ECI के नियमों के अनुसार राज्य में भरे जा रहे हैं फॉर्म-6, ज्ञानेश कुमार विवाद के बीच सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट की स्थिति
खबर सार :-
पश्चिम बंगाल में सीईओ कार्यालय ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर लगाए जा रहे आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। कहा है कि ईसीआई के नियमों के अनुसार ही राज्य में फॉर्म-6 भरे जा रहे हैं। इनमें किसी भी प्रकार का उल्लंघन नहीं किया जा रहा है। सभी काम विधि के अनुसार ही हुए हैं।
खबर विस्तार : -
कोलकाता, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने एसआईआर और फार्म छह पर अपना रुख स्पष्ट किया है। देशभर में जो माहौल चुनाव आयुक्त के खिलाफ बनाया जा रहा है, उसपर कार्यालय ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। किसी प्रकार का असंवैधानिक कार्य नहीं हो रहा है। सीईओ कार्यालय ने बताया कि फॉर्म-6 कौन भर सकता है और इसकी प्रक्रिया क्या होगी?
उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मामलों में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। बुधवार को यह बातें कही गई हैं। दरअसल इन दिनों मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पूरे देश में राजनीतिक सरगर्मी तेज है। विपक्षी दल एसआईआर के नाम पर कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में सरकार को असंवैधानिक बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए चुनाव आयोग ने मतदाताओं के नाम काटे हैं।
ये भी पढ़ेंः तुम्हें स्वीपर तक की नौकरी नहीं मिलेगी... राखी सावंत के विवादित बयान पर भड़कीं कंगना रनौत
भाजपा से मिले होने के आरोप लगाए गए हैैं। देश के युवाओं का एक बड़ा वर्ग और विपक्षी गठबंधन इंडी ब्लॉक ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजधानी दिल्ली की सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। इससे देश में राजनीतिक दलों के बीच विवाद पैदा हो रहा है। इस बढ़ते विवाद के बीच राज्य के सीईओ कार्यालय ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। दरअसल, राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने साल 2025 में सबसे पहले बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया था। इसके बाद पश्चिम बंगाल सहित नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर किया गया।
प्रक्रिया 1950 के प्रावधानों द्वारा संचालित हो रही
अब चुनाव आयोग ने शेष 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया शुरू की है। इसबार एसआईआर के तीसरे चरण के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर असंवैधानिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे हैं। उन पर भ्रष्टाचार के अलावा कई तरह के आरोप लगाए गए हैं। यह वही दलों की ओर से लगाए जा रहे हैं, जो विधानसभा चुनावों के दौरान सत्ता से बाहर हुए हैं। भाजपा यही बात पुरजोर तरीके से उठा रही है। भाजपा का कहना है कि हार की समीक्षा करना सीखो। जनता के फैसले और संवैधानिक प्रक्रियाओं का आदर सीखो।
भाजपा की ओर से कहा गया है कि कभी ईवीएम खराब तो कभी चुनाव आयोेग और जब यह मामला अदालत में चले तो कार्ट खराब! ऐसा नहीं चलेगा। राज्य के सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर से जुड़े सभी कार्य भारत निर्वाचन आयोग की प्रत्यक्ष देखरेख और नियमों के अनुसार ही किए जा रहे हैं। सीईओ कार्यालय ने जोर देकर कहा कि यह पूरी प्रक्रिया जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों द्वारा संचालित हो रही है।
राज्य निर्वाचन कार्यालय ने केंद्रीय कार्यालय के समर्थन में कहा कि एसआईआर के मामले में राज्य सीईओ कार्यालय के अपने कोई अलग नियम नहीं है। जिन लोगों के नाम सूची से कट गए थे, उनके नाम भी अब जोेड़े जाएंगे। इस संबंध में आयोग की ओर से बताया गया है कि सीईओ कार्यालय ने उन योग्य मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में फिर से जोड़ने का रास्ता भी साफ कर दिया है, जिनका नाम किसी कारणवश कट गया था। इसका मतलब यह नहीं कि हर किसी का नाम जोड़ने के लिए आयोग बाध्य है।
जो लोग जीवित हैं, उनके नाम ही शामिल किए जाएंगे
कार्यालय ने साथ कर दिया कि यदि एसआईआर 2026 की एएसडीडी सूची यानी अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और हटाए गए मतदाताओं की सूची में किसी योग्य मतदाता का नाम शामिल हो गया है, तो वे फॉर्म-6 जमा करके मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। कार्यालय का साफ कहना है कि मृतक का नाम नहीं जोड़ा जाएगा। जो मतदान के लिए उपस्थित नहीं रह सकता या उसके रहने के प्रमाण नहीं मिल रहे हैं, उनको भी मौेका नहीं मिल पाएगा।
आयोग ने एक और बात कही है। कि जो लोग जीवित हैं, उनके नाम ही कानूनी प्रक्रिया के साथ शामिल किए जाएंगे। इसका मतलब साफ है। यह आवेदन ऑनलाइन भी किया जा सकता है या संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के माध्यम से ऑफलाइन फॉर्म-6 जमा किया जा सकता है। नए और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को भी वोट का मौका दिया जाएगा है। इनके लिए 18 वर्ष की आयु पूरी होनी चाहिए। सभी पात्र युवा ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यदि इसमें कोई दिक्कत है तो वह अपने बीएलओ के माध्यम से फॉर्म-6 जमा कर सकते हैं।
ये भी पढ़ेंः राइज एंड फॉल 2 में काजल राघवानी का बड़ा खुलासा, बोलीं-मैंने सुसाइड की कोशिश की थी
अन्य प्रमुख खबरें
-
Kangana Ranaut ने फिर राहुल गांधी घेरा, कहा-इन्हें देश की जनता से जुड़ना कब आएगा
2026-10-07
-
सरकारी योजनाएं गिना रहे जनप्रतिनिधि, अनूपपुर में बांटी गई स्कूटी
2026-10-07
-
PM MODI के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे, उपराष्ट्रपति, रक्षामंत्री और UP के सीएम ने दी बधाई
2026-10-07
-
सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उतरेगी AAP, किया ये ऐलान
2026-10-06
-
भाजपा का कांग्रेस पर वार, राहुल गांधी को लांच करने की तैयारी में निर्वाचन आयोग को घेरा जा रहा
2026-10-06
-
अखिलेश की सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाई सियासी हलचल
2026-10-06
-
जिस पुलिस को थोड़ी देर पहले कुत्ता बोल रहे थे हुमायूं कबीर, वह विधायक को खींच कर थाने ले गई
2026-10-06
-
पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरने का वादा, BSP प्रमुख के बताए रास्ते पर ही चलेंगे आकाश आनंद
2026-10-06
-
आकाश आनंद फिर बने बसपा के राष्ट्रीय संयोजक, मायावती ने किया ऐलान
2026-10-05
-
पूर्व टीएमसी सांसद और अभिनेत्री कोयल मल्लिक BJP में शामिल
2026-10-05
-
बंगाल के कूचबिहार में CPIM पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़, BJP पर लगाया आरोप
2026-10-04
-
Maharashtra MLC चुनाव के लिए भाजपा ने जारी की उम्मीदवारों लिस्ट
2026-10-04
-
मप्रः मण्डला में तेंदूपत्ता संग्राहकों को 36.17 करोड़ का बोनस, बड़ी संख्या में पहुंचे लाभांशी
2026-10-04
-
पश्चिम बंगाल से कोयल मल्लिक हैं BJP की राज्यसभा की उम्मीदवार, केंद्रीय चुनाव समिति ने की रविवार को घोषणा
2026-10-04
-
मायावती ने की उत्तराखंड चुनाव तैयारियों की समीक्षा, लखनऊ में जुटेंगे कार्यकर्ता
2026-10-04