25 लाख में बना सामुदायिक भवन पर पाबंदी,  महापौर ने जताई नाराजगी

खबर सार :-

सामुदायिक भवन का संचालन कर रहे व्यक्ति ने इस पर अपना ताला डाल दिया है। इससे माहोल तनाव पूर्ण हो गया है।
सामुदायिक भवन के उपयोग की अनुमति नहीं मिलने पर भड़के लोग, निगम पहुंचकर महापौर से लगाई गुहार

खबर विस्तार : -

धमतरी, क्षंत्र के नवागांव वार्ड में निर्मित सामुदायिक भवन के उपयोग की अनुमति नहीं मिलने से नाराज हुए लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह आवाज आसपास रह रहे संबंधित अधिकारियों तक पहुंची। महापौर से जब षिकयत की गई तो उन्होंने भी नाराजगी जताई। उधर पार्षद ने अधिकारियों से मिलकर षिकायत करने का भरोसा दिया है। जब यह जानकारी दूसरे लोगों को हुई तो उनमें से कुछ लोग महापौर से शिकायत करने पहुंच गए। इससे मामला और तूल पकड़ने लगा।

केंद्र का संचालन कर रहे व्यक्ति ने मना कर दिया

महापौर ने पूरे मामले की जानकारी की तो पता चला कि लोग सही कह रहे हैं। बता दे की नयागांव वार्ड में निर्मित सामुदायिक भवन की उपयोग की अनुमति नहीं दी गई है। इससे एक वर्ग के लोगों में नाराजगी है। समाज के लोगों का कहना है कि सामुदायिक भवन का निर्माण सभी लोगों के लिए कराया गया था। लेकिन इसे बंद कर दिया जाता है। सभी एकत्रित हुए लोगों ने मांग की किीइसमें ताला ना डाला जाए, लेकिन केंद्र का संचालन कर रहे व्यक्ति ने मना कर दिया। ऐसे में गुरुवार को नयागांव वार्ड के लोग कार्यालय पहुंचे और नयागांव वार्ड के रहवासी नगर निगम कार्यालय में महापौर रामू रोहना के समक्ष सभी ने अपनी बातें रखीं।

महापौर ने एक-एक व्यक्ति से मुलाकात किया और उनकी परेशानी की जानकारी की। इसके बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि सामुदायिक केंद्र तो सभी के लिए है। इसमें किसी वर्ग और जाति का तो मतलब ही नहीं बनता है। उन्होंने इसका उपयोग करने के लिए केंद्र का ताला चाबी भी पता किया। नयागांव वार्ड क्रमशः 8 में पुराने सरकारी तालाब के पास आंगनबाड़ी के समीप बना है। पहले की सरकार के समय में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए तीन करोड़ की रकम पास कराई गई थी। इसके बाद इसमें काम शुरू हुआ था और पार्षदों की सहमति भी थी।

 रोक लगाई जाने से समाज में निराशा फैल गई

इस राशि को विभाजित करके 40 वार्ड में 66 वार्ड के समूह में 25-25 लख रुपए की लागत से सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया गया। इससे उम्मीद जगी थी कि लोगों को बड़ी राहत मिल जाएगी। लेकिन अब यह नया पेंच शुरू हो गया है। अब तक इन भवनों का उपयोग विभिन्न सामुदायिक उपयोगी के लिए किया जाता था, लेकिन नया गांव में निर्मित सामुदायिक भवन के उपयोग पर रोक लगाई जाने से समाज में निराशा फैल गई है। इस मामले को लेकर जब लोग पूर्व पार्षद आवेश हाशमी के पास गए तो उन्होंने कहा कि कई महीने से पार्षद द्वारा सामुदायिक भवन के उपयोग पर रोक लगाई जा रही है।

यह जानकारी मुझे मिली है। लेकिन ठीक नहीं है, संविधान में सभी लोगों को समानता का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा मैं इसकी शिकायत आगे बड़े अधिकारियों से करूंगा। महापौर से भी अपनी बात रखेगे। उन्होंने कहा कि लोकसभा में सभी के लिए सामान्य नियम बनाए गए है। मनमानी तरीके से कुछ लोगों को सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता है।

इस संबंध में महापौर रामू मोहरा से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि वार्ड वासियों की शिकायत मिली है। जिसे संज्ञान में लिया गया है। सामुदायिक भवन का निर्माण सभी समाज के लिए है। इसका उपयोग सभी लोग कर सकते हैं। उन्होंने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर अपनी बात रखी। उस्मान, अल्तमश, शराफत, यासीन अली, अल्ताफ, अशरफी, अनस, अली, अख्तर, अली अब्दुल कादिर, आदि मौजूद थे

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