New Addiction Among Youth: शराब और सिगरेट छोड़ इस नए नशे की चपेट में युवा, AIIMS डॉक्टर ने बताया कितना खतरनाक है ये ट्रेंड

खबर सार :-
देश में युवाओं को लेकर नशे के शौक बढ़ गए हैं। हाल ही में दिल्ली के  AIIMS ने युवाओं में बढ़ते नशे के बारे में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है।
New Addiction Among Youth: शराब और सिगरेट छोड़ इस नए नशे की चपेट में युवा, AIIMS डॉक्टर ने बताया कितना खतरनाक है ये ट्रेंड
खबर विस्तार : -

 New Addiction Among Youth: देश में हर साल नशे के कारण लाखों युवा अपनी जान गंवाते हैं। सिगरेट और शराब की लत ने पहले से ही युवाओं को बर्बाद कर रखा है, अब इस बीच एक नए नशे ने अपने पैर पसारने शुरु कर दिये हैं। इसे मेडिकल की भाषा में न्यू साइकोएक्टिव सब्सटेंस (एनपीएस) कहा जाता है। इसका ज्यादा प्रचलन शहरी इलाकों और बड़ी-बड़ी पार्टियों में देखा जा रहा है। ज्यादातर युवा इस भ्रम में है कि यह शराब और सिगरेट की तुलना में ज्यादा तृप्ति देता है और सेहत के लिए सिगरेट जितना नुकसानदेय नही है। 

New Addiction Among Youth: न्यू साइकोएक्टिव सब्सटेंस का नशा का प्रचलन 

युवाओं के इस भ्रम को तोड़न के लिए दिल्ली AIIMS के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर के प्रोफेसर डॉ. यतन पाल सिंह बलहारा ने इस पर चौंकाने वाला खुलासा किया है। राष्ट्रीय मादक पदार्थ सेवन सर्वेक्षण की साल 2018 की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश की लगभग 20 प्रतिशत आबादी किसी न किसी नशे का शिकार करती है। इसमें सबसे ज्यादा नशे का सेवन किया जाता है। इसके बाद भांग और अफीम है। प्रोफेसर डॉ. पाल के मुताबिक बीते कुछ सालों में न्यू साइकोएक्टिव सब्सटेंस का नशा करने का प्रचलन बढ़ गया है। ओपीडी में भी इस तरह के केस अब ज्यादा दिखने लगे हैं। डॉ.पाल के अनुसार यह एक तरह का सिंथेटिक ड्रग्स है, इन्हें कई तरह के केमिकल्स की मदद से लैब में तैयार किया जाता है।   

New Addiction Among Youth:  गांजे जैसा असरदार

इनका नशा कोकिन या गांजे जैसा असर कर सकता है, लेकिन इसमें भारी मात्रा में केमिकल्स का उपयोग किया जाता है, जो दिखने में कैप्सूल जैसा होता है। आज के युवा यह सोचते हैं कि यह ज्यादा खतरनाक नहीं है, लेकिन हार्ट बीट के अचानक बढ़ने से लेकर हाई बीपी तक का रिस्क होने का खतरा रहता है। इसका अधिक सेवन जानलेवा भी साबित हो सकता है। बावजूद इसके युवाओं में इसका चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है। 

New Addiction Among Youth:  नशा का सीधे ब्रेन पर प्रभाव

डॉ. पाल बताते हैं कि ऐसे लोगों को मानसिक तनाव के कारण नशा करते हैं और उन्हें कुछ समय के बाद इसकी लत लग जाती है। हर तरह के नशे में ऐसी चीजें मिलाई जाती हैं, जो सीधे ब्रेन पर प्रभाव डालती हैं। नशा करने से शरीर में डोपामाइन हार्मोन रिलीज होता है, जिससे नशा करने वाले व्यक्ति को अच्छा महसूस होता है। उन्होंने आगे बताया कि अगर आप इस लत को छोड़ना चाहते हैं तो आप डॉक्टर काउंसलिंग, दवाओं और थेरेपी की मदद से  छुटकारा पा सकते हैं। 

ये भी पढ़ें: Dipika Kakar Health Update: कैंसर से जूझ रहीं दीपिका की इम्यूनोथेरेपी के बाद बढ़ी मुश्किलें, शरीर में दर्द और बुखार की शिकायत

अन्य प्रमुख खबरें