्रस्तावित विधेयक पर बचते रहे। कहा कि उनकी पार्टी वंदे मातरम के खिलाफ नहीं है, लेकिन विधेयक का अध्ययन करने के बाद ही उस पर विस्तृत प्रतिक्रिया दी जाएगी।

विपक्ष किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि विपक्ष किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव मौजूद नहीं हैं तो भी पार्टी के सभी विधायक हैं। नेता उनकी भूमिका निभा रहे हैं। वह जनता के मुद्दों को मजबूती से उठा रहे हैं। इधर, सरकार के सभी प्रमुख मंत्री और सत्तापक्ष के विधायक सत्र में शामिल थे। इस मानसून सत्र को राजनीतिक दृष्टि से खास माना जा रहा है। सरकार सदन में अपनी उपलब्धियों को प्रमुखता से रखने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष विभिन्न जनहित और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी पर काम कर रहा है।  
 

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