मुंबई में बारिश के बीच डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस और स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ा, BMC ने जारी की चेतावनी

खबर सार :-

मुंबई में लगातार हो रही बारिश से लोगों में बारिश के बीच डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस और स्वाइन फ्लू के मामले देखने को मिल रहे हैं। स्थानीय लोगों में इसके केस काफी तेजी से देखने को मिल रहे हैं।
मुंबई में बारिश के बीच डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस और स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ा, BMC ने जारी की चेतावनी

खबर विस्तार : -

Mumbai Monsoon: मुंबई में बारिश इस साल कहर बनकर बरस रही है। लगातार हो रही बारिश के बीच डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस और स्वाइन फ्लू के कई मामले देखने को मिले हैं। इसका सबसे बड़ा कारण शहर भर में बारिश के पानी का जगह-जगह पानी और गंदगी का जमा होना है। जिससे इन बीमारियों के मामले हर दिन बढ़ रहे हैं। ऐसे में खुद को और अपने परिवार को किस तरह सुरक्षित रखा जा सकता है, चलिए जानते हैं। 

मॉनसून में डेंगू-मलेरिया के खतरे बढ़े

देशभर में मॉनसून ने दस्तक दे दी है, कहीं बारिश से लोगों को राहत मिल रही है तो किसी जगह लोग बाढ़ आने से परेशान हैं। बात करें देश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले मुंबई को तो यहां लोगों को बारिश के कारण बाढ़ के साथ-साथ की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि जगह-जगह बारिश का पानी इकट्ठा होने के कारण लोगों में डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस और स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ की स्थिति होने के कारण लोगों को अपने रोजमर्रा काम के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। इस दौरान उन्हें बाढ़ वाली रास्तों से होकर जाना पड़ रहा है, जिस कारण उनमें लेप्टोस्पायरोसिस होने का खतरा बढ़ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा उन लोगों को होता है, जिनके शरीर में पहले से घाव, कट या मामूली खरोंच लगी हो। हाल ही में BMC (Brihanmumbai Municipal Corporation) ने चेतावनी देते हुए लोगों से अपील की है कि इन बीमारियों से बचने का प्रयास करें। 

BMC की बड़ी कार्रवाई

इस बात की चिंता बढ़ाने के पीछे सबसे बड़ा कारण हर साल इसके बढ़ते आंकड़े हैं। बता दें कि पिछले साल के आंकड़ों के अनुसार जुलाई के आखिरी हफ्तों में डेंगू के मामलों में करीब 58 प्रतिशत और लेप्टोस्पायरोसिस के मामलों में करीब 79 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी देखी दर्ज की गई। इस साल भी मॉनसून के दौरान बढ़ती बीमारियों को देखकर चिंता जताई जा रही है। BMC ने लोगों को सावधान रहने के साथ ही मॉनसून से पहले ही इस समस्या से निपटने के लिए बड़ा अभियान शुरु कर दिया था। इसमें निगम के कीटानाशक विभाग ने कुछ महीनों में शहर के अलग-अलग हिस्सों में कई बार दौरा किया। इस दौरान 30 लाख से ज्यादा घरों के आसपास फॉगिंग करवाई, जिससे मच्छरों के पैदा होने और बढ़ने वाली जगहों को खत्म किया जा सके।  

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से की अपील  

इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि जिन लोगों को बारिश के पानी और कीचड़ से होकर जाना पड़ रहा है, उन्हें जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करने की जरुरत है। इसके साथ ही विभाग ने यह भी कहा है कि मॉनसून के मौसम में बुखार होने पर इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। इस मौसम में घरेलू उपाय के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना ज्यादा सुरक्षित है। 

अन्य प्रमुख खबरें