आप भी 16:8 इंटरमिटेंट फास्टिंग अपनाते हैं? नई रिसर्च ने दिल की सेहत को लेकर बढ़ाई चिंता

खबर सार :-

अगर आप कुछ विशेष तरह की दवाइंया लेते हैं तो संभल जाइए। हाल ही में एक रिसर्च के माध्यम से ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी को चौंका दिया। जिन लोगों पहले से ही डायबिटीज, हाई बीपी या हार्ट से संबंधित परेशानी हैं, उन्हें ध्यान देने की जरुरत है।
आप भी 16:8 इंटरमिटेंट फास्टिंग अपनाते हैं? नई रिसर्च ने दिल की सेहत को लेकर बढ़ाई चिंता

खबर विस्तार : -

Intermittent Fasting: अगर आप कुछ विशेष प्रकार की दवाइंया लेते हैं, डायबिटीज, हाई बीपी या हार्ट अटैक जैसी परेशानियों से जूझ रहे हैं या  उपवास रखते हैं तो आपको थोड़ा संभलने की जरुरत है। हाल ही में हुई एक रिसर्च में हुए खुलासे ने हर किसी को  हैरान कर दिया। अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य ऐसा कर रहा है तो आपको रिसर्च में हुए खुलासे पर ध्यान देना चाहिए।

 क्या आप भी अपनाते हैं 16:8 नियम, तो हो जाइए सावधान

आजकल लोगों के चेंज होते लाइफस्टाइल के कारण डायबिटीज, हार्ट और हाई बीपी जैसी परेशानियां देखने को मिल रही है। इसके लिए लोग विशेष तरह की दवाइयां भी लेते हैं। इसके अलावा आज की दुनिया में लोग उपवास केवल धार्मिक के लिए नहीं बल्कि अपने फिटनेस के लिए भी कर रहे हैं। 16:8 जैसे नियम और दिन में केवल एक बार खाना लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बनते जा रही है। लोगों ने ऐसा मान लिया है कि कम खाने से वजन जल्दी घट जाएगा और बॉडी हेल्दी रहेगी। इस प्लान की शुरुआत में लोगों को फायदा होता भी नजर आता है। इस दौरान लोगों को वजन कम होने, शुगर कंट्रोल होने और कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद मिलती है, लेकिन हाल ही में आई नई रिसर्च ने सभी के होश उड़ा दिए हैं। 

कम समय में खाना खाने वाले लोगों में दिल का खतरा ज्यादा- रिसर्च

हाल ही में 20 हजार से अधिक लोगों पर एक रिसर्च की गई, जो दिन में सिर्फ 8 घंटे या उससे कम समय में खाना खाते हैं, उनमें दिल से संबंधित बीमारियों का खतरा अधिक पाया गया। कुछ केस में यह खतरा 91 प्रतिशत से अधिक तक पाया गया है। हालांकि इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं है कि उपवास करना हर किसी के लिए नुकसान साबित हो सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक लंबे समय से उपवास रखने के कारण शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। ब्लड में शर्करा का लेवल तेजी से घटता-बढ़ता है, तनाव से संबंधित हार्मोन बढ़ते हैं। इससे वसा का लेवल भी प्रभावित होता है। हालांकि अध्ययन में कहा गया है कि सभी लोगों पर यह समान रुप से लागू नहीं होता है। 

लंबे अंतराल तक भोजन न करना हार्मोन को प्रभावित कर सकता है

एक्सपर्ट का ये भी मानना है कि लंबे अंतराल तक भोजन न करना, शुगर, खनिज तत्व और हार्मोन पर बुरा प्रभाव डाल सकता है, जिससे दिल की धड़कन प्रभावित हो सकती है। इसका दूसरा बड़ा कारण है पानी की कमी। जब लोग लंबे समय तक कुछ खाते नहीं हैं तो वे पानी भी बहुत कम पीते हैं। जिससे शरीर में जरुरी खनिज तत्वों की कमी हो जाती है। जो लोग उपवास करते हैं, उन्हें ध्यान देने की जरुरत है कि उपवास समान रुप से सुरक्षित नही कहा जा सकता है। जो लोग पहले से ही दवाइंया लेते हैं उनके लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है।

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